बाजार की हलचल के बीच लॉन्ग-टर्म मेगा ट्रेंड्स पर क्यों है बजाज फिनसर्व एएमसी की नजर
आज के दौर में बाजारों पर अंतरराष्ट्रीय खबरों, भू-राजनीतिक तनाव और अल्पकालिक भावनाओं का असर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए चिंता स्वाभाविक है। लेकिन बजाज फिनसर्व एएमसी के सीआईओ निमेश चंदन के अनुसार, असली अवसर बाजार के शोर पर प्रतिक्रिया देने में नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म मेगाट्रेंड्स पर आधारित निवेश रणनीति अपनाने में है।पिछले डेढ़ साल में बाजार की चाल पर खबरों का असर काफी ज्यादा रहा है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी है।

हालांकि प्रमुख सूचकांक अपने सबसे ऊंचे स्तर से ज्यादा नीचे नहीं हैं, फिर भी बढ़ती अस्थिरता ने निवेशकों को असहज किया है। चंदन का मानना है कि ऐसे दौर निवेशकों के धैर्य और विश्वास की परीक्षा लेते हैं, लेकिन साथ ही अनुशासित निवेश के लिए अच्छे अवसर भी पैदा करते हैं।
फर्म की रणनीति हमेशा लंबे समय के बड़े ट्रेंड्स पर ध्यान देने की रही है, न कि तुरंत बदलती परिस्थितियों के आधार पर फैसले लेने की। हर छोटी-बड़ी खबर पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय, पोर्टफोलियो को ऐसे आर्थिक और कारोबारी बदलावों के अनुरूप रखा जाता है जो लंबे समय में विकसित होते हैं।
उनका कहना है कि लगातार बाजार की हलचल के बीच इस सोच पर टिके रहना आसान नहीं होता, लेकिन स्थायी संपत्ति निर्माण के लिए यह बेहद जरूरी है। इस समय निवेश रणनीति को प्रभावित करने वाले मेगाट्रेंड्स में अभी और लंबे समय, दोनों तरह के अवसर हैं।
इंडस्ट्रियल और मटेरियल सेक्टर में पावर, मेटल्स और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में तेजी दिखाई दे रही है, जिसे इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और घरेलू मांग का समर्थन मिल रहा है। वहीं, दुनिया भर में तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा से कॉपर और एल्युमिनियम जैसी धातुओं की मांग भी बढ़ रही है, जिससे इनके लंबे समय के निवेश की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब देश और कंपनियां "जस्ट-इन- टाइम" मॉडल से हटकर "जस्ट-इन-केस" रणनीति अपना रही हैं, यानी संभावित बाधाओं से बचने के लिए जरूरी संसाधनों का पहले से भंडारण किया जा रहा है। इससे कमोडिटी आधारित कारोबारों, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े क्षेत्रों, के लिए सकारात्मक माहौल बना है। देश में बढ़ती क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर नीतियां और मजबूत घरेलू बैलेंस शीट भी इन ट्रेंड्स को सहारा दे रही हैं।
फाइनेंशियल और हेल्थकेयर सेक्टर को इसका फायदा मिल रहा है, जबकि टेलीकॉम और टेक्सटाइल जैसे चुनिंदा क्षेत्रों में भी अवसर उभर रहे हैं। चंदन का मुख्य संदेश साफ है - बाजार की अस्थिरता से लॉन्ग-टर्म सोच प्रभावित नहीं होनी चाहिए। जिस तरह तेज लहरों के बीच दूर के लक्ष्य पर नजर रखने से संतुलन बना रहता है, उसी तरह मेगाट्रेंड्स पर आधारित निवेश रणनीति निवेशकों को मुश्किल बाजार हालात में सही दिशा दे सकती है। लंबे समय में संपत्ति निर्माण हमेशा अनुशासित और दूरदर्शी निवेश से हुआ है, न कि हर उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया देने से।












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