CM Kisan Kalyan Yojana: जून का आधा महीना बीता, नहीं आई 14वीं किस्त, आखिर कब मिलेगा किसानों को पैसा?
CM Kisan Kalyan Yojana 14th Installment: मध्य प्रदेश के लाखों किसान इन दिनों मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जून का दूसरा सप्ताह भी लगभग समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक किसानों के खातों में योजना की अगली किस्त नहीं पहुंची है।
ऐसे में किसानों के बीच लगातार यह सवाल उठ रहा है कि आखिर 14वीं किस्त कब जारी होगी और क्या सरकार इसे लेकर कोई बड़ा फैसला लेने जा रही है? इस बीच सोशल मीडिया और किसान समूहों में एक नई चर्चा भी तेजी से फैल रही है।

दावा किया जा रहा है कि 14वीं किस्त में हुई देरी को देखते हुए राज्य सरकार 14वीं और 15वीं किस्त को एक साथ जारी कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो किसानों को एकमुश्त 4000 रुपये का लाभ मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
CM Kisan Kalyan Yojana 14वीं किस्त को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
आमतौर पर योजना की किस्तें निर्धारित अंतराल पर जारी की जाती हैं, लेकिन इस बार 14वीं किस्त में हो रही देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के कई जिलों से किसान लगातार यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि किस्त कब आएगी और क्या किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से भुगतान रुका हुआ है।
किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है और इस समय उन्हें बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि जरूरतों के लिए धन की आवश्यकता है। ऐसे में योजना की राशि उनके लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
Reason CM kisan Yojana Delay: क्या 14वीं और 15वीं किस्त एक साथ मिल सकती है?
हाल के दिनों में यह चर्चा काफी तेजी से फैल रही है कि सरकार दोनों किस्तों को एक साथ जारी करने पर विचार कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो किसानों के खातों में एक साथ 4000 रुपये जमा हो सकते हैं। हालांकि, सरकार और कृषि विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अभी तक राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए इसे केवल अटकल या चर्चा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
क्यों हो रही है 14वीं किस्त में इतनी देरी?
अधिकारियों के मुताबिक, बजट की कोई कमी नहीं है क्योंकि सरकार ने बजट में किसान कल्याण योजनाओं के लिए 5,500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है। देरी की मुख्य वजहें तकनीकी जांच हैं:
फर्जी लाभार्थियों की छंटनी: योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा वेरिफिकेशन (आंकड़ों का मिलान) चल रहा है।
लैंड रिकॉर्ड और आधार लिंकिंग: राजस्व रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी) का मिलान सीधे किसानों के आधार कार्ड से किया जा रहा है।
e-KYC और DBT स्टेटस: कई किसानों के बैंक खाते डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के लिए इनेबल्ड नहीं हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पैसा सीधे सही हकदार के खाते में ही जाए, जिससे इस प्रक्रिया में वक्त लग रहा है।
जून के आखिर तक आ सकती है किस्त?
कई किसान संगठनों और स्थानीय स्तर पर चल रही चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि 14वीं किस्त जून के अंतिम सप्ताह तक जारी हो सकती है। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि भुगतान कब तक होगा। जब तक राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक सूचना जारी नहीं होती, तब तक किसी भी तारीख को अंतिम नहीं माना जा सकता।
ऐसे में लाखों किसानों को फिलहाल सरकार के आधिकारिक ऐलान का इंतजार करना होगा। खरीफ सीजन के बीच किसानों की उम्मीदें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में सरकार जल्द कोई बड़ा अपडेट जारी करे और लंबे समय से अटकी किस्त उनके खातों में पहुंच सके।














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