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कोलकाता के सोनागाछी में सेक्स वर्कर्स ने मनाई भाई दूज, समाज में समावेशिता और सम्मान की पेश की नई मिसाल

Kolkata News: कोलकाता के प्रसिद्ध सोनागाछी क्षेत्र में भाई दूज का उत्सव हर साल अद्वितीय जोश और अपनत्व का प्रतीक बनकर आता है। इस त्योहार का आयोजन दरबार महिला समन्वय समिति द्वारा किया जाता है। जो सेक्स वर्कर्स का एक संगठन है। भाई दूज का यह आयोजन न सिर्फ परंपरागत अनुष्ठानों का पालन करता है। बल्कि समाज के हाशिये पर रह रहे सेक्स वर्कर्स को भी मुख्यधारा में जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल का प्रतीक है। यह आयोजन समाज में समावेशिता, सम्मान और एकता का एक प्रेरणादायक संदेश देता है।

भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक भाई दूज

भाई दूज भारत के सांस्कृतिक इतिहास में गहराई से बसा एक पवित्र त्योहार है। यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत करता है। जिसमें बहनें भाइयों की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करते हुए उनके माथे पर तिलक लगाती हैं। इस त्योहार का उत्सव देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। जैसे महाराष्ट्र में भाई टीका बंगाल में भाई फोंटा और दक्षिण में यम द्वितीया। हर नाम और हर राज्य में इस त्योहार का महत्व एक ही है। भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और सुरक्षा का भाव।

bhai dooj

पौराणिक कथाओं से जुड़ा भाई दूज का महत्व

भाई दूज की पौराणिक कथा इसे और भी खास बना देती है। मान्यता के अनुसार इस दिन देवी यमुना ने अपने भाई यमराज को अपने घर आमंत्रित किया था। यमराज ने अपनी बहन की इस स्नेहपूर्ण भेंट का आदर करते हुए वचन दिया कि इस दिन बहनों द्वारा की गई प्रार्थना उनके भाइयों को जीवनभर सुरक्षा प्रदान करेगी। यम द्वितीया के इस पौराणिक पहलू से जुड़े अनुष्ठान भाई दूज के महत्व को और भी गहरा बनाते हैं।

दरबार महिला समन्वय समिति की पहल

दरबार महिला समन्वय समिति की सचिव बिशाखा लस्कर ने इस त्योहार को और भी व्यापक बनाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि हम इसे कई वर्षों से करते आ रहे हैं और अगले साल इसे और भी बड़े स्तर पर मनाने की योजना बना रहे हैं। लस्कर ने स्पष्ट किया कि भले ही वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लोगों को आमंत्रित नहीं कर पाएंगे। लेकिन वे इस अनूठे उत्सव के माध्यम से एक मजबूत संदेश देना चाहते हैं। उनका उद्देश्य सेक्स वर्कर्स के जीवन में भाई-बहन के प्रेम और समर्पण के प्रतीक को जीवंत करना है। ताकि समाज में उन्हें स्वीकृति और सम्मान मिल सके।

सामाजिक बंधनों के परे प्रेम और एकता का संदेश

सोनागाछी में भाई दूज मनाने का यह उत्सव भाई-बहन के रिश्तों की सार्वभौमिकता को स्थापित करता है। जो सामाजिक भेदभावों और पूर्वाग्रहों से ऊपर है। यह आयोजन इस बात का उदाहरण है कि प्रेम और पारिवारिक बंधन सबसे अप्रत्याशित स्थानों पर भी पनप सकते हैं। दरबार महिला समन्वय समिति द्वारा अगले साल इस पर्व को बड़े स्तर पर मनाने की योजना समाज में सेक्स वर्कर्स को सम्मान और समानता दिलाने के प्रयास का एक महत्वपूर्ण कदम है।

सोनागाछी का यह उत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं। बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने, सम्मान देने और एकता का संदेश देने की एक सशक्त पहल है।

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