अमर्त्य सेन जमीन विवाद पर ममता बनर्जी-विश्व भारती विश्वविद्यालय आमने-सामने, जानिए पूरा विवाद
विश्व भारती विश्वविद्यालय में अमर्त्य सेन जमीन विवाद को लेकर यूनिवर्सिटी और ममता बनर्जी आमने-सामने आ गए हैं। दोनों एक दूसरे पर हमलावर हैं।

नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन और विश्व भारती विश्वविद्यालय के बीच चल रहा जमीन विवाद अब सियासी रूप ले चुका है। विश्वविद्यालय की ओर से बयान जारी करके पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ तीखा हमला बोला गया है। विश्वविद्यालय की ओर से बयान जारी करके कहा गया है कि विश्व भारती केंद्रीय विश्वविद्यालय है। हम आपकी कृपा के बिना भी बेहतर हैं, हम प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के आदि हैं। इस बयान को विश्वविद्यालय की प्रवक्ता महुआ बनर्जी की ओर से साइन किया गया है।
इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विश्वविद्यालय पर हमला बोलते हुए कहा था कि विश्वविद्यालय ने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन पर गैरकानूनी तरह से जमीन कब्जा कराने का आरोप लगाया है। ममता ने राज्य सरकार की ओर से दस्तावेज को साझा करते हुए कहा कि यह जमीन अमर्त्य सेन के पिता आशुतोष सेन को दी गई थी, इसपर किसी भी तरह का कोई अवैध कब्जा नहीं है, जैसा की विश्वविद्यालय आरोप लगा रहा है।
अमर्त्य सेन से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि मैं आपको सच बताना चाहती हूं। अमर्त्य सेन का अपमान किया जा रहा है, मैं इन दस्तावेजों को अमर्त्य सेन को दे रही हूं। भविष्य में भाजपा को उनका अपमान करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। । ममता ने कहा कि विश्व भारती विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय को चलाने पर ध्यान देना चाहिए नाकि छात्रों पर निशाना साधना चाहिए जो भाजपा के साथ नहीं हैं। ममता बनर्जी ने विश्वभारती विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारी छात्रों से भी मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वह संस्थान में चल रही दिक्कतों को खत्म करने में मदद करेंगी।
ममता ने कहा कि यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम प्रदर्शन करें और विश्वविद्यालय को बचाएं। रबींद्रनाथ टैगोर की शिक्षा को लेकर यह सोच थी कि इसे खुले में होना चाहिए, प्रकृति के बीच। अगर किसी को लगता है कि वह छात्रों, प्रोफेसर का ताकत के दम पर भगवाकरण कर सकते हैं, तो याद रखिए, अगर उनके साथ कोई भी नहीं खड़ा होता है तो मैं उनके साथ हूं। ममता ने विश्वविद्यालय से कहा कि वह अमर्त्य सेन से माफी मांगे।
इससे पहले विश्वविद्यालय के वीसी विद्युत चक्रवर्ती ने कहा था कि हमने एक पत्र अमर्त्य सेन को दिया है, हमारा आरोप है कि अमर्त्य सेन को कुल 1.25 एकड़ जमीन आवंटित की गई है, लेकिन वह 1.38 एकड़ पर दावा कर रहे हैं। वहीं भाजपा का कहना है कि अमर्त्य सेना को इस तरह के विवाद में नहीं फंसना चाहिए। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दिलीप घोष ने कहा कि अमर्त्य सेन कई लोगों के लिए एक बड़ी हस्ती हैं, आदर्श हैं, उन्हें इस तरह के विवाद में नहीं फंसना चाहिए। अगर आरोपों में कोई सत्य है तो उन्हें खुद आकर इसकी जानकारी देनी चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications