शिवराज की 25 साल बाद सीहोर में ऐतिहासिक पदयात्रा, किसानों के कंधों पर मामा, नाच-गाना और विकसित भारत का संकल्प
MP News: केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास के लिए कृषि और ग्रामीण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 वर्षों के बाद एक बार फिर पदयात्रा शुरू कर अपने पांव-पांव वाले भैया के अवतार को जीवंत कर दिया। रविवार को मध्यप्रदेश के सीहोर जिले से विकसित भारत संकल्प पदयात्रा की शुरुआत हुई, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को जन-जन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
पहले दिन, शिवराज लाड़कुई से भादाकुई गांव पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों, महिलाओं, और युवाओं से संवाद किया। स्थानीय लोगों का उत्साह देखते ही बनता था-लोगों ने उन्हें कंधों पर उठाया, और उनके साथ नाच-गाना भी हुआ। इस दौरान उनकी पत्नी साधना सिंह, बेटा कार्तिकेय, और बहू अमनत भी साथ रहीं।

पदयात्रा की शुरुआत: लाड़कुई से भादाकुई तक
25 मई 2025 को लाड़कुई गांव से शुरू हुई इस पदयात्रा में शिवराज ने 20-25 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की। भादाकुई पहुंचकर उन्होंने चौपाल लगाई, जहां किसानों से जैविक खेती, कीटनाशकों का कम उपयोग, और नरवाई न जलाने पर चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, लाड़ी बहना, और लखपति दीदी जैसी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात की और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उत्साह का माहौल: ग्रामीणों ने शिवराज का भव्य स्वागत किया। लोग उन्हें कंधों पर उठाकर नाचने लगे, और पारंपरिक लोक नृत्यों में शामिल हुए। शिवराज ने भी परिवार के साथ इसमें हिस्सा लिया, जिससे माहौल उत्सवमय हो गया।
परिवार की सहभागिता: साधना सिंह, कार्तिकेय, और अमनत ने पदयात्रा में हिस्सा लेकर इसे एक पारिवारिक अभियान का रूप दिया। यह दृश्य शिवराज के जनता से पारिवारिक जुड़ाव को दर्शाता है।
संवाद और संकल्प: शिवराज ने कहा, "न दिन-न रात, पैदल चल चला शिवराज!" उन्होंने ग्रामीणों को विकसित गांव बनाने के लिए सफाई, जल संरक्षण, आंगनवाड़ी, स्कूल, महिला स्वावलंबन, और रोजगार पर ध्यान देने का आह्वान किया।
1991 की यादें: पांव-पांव वाले भैया
यह पहली बार नहीं है जब शिवराज ने पदयात्रा की है। 1991 में, जब वे विदिशा से सांसद थे, उन्होंने पूरे संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा की थी, जिसने उन्हें पांव-पांव वाले भैया के रूप में प्रसिद्ध किया। उस समय उनकी सादगी और जनता से सीधा संवाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था। 25 साल बाद, अब केंद्रीय मंत्री के रूप में, वे उसी जोश के साथ विकसित भारत संकल्प पदयात्रा लेकर आए हैं। इस बार उनका लक्ष्य विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं को कवर करने के बाद देश के अन्य हिस्सों में भी पदयात्रा करना है।
विकसित भारत का संकल्प, गांव से शुरूआत
"विकसित भारत के लिए हमें विकसित गांव बनाने होंगे। इसके लिए स्थानीय लोगों की सहभागिता जरूरी है।" "मैं पैदल चलूंगा तो आपके मन में भी भाव उठेगा कि मंत्री होकर पैदल चल रहा है, हमें भी अपने गांव के लिए कुछ करना होगा।" "अगर यह यात्रा सफल होती है, तो मैं बाकी नेताओं को भी पैदल निकलने के लिए कहूंगा।"
उन्होंने प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, किसान संगठनों, और महिला मंडलों को इस अभियान में शामिल होने का आह्वान किया। उनका लक्ष्य केंद्र सरकार की योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत, और डिजिटल इंडिया, का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
कृषि और मिट्टी स्वास्थ्य पर फोकस
शिवराज ने घोषणा की कि जल्द ही वैज्ञानिकों की एक टीम सीहोर जिले में आएगी, जो मिट्टी की उर्वरक क्षमता की जांच करेगी। इसके आधार पर किसानों को खेती संबंधी सलाह दी जाएगी, जैसे:
जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना।
- रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग कम करना।
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर फसल चयन और उर्वरक उपयोग।
- यह कदम विकसित कृषि संकल्प अभियान का हिस्सा है, जो 29 मई से 12 जून 2025 तक देश के 65,000 गांवों में चलेगा। इस अभियान में वैज्ञानिक दल किसानों को खरीफ फसलों, पशुपालन, मुर्गीपालन, और मत्स्यपालन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी देंगे।
ऑपरेशन सिंदूर: नया भारत, नई ताकत
पदयात्रा के दौरान शिवराज ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, "भारत की ताकत दुनिया ने देखी। यह नया भारत है, जो कहता है कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन छेड़ा तो छोड़ेंगे नहीं। ऐसा भारत हमें सीना तानकर खड़ा करना है।" यह बयान राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसे ग्रामीणों ने तालियों के साथ स्वागत किया।
पदयात्रा का शेड्यूल और प्रभाव
- 25 मई: लाड़कुई से भादाकुई तक। प्रधानमंत्री आवास योजना, वन विभाग, और आदिम जाति कल्याण के लाभार्थियों से संवाद। किसानों को जैविक खेती और नरवाई न जलाने का संकल्प।
- 26 मई: बीजला जोड़ से शुरू, जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कलश यात्रा, जल जीवन मिशन, और वॉटर हार्वेस्टिंग पर चर्चा। जेताजी वर्ल्ड एकेडमी में युवा संवाद, और भैरूंदा में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) लाभार्थियों से मुलाकात।
Shivraj Singh Chauhan: चुनौतियां और आलोचनाएं
- किसानों का असंतोष: कुछ किसान संगठनों, जैसे सीहोर के भेरूंदा में सितंबर 2024 में हुई ट्रैक्टर रैली, ने सोयाबीन के दाम और बिजली आपूर्ति को लेकर शिवराज पर सवाल उठाए थे।
- विपक्ष की टिप्पणी: कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने नवंबर 2024 में आरोप लगाया था कि बुधनी-विदिशा क्षेत्र में किसानों को 18 घंटे बिजली और आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ।
- संसाधन की कमी: मिट्टी जांच और जल संरक्षण जैसे अभियानों के लिए स्थानीय स्तर पर संसाधनों की कमी एक चुनौती हो सकती है।
- शिवराज ने इन आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि उनकी पदयात्रा का उद्देश्य जमीनी समस्याओं को समझना और समाधान करना है।
भविष्य की दिशा
- राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार: विदिशा के बाद शिवराज देश के अन्य लोकसभा क्षेत्रों में भी पदयात्रा करेंगे।
- विकसित कृषि संकल्प अभियान: 29 मई से 12 जून 2025 तक 723 जिलों में चलने वाला यह अभियान खरीफ फसलों और किसान कल्याण पर केंद्रित होगा।
- जल और मिट्टी संरक्षण: जल गंगा संवर्धन और मृदा स्वास्थ्य पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण को लागू करना।
- युवा और महिला सशक्तीकरण: लखपति दीदी, युवा संवाद, और स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा देना।












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