Kolkata Doctor Case:' सीबीआई ने ज्यादा कोशिश नहीं की', फैसले से पहले पीड़िता के पिता ने उठाए गंभीर सवाल, VIDEO
Kolkata RG Kar Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में आज सियालदह कोर्ट में फैसला सुनाया जाएगा। यह घटना पिछले साल अगस्त में घटी थी, जिसने पूरे पश्चिम बंगाल में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया था। इस मामले में आज सियालदह कोर्ट में न्याय का फैसला आएगा, जबकि पीड़िता के पिता ने इस मामले को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसने सबको चौंका दिया है।
इस मामले में पीड़िता के पिता ने कहा, "हमारे वकील और सीबीआई ने हमें कोर्ट जाने से मना किया है, मुझे हाल की अदालत की कार्यवाही की कोई जानकारी नहीं है... सीबीआई ने हमें कभी भी जांच के बारे में विस्तार से नहीं बताया, वे हमारी घर पर एक या दो बार आए, लेकिन जब भी हमने उनसे पूछताछ की, उन्होंने हमेशा कहा कि जांच जारी है।"

सीबीआई की जांच पर उठाये सवाल
उन्होंने आगे कहा, "मेरी बेटी की गर्दन पर काटने के निशान थे, लेकिन वहां से स्वैब नहीं लिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कोई ठोस सबूत नहीं था। सीबीआई ज्यादा कोशिश नहीं कर रही है। इस मामले में कोई न कोई व्यक्ति शामिल है। डीएनए रिपोर्ट में यह देखा जा सकता है कि वहां 4 पुरुष और 2 महिलाएं मौजूद थे। हम चाहते हैं कि इस मामले में शामिल सभी लोगों को सजा मिले।"
मेडिकल कॉलेज में मिला था महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव
ज्ञात हो कि 9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 31 साल की महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव अस्पताल के कांफ्रेंस रूम में पाया गया। जांच में पता चला कि डॉक्टर का पहले बलात्कार किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई।
इस घटना के बाद कोलकाता में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए और स्वास्थ्य सेवाएं दो महीने से अधिक समय तक ठप रही। इस घटना के बाद महिलाओं और डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर कई प्रकार के सवाल उठने लगे। इसका असर पूरे देश में देखा गया।
आज आएगा फैसला, पूरे देश की टिकी है नजर
सीबीआई द्वारा दर्ज आरोप पत्र में 123 गवाहों के नाम थे, लेकिन दिसंबर 2024 तक कुल 50 गवाहों की गवाही हो पाई थी। मृतक डॉक्टर के माता-पिता ने कोर्ट में एक और याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने कहा कि सीबीआई ने उनकी पत्नी का बयान अभी तक दर्ज नहीं किया है और न ही उन्हें अदालत में गवाही देने का मौका मिला है। आज इस मामले में अदालत द्वारा फैसला सुनाए जाने की संभावना है, जिससे पूरे राज्य में न्याय की उम्मीदें जगी हुई हैं।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में अब तक क्या हुआ?
(1) घटना के तुरंत बाद, 9 अगस्त 2024 को कोलकाता में जूनियर डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस ने छह घंटे के भीतर आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया। सीसीटीवी फुटेज और एक टूटा हुआ ब्लूटूथ इयरफोन इस गिरफ्तारी का मुख्य आधार बने। 12 अगस्त 2024 को मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संदीप घोष ने इस्तीफा दिया, और 13 अगस्त को कोलकाता हाई कोर्ट ने जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी।
(2) 15 अगस्त 2024 को महिला संगठनों और नागरिक समाज द्वारा आयोजित "रीक्लेम द नाइट" अभियान के दौरान कोलकाता में महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध के बीच आरजी कर अस्पताल में अज्ञात हमलावरों ने धरना स्थल पर हमला किया।
(3) 2 सितंबर 2024 को सीबीआई ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों में अस्पताल के ठेकेदार और स्थानीय थाना प्रभारी भी शामिल थे।
(4) 3 सितंबर 2024 को, पश्चिम बंगाल विधानसभा ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से संबंधित भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो क़ानून में संशोधन करने वाला विधेयक पारित किया। इसके बाद, 8 सितंबर 2024 को ममता बनर्जी सरकार को विरोध का सामना करना पड़ा, और 14 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से मुलाकात की और उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
(5) डॉक्टरों ने सीबीआई जांच को पूरी तरह निष्पक्ष और तेज़ करने की मांग की। साथ ही, पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण की भी मांग की। इसके अलावा, अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाने और सीसीटीवी जैसी सुविधाओं में सुधार के लिए 100 करोड़ रुपये के फंड की मंजूरी दी गई थी।












Click it and Unblock the Notifications