IAS Prashant Arya: कौन हैं उत्तरकाशी के DM प्रशांत? CM धामी के भरोसेमंद, 46 दिन-दो बड़ी त्रासदी के बीच उम्मीद!
Who Is IAS Prashant Arya: उत्तरकाशी का धराली गांव 5 अगस्त 2025 को प्रकृति के प्रकोप का शिकार बन गया। दोपहर करीब 1:45 बजे खीर गंगा नदी के ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने से बाढ़ और भूस्खलन ने गांव को तबाही की चपेट में ले लिया। कम से कम 4 लोगों की मौत और 50 से अधिक के लापता होने की खबर ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
होटल, होमस्टे, दुकानें, और यहां तक कि सेना के दो कैंप भी मलबे में तब्दील हो गए। इस संकट में उत्तरकाशी के नए जिलाधिकारी (DM) प्रशांत कुमार आर्य ने कमान संभाली, जो महज 46 दिन पहले इस पद पर आए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) के भरोसेमंद माने जाने वाले इस IAS अधिकारी ने तुरंत राहत और बचाव कार्यों को गति दी। आइए जानते हैं, कौन हैं प्रशांत आर्य और कैसे संभाल रहे हैं इस त्रासदी का जिम्मा?

Uttarkashi DM Prashant Arya: उत्तरकाशी के 25वें DM प्रशांत आर्या कौन?
2017 बैच के IAS अधिकारी प्रशांत कुमार आर्य ने 20 जून 2025 को उत्तरकाशी के जिलाधिकारी का पद संभाला। वे जिले के 25वें DM हैं और अपनी ईमानदारी, कर्मठता, और पारदर्शी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले वे देहरादून में सचिव स्तर की जिम्मेदारी, पौड़ी गढ़वाल में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), और SDM जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं।
46 दिन में दो बड़े हादसे: चुनौती भरा कार्यकाल
प्रशांत आर्य ने उत्तरकाशी में पदभार संभालते ही आपदा प्रबंधन की कठिन परीक्षा का सामना किया।
- 29 जून 2025: बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग पर बलिगढ़ में बादल फटने से भारी तबाही हुई। एक निर्माणाधीन होटल साइट पर काम कर रहे 8-9 मजदूर लापता हो गए।
- 5 अगस्त 2025: धराली गांव में बादल फटने से बाढ़ और भूस्खलन ने होटल, होमस्टे, और दुकानों को तबाह कर दिया। खीर गंगा नदी के किनारे बसे इस इलाके में 4 लोगों की मौत और 50 से अधिक के लापता होने की खबर है। सेना के दो कैंप भी प्रभावित हुए, और कई जवान लापता बताए जा रहे हैं।
तत्काल कार्रवाई: राहत और बचाव
प्रशांत आर्य ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन नियंत्रण केंद्र से निगरानी शुरू की।
- सेना और राहत टीमें: भारतीय सेना की इबेक्स ब्रिगेड ने 10 मिनट में धराली पहुंचकर 15-20 लोगों को बचाया। NDRF, SDRF, ITBP, और पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से बचाव कार्य में जुटीं। ITBP की 16 सदस्यीय टीम और अतिरिक्त जवान स्टैंडबाय पर हैं।
- हेल्पलाइन और संसाधन: प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर (01374-222126, 01374-222722, 9456556431) जारी किए। एम्स ऋषिकेश और आसपास के अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए, और एम्बुलेंस घटनास्थल पर भेजी गईं।
- ड्रोन और मेडिकल सहायता: ड्रोन सर्विलांस के जरिए प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। राशन और पेयजल आपूर्ति शुरू की गई।
DM आर्य ने कहा, 'स्थिति गंभीर है, लेकिन सभी एजेंसियां अलर्ट पर हैं। राहत-बचाव कार्यों में तेजी लाई जा रही है।'
IAS Prashant Arya Journey: प्रशांत आर्य का प्रशासनिक सफर
पिछली जिम्मेदारियां:
- मुख्य विकास अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल
- सचिव, जिला पंचायत, देहरादून
- निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग
- आबकारी आयुक्त, उत्तराखंड (27 फरवरी 2024 से)
- निदेशक, खेल और युवा कल्याण विभाग
- प्रबंध निदेशक, गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN)
कार्यशैली: प्रशांत आर्य जनता से सहज संवाद, पारदर्शी कार्यप्रणाली, और टीम भावना के लिए जाने जाते हैं। वे कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं में ढिलाई बर्दाश्त नहीं करते।
प्राथमिकताएं:
- चारधाम यात्रा का सुरक्षित और सुव्यवस्थित प्रबंधन
- आपदा प्रबंधन को मजबूत करना
- पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देना
- बुनियादी सुविधाओं में सुधार
CM धामी का भरोसा, जनता की उम्मीद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशांत आर्य को उत्तरकाशी जैसे संवेदनशील और पर्वतीय जिले की जिम्मेदारी सौंपकर उनके अनुभव और नेतृत्व पर भरोसा जताया है। धराली और बलिगढ़ की त्रासदियों ने उनके सामने कठिन चुनौती पेश की है, लेकिन उनकी त्वरित कार्रवाई और संकट प्रबंधन की क्षमता ने जनता में उम्मीद जगाई है।
उत्तरकाशी की चुनौतियां?
उत्तरकाशी, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे तीर्थस्थलों का प्रवेश द्वार, प्राकृतिक आपदाओं के लिए अति संवेदनशील है। जलवायु परिवर्तन, अनियोजित निर्माण, और भारी पर्यटन दबाव ने इन क्षेत्रों को जोखिम भरा बना दिया है। प्रशांत आर्य के सामने न केवल तात्कालिक राहत कार्यों की चुनौती है, बल्कि दीर्घकालिक आपदा प्रबंधन और सतत विकास की जिम्मेदारी भी है।
ये भी पढ़ें- Uttarkashi Cloudburst Timeline: बादल फटा, डूबा धराली! कितना नुकसान? कौन से इलाके 'सुपर सेंसिटिव'?












Click it and Unblock the Notifications