Andhra Pradesh News: एपीसीओबी ने 175 प्रतिशत की विकास दर हासिल की
मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के मुताबिक प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पीएसीएस) को पहले ही रायथु भरोसा केंद्रों (आरबीके) के साथ एकीकृत किया जा चुका है। अब उन्होंने जिला सहकारी विपणन समितियों को और मजबूत करने के तरीकों और साधनों का अध्ययन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सीएम ने कहा कि वो चाहते थे कि जिला सहकारी विपणन समिति (डीसीएमएस) राज्य सरकार के बाजार हस्तक्षेपों में एक प्रमुख भूमिका निभाए, जो स्थिति की मांग के अनुसार शुरू की जाती है। वहीं प्राथमिक और माध्यमिक खाद्य प्रसंस्करण प्रणालियों को डीसीएमएस के साथ एकीकृत करना चाहिए। इन सब मुद्दों को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सहकारी समितियों की समीक्षा बैठक हुई। जिसमें अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई।

सीएम ने कहा कि गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण देकर कृषक समुदाय और महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को समर्थन देने के लिए अध्ययन आवश्यक है। जगन ने कहा कि सभी पैक्स को पेशेवर बनाया जाना चाहिए। साथ ही नवंबर तक वो पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत हो जाएं।
वहीं अधिकारियों ने उन्हें बताया कि राज्य भर के सभी पीएसीएस में वित्तीय लेनदेन का मूल्य पिछले चार वर्षों में 11,884.97 करोड़ रुपये से बढ़कर 21,906 करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही 400 पैक्स घाटे से बाहर आ गए हैं, तो सीएम ने खुशी जाहिर की। साथ ही पैक्स और डीसीसीबी को लाभ देने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
दूसरी ओर सीएम को बताया गया कि एपीसीओबी ने पिछले चार वर्षों में 175 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है क्योंकि इसका वित्तीय लेनदेन 13,322.55 करोड़ रुपये से बढ़कर 36,732.43 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि इसकी गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का मूल्य बढ़ गया है।












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