आंध्र प्रदेश सरकार की केंद्र से मांग, ओबुलापुरम की बंद पड़ी खदानों को हमें सौंपे सरकार
विजयवाड़ा, अगस्त 24। आंध्र प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से उन तीन खदानों को आंध्र प्रदेश खनिज विकास निगम (APMDC) को आवंटित करने का आग्रह किया है जो 2009 से ही बंद पड़ी हुई हैं। यह तीन खदानें ओबुलापरम में स्थित हैं। आंध्र प्रदेश सरकार के खदान और जियोलॉजी मंत्री वीजी वेंकट रेड्डी ने कहा है कि इन खदानों को APMDC को सौंपने से कडप्पा इस्पात संयंत्र की लौह अयस्क की आवश्यकता को पूरा किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सोमवार को अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपे गए एक ज्ञापन में केंद्र से ओबुलापुरम में तीन लौह अयस्क खदानों को एपीएमडीसी को आवंटित करने का आग्रह किया। दरअसल, राज्य सरकार 2019 से केंद्र से इसके लिए अनुरोध कर रही है।
मंगलवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में, वेंकट रेड्डी ने कहा कि एपीएमडीसी को लौह अयस्क खदानों के आवंटन के अनुरोध के पीछे कडप्पा स्टील प्लांट के चालू होने के बाद कच्चे माल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इससे न केवल सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
अनंतपुर जिले के ओबुलापुरम में छह लौह अयस्क खदानों को 1956 से 2007 तक पट्टे पर दिया गया था। 2009 में अवैध खनन के आरोपों के बाद, सरकार ने सभी छह खदानों के पट्टे निलंबित कर दिए थे। इस बीच, ओबुलापुरम अवैध खनन मामले में मुकदमा अभी भी जारी है।












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