Twisha Sharma की लाश का होगा दूसरा Postmortem, भोपाल पहुंचेगी AIIMS दिल्ली टीम, रिटायर्ड जज सास की बेल रद्द?

Twisha Sharma Second Postmortem: भोपाल में नवविवाहित ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब और ज्यादा गंभीर होता जा रहा है। इस केस में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए ट्विशा के दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति दे दी है। कोर्ट के आदेश के बाद अब दिल्ली AIIMS की स्पेशल मेडिकल टीम भोपाल आकर दोबारा जांच करेगी। इस फैसले को ट्विशा के परिवार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि शुरुआत से ही परिवार पहले पोस्टमार्टम पर सवाल उठा रहा था।

22 मई को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने माना कि मामले में कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी दोबारा और निष्पक्ष जांच जरूरी है। परिवार का आरोप है कि पहले पोस्टमार्टम में कई अहम चीजों को नजरअंदाज किया गया। सबसे बड़ा सवाल उस बेल्ट को लेकर उठ रहा है, जिससे कथित तौर पर ट्विशा ने फांसी लगाई थी। परिवार का कहना है कि वह बेल्ट फॉरेंसिक जांच टीम को नहीं सौंपी गई, जिससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

twisha-sharma-second-postmortem

माना जा रहा है कि दूसरा पोस्टमार्टम इस केस की दिशा पूरी तरह बदल सकता है। अगर नई रिपोर्ट में पहले पोस्टमार्टम से अलग तथ्य सामने आते हैं, तो जांच एजेंसियों की भूमिका और पहले की जांच प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठ सकते हैं।

इसके अलावा ट्विशा के शरीर पर चोट के निशान मिलने की बात भी सामने आई है। परिवार का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इन चोटों की सही तरीके से जांच या जिक्र नहीं किया गया। यही वजह है कि परिवार लगातार इसे आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज उत्पीड़न और हत्या का मामला बता रहा है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश पुलिस ने ट्विशा की सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। ये दोनों घटनाक्रम इस मामले को नई दिशा दे रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या ट्विशा की मौत आत्महत्या थी या व्यवस्थित उत्पीड़न का नतीजा?

Who Was Twisha Sharma Marriage To Death Story: ट्विशा शर्मा कौन थीं? शादी और मौत की कहानी

twisha-sharma-second-postmortem

ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली एक युवा महिला थीं। पेशे से वे शिक्षित और आधुनिक थीं। लगभग पांच महीने पहले, दिसंबर 2025 में उन्होंने भोपाल के वकील समर्थ सिंह से डेटिंग ऐप के माध्यम से मुलाकात की और शादी कर ली। शादी 9 दिसंबर को हुई थी।

12-13 मई 2026 की मध्यरात्रि को ट्विशा की मौत हो गई। उनके ससुराल (कटारा हिल्स, भोपाल) में यह घटना हुई। परिवार का आरोप है कि ट्विशा को शादी के बाद लगातार घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और दहेज की मांग का शिकार बनाया गया। ट्विशा के

Twisha Sharma Second Post-mortem: ट्विशा का अब होगा दूसरा पोस्टमार्टम

ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दूसरा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी, जिसे न्यायमूर्ति अवनिंद्र कुमार सिंह की पीठ ने स्वीकार कर लिया। राज्य सरकार ने भी इसका समर्थन किया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि पहला पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की क्षमता पर संदेह नहीं है, लेकिन पारदर्शिता और विश्वसनीयता के लिए AIIMS की टीम से दोबारा जांच जरूरी है।

पहले पोस्टमार्टम में क्या क्या खामिया रहीं? हाईकोर्ट में पीडित परिवार को राहत!

twisha-sharma-second-postmortem

22 मई को हाईकोर्ट ने साफ कहा कि दूसरा पोस्टमार्टम भोपाल में ही होगा। दिल्ली AIIMS की विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को विशेष विमान से भोपाल लाया जाएगा। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि यह प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी की जाए।

पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया था। लेकिन ट्विशा के शरीर पर अन्य हिस्सों में कुंद हथियार से लगी चोटों के निशान भी मिले थे। परिवार का कहना है कि पहला पोस्टमार्टम पूरी तरह निष्पक्ष नहीं था। दूसरा पोस्टमार्टम इन चोटों, विषाक्त पदार्थों और मौत के सटीक समय-कारण को स्पष्ट करने में मदद कर सकता है।

Twisha Sharma Saas Giribala Singh Bail: सास गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने की मांग

मामले का सबसे तीखा मोड़ ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह (रिटायर्ड जज) से जुड़ा है। मध्य प्रदेश पुलिस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनकी 15 मई को दी गई अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की है।

पुलिस का तर्क:

  • निचली अदालत ने FIR दर्ज होने के उसी दिन 'यांत्रिक तरीके' से जमानत दे दी।
  • दहेज उत्पीड़न, व्हाट्सएप चैट, चिकित्सा साक्ष्य और परिवार के बयानों को नजरअंदाज किया गया।
  • ट्विशा की शादी के 7 साल के अंदर मौत होने के कारण धारा 118 (भारतीय न्याय संहिता) के तहत पति और ससुराल वालों के खिलाफ कानूनी अनुमान (Presumption) लागू होता है, जिसकी अनदेखी हुई।

मुख्य आरोप: व्हाट्सएप चैट और लगातार उत्पीड़न

पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि ट्विशा और उनके माता-पिता के बीच हुई व्हाट्सएप चैट बहुत महत्वपूर्ण सबूत हैं। इन चैट्स में ट्विशा ने कथित तौर पर ससुराल में हो रहे अत्याचारों का जिक्र किया था।

अप्रैल में ट्विशा गर्भवती हुईं, लेकिन मई के पहले सप्ताह में उन्हें गर्भपात के लिए मजबूर किया गया।
उनके चरित्र पर सवाल उठाए गए।
दहेज की मांग की गई।

12 मई की रात 9:41 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन किया। परिवार ने समर्थ सिंह को चिल्लाते हुए सुना, फिर फोन कट गया। इसके बाद कई घंटों तक कोई संपर्क नहीं हो सका। रात 10:35 बजे गिरिबाला सिंह ने फोन उठाया और बताया कि "ट्विशा अब इस दुनिया में नहीं हैं।"

Evidence Tampering: साक्ष्य छेड़छाड़ का गंभीर आरोप

पुलिस ने गिरिबाला सिंह पर सबसे गंभीर आरोप साक्ष्य छेड़छाड़ का लगाया है:

  • 13 मई को घर से सीसीटीवी फुटेज जब्त किया गया था, लेकिन आरोपी पक्ष ने कथित तौर पर मूल फुटेज अपने पास रख लिया और सोशल मीडिया पर 'चुनिंदा छोटे क्लिप' लीक किए।
  • 18 मई को गिरिबाला सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जबकि उसी दिन उनके बेटे समर्थ सिंह की जमानत याचिका खारिज हो गई थी। पुलिस इसे जनमत प्रभावित करने की कोशिश मानती है।
  • पूछताछ में सहयोग नहीं किया। कई नोटिस के बावजूद वह पेश नहीं हुईं।

अपराध स्थल प्रबंधन में लापरवाही?

गिरिबाला सिंह 35 वर्ष से अधिक का न्यायिक अनुभव रखती हैं। पुलिस का कहना है कि उन्हें तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए था। उनके घर से मात्र 100 मीटर दूर लहरपुर पुलिस चौकी है, लेकिन परिवार ने ट्विशा को AIIMS ले जाना चुना और पुलिस को नहीं बताया। इससे क्राइम सीन की अखंडता प्रभावित हुई।

परिवार की तरफ से क्या कहना है?

ट्विशा की मां रेखा रानी शर्मा, भाई हर्षित शर्मा और भाभी राशि अब्रोल ने पुलिस को बयान दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि शादी के बाद ट्विशा को लगातार प्रताड़ित किया गया। दहेज की मांग, मानसिक क्रूरता और गर्भावस्था में दबाव सामान्य बात हो गई थी।

दहेज मौत पर कानूनी पहलू क्या है?

भारतीय कानून में शादी के 7 वर्ष के अंदर नवविवाहित महिला की अप्राकृतिक मौत होने पर पति और ससुराल वालों के खिलाफ धारा 304B IPC (दहेज मौत) और धारा 498A (क्रूरता) के तहत सख्त प्रावधान हैं। धारा 118 के तहत मौत का जिम्मा ससुराल पर माना जाता है, जब तक वे खुद को निर्दोष साबित न करें।

आगे क्या होगा?

  • 1. AIIMS टीम का भोपाल आना और दूसरा पोस्टमार्टम।
  • 2. गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट की सुनवाई।
  • 3. समर्थ सिंह और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच।
  • 4. सीसीटीवी फुटेज की मूल कॉपी की बरामदगी।

भारत में दहेज और घरेलू हिंसा

यह मामला दुर्भाग्यपूर्ण रूप से भारत में जारी दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा की समस्या को फिर उजागर करता है। NCRB के आंकड़ों के अनुसार हर साल हजारों महिलाएं दहेज के लिए अपनी जान गंवाती हैं। शिक्षित, आधुनिक और शहरों में रहने वाली महिलाओं के मामले बढ़ रहे हैं, जहां उत्पीड़न मानसिक और सूक्ष्म होता है। रिटायर्ड जज होने के बावजूद आरोपी होने का तथ्य कानून की नजर में सभी समान होने का संदेश देता है।

Twisha Sharma की मौत के बाद रसूखदार सास ने घुमाए 46 कॉल्स, जजों से लेकर CCTV तकनीशियन तक किस-किस को किया फोन?
Twisha Sharma की मौत के बाद रसूखदार सास ने घुमाए 46 कॉल्स, जजों से लेकर CCTV तकनीशियन तक किस-किस को किया फोन?
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+