PM Modi Slovakia Visit: स्लोवाकिया में PM मोदी का 'नमक-रोटी' से क्यों हुआ स्वागत? अनोखे परंपरा का वीडियो वायरल
PM Modi Slovakia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे के दौरान स्लोवाकिया पहुंचे, जहां उनका स्वागत एक खास परंपरा के साथ किया गया। एयरपोर्ट पर उन्हें 'ब्रेड एंड सॉल्ट' यानी रोटी और नमक भेंट किया गया। पहली नजर में यह तरीका थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन स्लोवाकिया और दूसरे स्लाविक देशों में यह सम्मान और दोस्ती का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
खास बात यह है कि 1993 में स्लोवाकिया के गठन के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है। ऐसे में यह स्वागत सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का भी संदेश माना जा रहा है।

Why PM Modi Welcomed With Bread And Salt: आखिर PM मोदी को क्यों दी गई 'ब्रेड एंड सॉल्ट'?
स्लोवाकिया में किसी खास मेहमान का स्वागत ब्रेड और सॉल्ट देकर करना सदियों पुरानी परंपरा है। इसे सम्मान, दोस्ती और गुडविल का प्रतीक माना जाता है। जब कोई विदेशी नेता या महत्वपूर्ण मेहमान देश में आता है तो उसे यह भेंट देकर बताया जाता है कि वह यहां सम्मानित अतिथि है। पीएम मोदी के स्वागत में भी यही परंपरा निभाई गई। इससे स्लोवाकिया ने साफ संदेश दिया कि भारत उसके लिए एक अहम पार्टनर है और वह रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाना चाहता है।
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Slovakian Tradition Bread and Salt Meaning: ब्रेड और नमक का क्या होता है मतलब?
इस परंपरा में दोनों चीजों का अलग-अलग महत्व है। ब्रेड को समृद्धि, भोजन और जीवन का प्रतीक माना जाता है। इसका मतलब है कि मेहमान के साथ खुशहाली और संसाधन साझा किए जा रहे हैं। वहीं नमक को वफादारी, भरोसे और लंबे समय तक चलने वाली दोस्ती का प्रतीक माना जाता है। यूरोप के कई हिस्सों में नमक को सुरक्षा और रिश्तों की मजबूती से भी जोड़ा जाता है। इसलिए किसी को ब्रेड और सॉल्ट देना सिर्फ स्वागत नहीं बल्कि सम्मान और भरोसे का संदेश होता है।
क्यों खास है मोदी की स्लोवाकिया यात्रा?
यह यात्रा इसलिए ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि स्लोवाकिया के स्वतंत्र देश बनने के बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां पहुंचा है। इससे पहले दोनों देशों के रिश्ते अच्छे रहे हैं, लेकिन इतनी हाई-लेवल यात्रा कभी नहीं हुई। पीएम मोदी का यह दौरा भारत की यूरोप नीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, टेक्नोलॉजी, डिफेंस और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ सकता है। इसलिए इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
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किन मुद्दों पर होगी बड़ी बातचीत?
ब्रातिस्लावा में पीएम मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से मुलाकात करेंगे। बातचीत का फोकस ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस और नई टेक्नोलॉजी पर रहने की उम्मीद है। इसके अलावा दोनों देश सप्लाई चेन, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं। भारतीय कंपनियों के लिए यूरोप में नए अवसर और स्लोवाकिया के लिए भारत जैसे बड़े बाजार तक पहुंच भी इस बैठक का अहम एजेंडा मानी जा रही है।
स्लोवाकिया के बाद क्या है मोदी का अगला प्लान?
स्लोवाकिया में दो दिन के कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी फिर फ्रांस जाएंगे, जहां वह G7 Summit में हिस्सा लेंगे। इस समिट में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, AI, सुरक्षा, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। मोदी कई देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। ऐसे में स्लोवाकिया दौरा सिर्फ एक पड़ाव नहीं बल्कि यूरोप में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक भूमिका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












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