Diwali 2025: 5, 11 या 21 कितने चांदी के सिक्कों से करनी चाहिए दिवाली की पूजा? जान लें सही संख्या और तरीका
Diwali 2025: दिवाली को रोशनी और समृद्धि का पर्व कहा जाता है। घर, नौकरी और व्यवसाय में धन, सुख और खुशहाली लाने के लिए इस दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस अवसर पर चांदी और सोने के सिक्कों के पूजन का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी के सिक्के लक्ष्मी माता और धन के प्रतीक माने जाते हैं। इस दिन घर के मंदिर में चांदी के सिक्के रखकर पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इससे परिवार की सुख-समृद्धि बनी रहती है।
चांदी के सिक्कों की पूजा के पीछे एक मान्यता यह भी है कि घर में सुख-शांति रहती है। परिवार के सदस्यों के बीच झगड़े नहीं होते हैं। महिलाओं को चांदी पहनने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे शुक्र मजबूत होता है। मान्यता है कि चांदी जीवन में शांति और खुशहाली लेकर आता है।

Diwali 2025 पर कितने सिक्कों से की जानी चाहिए पूजा
⦁ विशेष ग्रंथों और ज्योतिषीय सुझावों के अनुसार, दिवाली पर कम से कम 5 चांदी के सिक्के घर में पूजा के लिए रखे जाने चाहिए। इन सिक्कों को आमतौर पर लक्ष्मी पूजा के समय पूजा स्थान पर सजाया जाता है। कुछ परिवार 11 या 21 सिक्कों का भी पूजन करते हैं। 11 और 21 को भी शुभ अंक माना जाता है।
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⦁ ऐसी मान्यता है कि अगर आपने मन में कोई मन्नत या इच्छा रखी है तो 5, 11 या 21 सिक्कों को एक लाल पोटली में बांधकर घर के मंदिर में रख दें। जब वह मन्नत पूरी हो जाए, तो उसे गरीबों में दान कर सकते हैं।
⦁ सिक्कों को पहले साफ करके और हल्के लाल या पीले रंग के वस्त्र पर रखकर पूजा करना चाहिए। इन्हें ध्यानपूर्वक लक्ष्मी माता की मूर्ति या चित्र के सामने रखा जाता है। पूजन के दौरान दीपक जलाना और सुगंधित अगरबत्ती या धूप करना भी लाभकारी माना जाता है।
Silver Coins से पूजा का होता है विशेष महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सिक्कों की संख्या जितनी अधिक होगी, घर में धन और सुख की वृद्धि उतनी ही अधिक होगी। अगर आपके पास कम संख्या में सिक्के हैं, तो एक सिक्के को भी घर के मंदिर में रखकर पूरी श्रद्धा के साथ पूजा कर सकते हैं। दिवाली के मौके पर सिक्कों के साथ-साथ रुपये, गहने और अन्य धातु के बर्तन भी पूजा में रखे जा सकते हैं।
पूजा के बाद, सिक्कों को घर के किसी सुरक्षित स्थान पर रखें या व्यापार में उपयोग करें, ताकि धन का प्रवाह निरंतर बना रहे। 5,11 या 21 चांदी के सिक्कों की पूजा न केवल धार्मिक और पारंपरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह घर और व्यवसाय में समृद्धि और सुख‑शांति लाने का भी प्रतीक है।
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