सीएम योगी ने की मां अन्नपूर्णा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा, बोले- पीएम मोदी को जाता है इसका श्रेय
सीएम योगी ने की मां अन्नपूर्णा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा, बोले- पीएम मोदी को जाता है इसका श्रेय
वाराणसी, 15 नवंबर: 108 साल के लंबे इंतजार के बाद आज यानी सोमवार 15 नवंबर को माता अन्नपूर्णा की दुर्लभ मूर्ति की आज प्राण-प्रतिष्ठा हुई। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माता अन्नपूर्णा की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की। इस दौरान विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा हुई। बता दें, माता अन्नपूर्णा की ये मूर्ति काशी विश्वनाथ मंदिर में ईशान कोण में स्थापित हुई। इस दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर को भी भव्य रूप (दुल्हन की तरह) से सजाया गया है।
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माता अन्नपूर्णा के भव्य स्वागत के बाद करीब 10 काशी विश्वनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान का भव्य कार्यक्रम आरंभ हुआ। इस दौरान प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ यजमान बने। सीएम योगी ने प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की। मूर्ति स्थापना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई। जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर बाबा से आशीर्वाद मांगा। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि, '108 साल बाद मां अन्नपूर्णा की मूर्ति एक बार फिर काशी लौट आई है। इसका श्रेय काशी से सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। मैं काशी और राज्य में सभी की ओर से उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।'
18 जिलों से होते हुए पहुंची वाराणसी
बता दें, माता अन्नपूर्णा की मूर्ति 11 नवंबर को राजधानी दिल्ली से वाराणसी के लिए सड़क मार्ग से रवाना की गई। इस दौरान माता की मूर्ति प्रदेश के 18 जिलों से होते हुए सोमवार की भोर वाराणसी जिले की सीमा पिंडरा पहुंची। पिंडरा से बाबतपुर, गिलट बाजार, सर्किट हाउस, चौकाघाट, तेलियाबाग, रथयात्रा, मंडुवाडीह, लंका होते हुए प्रतिमा दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा मंदिर आई। इसके बाद प्रतिमा के दुर्गाकुंड से गुरुधाम चौराहा, मदनपुरा, गोदौलिया होते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने का कार्यक्रम तय था।
पीएम मोदी के प्रयासों से आई भारत
बता दें, करीब 100 साल पहले चोरी हुई मां अन्नपूर्णा की 18वीं सदी की ये दुर्लभ मुर्ति है, जो काशी से कनाडा पहुंच गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर कनाडा सरकार ने भारत को लौटा दी थी। माता अन्नपूर्णा की इस मूर्ति को पिछले दिनों कनाडा से वापस दिल्ली लाया गया और फिर इसे यूपी सरकार को सौंप दिया गया था।












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