Indian Army Press Conference: संजय सिंह-मनोज झा ने जिसे बताया 'सच्चाई', सेना ने उसे 'प्रोपेगेंडा' करार दिया!
Indian Army Viral Press Conference Truth: भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस वीडियो को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। सेना ने कहा है कि कुछ पूर्व सैनिक और एक भगोड़ा जवान फर्जी और भ्रामक बातें फैलाकर भारतीय सेना की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
सेना ने साफ किया कि वीडियो में दिख रहे चंदू चव्हाण, हरेंद्र यादव और पी नरेंद्र को अनुशासनहीनता की वजह से पहले ही सेवा से निकाला जा चुका है। वहीं शंकर सिंह गुर्जर को भगोड़ा बताया गया है। इस पूरे मामले में सेना ने लोगों से अफवाहों और फेक नैरेटिव से बचने की अपील की है।

Indian Army on Chandu Chavan: सेना ने वीडियो को बताया भ्रामक
Indian Army ने कहा कि सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा वीडियो लोगों को गुमराह करने की कोशिश है। सेना के मुताबिक, इसमें शामिल लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं ताकि अपने खिलाफ हुई कार्रवाई से ध्यान हटाया जा सके। सेना ने साफ कहा कि ऐसे वीडियो और दावों पर भरोसा करने से पहले लोग सच्चाई जरूर जांच लें। साथ ही लोगों को फेक न्यूज और सोशल मीडिया प्रोपेगेंडा से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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कौन हैं वीडियो में दिख रहे लोग
सेना के बयान के मुताबिक, चंदू चव्हाण, हरेंद्र यादव और पी नरेंद्र को अनुशासनहीनता और गैर-सैनिक व्यवहार की वजह से नौकरी से निकाला गया था। वहीं शंकर सिंह गुर्जर को सेना ने भगोड़ा करार दिया है और उसके खिलाफ सैन्य और सिविल कोर्ट में कार्रवाई चल रही है। सेना का कहना है कि ये लोग अब सोशल मीडिया के जरिए गलत नैरेटिव बनाकर खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनके खिलाफ पहले से गंभीर मामले दर्ज हैं।
मनोज झा और संजय सिंह का नाम क्यों आया
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई। कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि नेताओं ने वीडियो में लगाए गए आरोपों को मुद्दा बनाया। इसी बीच सेना ने दोबारा अपना पुराना स्पष्टीकरण शेयर करते हुए कहा कि इन लोगों के दावे पहले भी गलत साबित हो चुके हैं। सेना ने यह भी याद दिलाया कि सितंबर 2024 में भी ऐसे फर्जी और भ्रामक वीडियो को लेकर चेतावनी जारी की गई थी। अब सेना सीधे सामने आकर पूरे मामले को साफ कर रही है।
लोगों से अफवाहों से बचने की अपील
Indian Army ने लोगों से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हर वीडियो को सच मानकर शेयर न करें। सेना के मुताबिक, देश विरोधी ताकतें और कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं। इसलिए किसी भी दावे को जांचे बिना आगे बढ़ाना गलत हो सकता है। सेना ने नागरिकों से अपील की है कि वे सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और फेक न्यूज फैलाने वालों से सतर्क रहें।












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