छत्तीसगढ़ में 375 करोड़ होंगे खर्च, 3 जिले में 6 ब्लाकों के 331 गांवों में अब घरों तक पहुंचेगा पानी
अफसरों की मानें तो इस योजना में उन गांवों को चयनित किया गया है जहां, ग्राउंड वाटर लेवल काफी कम है। ताकि यहां के ग्रामीणों को घरों तक पानी पहुंचाकर दिया जा सके।

मोंगरा बैराज से ठेलकाडीह तक पानी लाया जाएगा। इसके लिए 375 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। एक साल पहले इसका सर्वे पूरा किया जा चुका है। दूसरी बार इसका टेंडर कॉल किया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इसका वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। इस योजना से तीन जिले के छह ब्लॉकों के 331 गांवों में घर-घर तक पानी पहुंचाया जाएगा। सप्लाई के लिए 70 हजार से अधिक नल कनेक्शन दिए जाएंगे।
अफसरों की मानें तो इस योजना में उन गांवों को चयनित किया गया है जहां ग्राउंड वाटर लेवल काफी कम है। ताकि यहां के ग्रामीणों को घरों तक पानी पहुंचाकर दिया जा सके। इसके लिए स्वीकृति राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के द्वारा दी गई थी। जिसकी शीर्ष समिति के द्वारा इसकी स्वीकृति दी गई।
योजना की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद टेंडर लगाया जा चुका है। यह भी जानकारी मिली है कि गत वर्ष इसके लिए सर्वे किया गया था, उसमें ही कम से कम चार करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। बताया गया कि इसके अलावा बुढ़ानभाठ समूह, एलबी नगर और माथलडबरी समूह जल प्रदान योजना की स्वीकृति दी गई थी। बुढ़ानभाठ में 50 करोड़, एलबी नगर के लिए 47 करोड़ और माथलडबरी समूह जल प्रदाय योजना के लिए 23 करोड़ 29 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।
पानी सप्लाई के लिए अलग-अलग गांवों को मिलाकर ग्रुप तैयार किया गया है। पीपरखार ग्रुप में 28 गांवों को शामिल किया गया है। चिल्हाटी ग्रुप में 53 गांव, थुहाडबरी ग्रुप में 22, आयबांधा ग्रुप में 18, रातापायली ग्रुप में 13 और ठेलकाडीह ग्रुप में 196 गांवों को शामिल किया गया है। साफ पानी घरों तक पहुंचाने की योजना पर गंभीरता के साथ काम कर रहे हैं।
राजनांदगांव में मोंगरा समूह जल प्रदान योजना के तहत 331 गांव लाभान्वित होंगे। इसमें 70 हजार से अधिक नल कनेक्शन दिए जाएंगे। बुढ़ानभाठ समूह जल प्रदाय योजना में 31 गांवों को शामिल किया गया है। इसमें 7 हजार 300 नल कनेक्शन, एलबी नगर समूह जल प्रदाय योजना के तहत 20 गांवों में 6218 नल कनेक्शन और माथलडबरी समूह जल प्रदाय योजना के तहत 4115 कार्यात्मक नल कनेक्शन दिए जाएंगे।
राजनांदगांव जिले में राजनांदगांव ब्लॉक में 104 गांव, डोंगरगढ़ के 28, डोंगरगांव में 13, छुरिया में 19 गांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के खैरागढ़ ब्लॉक के 64 गांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के चौकी ब्लॉक के 103 गांवों के ग्रामीण इस योजना से लाभान्वित होंगे।
इधर सोमनी इलाके के 24 गांव में नल से पानी पहुंचाने 28 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसे धीरी प्रोजेक्ट का नाम दिया गया है। लेकिन यह प्रोजेक्ट पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। जिस स्थान में इंटेकवेल बनाया गया है, वहां पानी का स्टापेज नहीं हैं। हाल ही में मोंगरा बैराज का पानी शिवनाथ के माध्यम से इंटेकवेल वाली जगह पर पहुंचा, लेकिन इसके बाद भी जरूरत के मुताबिक पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। अफसर हर बार अलग-अलग बहाने कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों की समस्या नहीं सुलझ पा रही है।
इस संबंध में पीएचई के ईई समीर शर्मा ने बताया कि सर्वे के बाद इस योजना के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। दूसरी बार टेंडर कॉल किया गया है। उम्मीद है कि वर्कऑर्डर जारी होने के बाद काम जल्द शुरू हो जाएगा। इससे 331 गांवों के ग्रामीणों को राहत मिलेगी। ये उन गांवों के लिए योजना बनी है जहां ग्राउंड वाटर लेवल काफी कम है।












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