Blue Revolution: जल निकायों में 85 करोड़ मछलियां छोड़ेगी तेलंगाना सरकार
तेलंगाना मीठे पानी के मछली उत्पादन के मामले में पांचवें स्थान पर है, जिसका मूल्य वर्ष 2022-23 में अनुमानित 6,100 करोड़ रुपये है,

तेलंगाना सरकार पूरे क्षेत्र में फैले 26,357 जल निकायों में 85.6 करोड़ मछली और 10 करोड़ झींगा छोड़ेगी। इसके लिए 107 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं, जिसके लिए पहले ही निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं।
इस योजना के तहत 'नीली क्रांति' को गति देने की उम्मीद है। सरकार के मुताबिक जलाशयों, टैंकों और अन्य जलीय आवासों सहित 26,357 जल निकायों में 82.35 करोड़ रुपये की लागत वाली मछलियों को छोड़ा जाएगा। वहीं 300 प्रमुख जल निकायों में 24.6 करोड़ रुपये मूल्य के झींगे छोड़े जाएंगे।
तेलंगाना के जल निकाय 5.73 लाख वर्ग किमी के क्षेत्र को कवर करते है। सरकार की इस योजना का मकसद लोगों को अजीविका देना है। तेलंगाना सरकार ने 2017-18 के दौरान लगभग 11,067 जल निकायों में मुफ्त मछली रोपण का वितरण शुरू किया। इसके परिणामस्वरूप 44.6 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 51.08 करोड़ मछली भंडारण किया गया, जिससे 8-10 महीने की अवधि के बाद 2.62 लाख टन मछली का उत्पादन हुआ।
वहीं तेलंगाना मीठे पानी के मछली उत्पादन के मामले में पांचवें स्थान पर है, जिसका मूल्य वर्ष 2022-23 में अनुमानित 6,100 करोड़ रुपये है। यह 2017-18 में दर्ज 1,993 करोड़ रुपये के मछली उत्पादन की तुलना में तीन गुना वृद्धि को दिखाता है। राज्य में झींगा उत्पादन में भी काफी वृद्धि हुई है, जो 2017-18 में 171.23 करोड़ रुपये के 7.78 टन से बढ़कर 2022-23 में लगभग 425 करोड़ रुपये के 11,734 टन हो गया है।












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