EC ने कहा सीतलकूची में गलतफहमी की वजह से स्थानीय लोगों ने CISF पर हमला किया, बाद में फायरिंग हुई
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में शनिवार को चौथे चरण के मतदान के दौरान प्रदेश में कई जगह हिंसक घटनाएं घटी। मतदान केंद्रों पर मची अफरातफरी के लिए टीएमसी और बीजेपी एक दूसरे पर आरोप मढ़ रही है। वहीं सीतलकूची में एक पोलिंग बूथ पर जबरदस्त हंगामा हुआ। हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। जिस पर सफाई देते हुए चुनाव आयोग ने कहा पश्चिम बंगाल की सीतलकूची विधानसभा सीट के एक पोलिंग बूथ पर स्थानीय लोगों की गलतफहमी की वजह से सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने के बाद फायरिंग हुई।

बता दें शनिवार को सीतलकुची क्षेत्र के पोलिंग स्टेशन नंबर 126 पर सुबह मतदान शांतिपूर्वक चल रहा था। इसी दौरान मतदान केंद्र के पास मानिक नामक एक लड़का दिखा जो बीमार था। उसकी देखभाल दो तीन महिलाएं कर रही थीं। स्थानीय पुलिस ने बताया सीआईएसएफ के जवान पोलिंग बूथ पर मौजूद थे। सीआईएसएफ के जवान उस युवक के स्वास्थ्य के बारे में पूछने लगे तब लोगों ने उसे पुलिस की गाड़ी में अस्पताल भेजने को कहा। वहां मौजूद लोगों को लगा कि जवानों ने लड़के की पिटाई की है।
इस गलतफहमी की वजह से भीड़ हुई आक्रामक
इसी गलतफहमी के चलते कुछ लोगों ने शोर करना शुरू कर दिया और कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और लगभग 350 ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर जवानों के असहलें छीनने लगे। भीड़ बेहद गुस्से में थी किसी को भी नुकसान पहुंचा सकती थीं। गुस्साई भीड़ ने सीआईएसएफ जवानों पर हमला कर दिया। पोलिंग बूथ पर रखा सामान भी छीनने लगे। गुस्साई भीड़ ने पोलिंग बूथ कर्मियों पर भी हमला करने की कोशिश की। भीड़ को नियंत्रण में लाने में कई जवानों को भी चोट आई। मौके पर पहुंची क्यूआरटी वैन को भीड़ ने क्षतिग्रस्त कर दिया। इस मामले की सीआरपीएफ ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है
सीआरपीएफ को मजबूर होकर चलानी पड़ी गोली
जब हालात बेकाबू होने लगा तो सीआरपीएफ के जवानों ने हवाई फायरिंग की और किसी को बिना चोट पहुंचाए भीड़ पर काबू पाया। लेकिन दोबारा जब भीड़ नहीं रुकी तो जवानों ने एक्शन लेते हुए मतदान बूथ की सामग्री को बचाने के लिए गोली चलाई। जिसमें चार लोग घायल हो गए जिन्हें तुंरत अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना में सात लोग भी जख्मी हुए।
चुनाव आयोग ने बताई ये बात
चुनाव आयोग ने बताया कि बंगाल के सीतलकुच्ची में भीड़ में शामिल लोगों ने वहां पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की बंदूकों को छीनना शुरू कर दिया था जिस वजह से सीआईएसएफ के जवानों को लाइन में खड़े मतदाताओं को बचाने और सुरक्षाकर्मियों को बचाने के लिए फायरिंग करनी पड़ी।
चुनाव आयोग ने इसके साथ ही आदेश दिया है कि कूच बिहार जिले की सीमा में जहां आज तक मतदान हुआ वहां अगले 72 घंटे तक किसी भी राष्ट्रीय, राज्य या अन्य पार्टी के किसी भी राजनीतिक नेता को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी ।












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