Bengaluru: ट्रैफिक से मिलेगी मुक्ति! एक ही पिलर पर सड़क और रेल-लाइन, डबल डेकर रेल-रोड प्रोजेक्ट का काम तेज
Bengaluru Double Decker Rail Road: बेंगलुरु की रोज़मर्रा की ट्रैफिक जंग से परेशान लोगों के लिए एक बड़ी उम्मीद की खबर सामने आई है। सालों से इंतज़ार कर रही Suburban Rail Project को अब नई रफ्तार मिलती दिख रही है। K-RIDE ने कॉरिडोर-4 यानी कनक लाइन के अहम हिस्से के लिए नए टेंडर जारी कर दिए हैं। खास बात ये है कि इस बार फोकस उस डबल-डेकर स्ट्रक्चर पर है, जिसकी चर्चा लंबे समय से हो रही थी।
7.7 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा
नई निविदाएं बेन्निगनहल्ली से शेट्टिहल्ली के बीच करीब 7.795 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड स्ट्रेच के निर्माण के लिए निकाली गई हैं। यह हिस्सा कॉरिडोर-4 का बेहद महत्वपूर्ण लिंक माना जा रहा है, जो उत्तर और पूर्वी बेंगलुरु को बेहतर कनेक्टिविटी देगा।

सड़क नीचे, ट्रेन ऊपर... ऐसा होगा डबल-डेकर मॉडल
इस परियोजना का सबसे दिलचस्प हिस्सा माथिकेरे और यशवंतपुर के बीच बनने वाला डबल-डेकर सेक्शन है। मोहनकुमार रोड पर बनने वाली इस संरचना में नीचे की लेयर पर रोड फ्लाईओवर होगा, जबकि उसके ऊपर Suburban Rail ट्रैक बिछाए जाएंगे। यानि एक ही जगह पर सड़क और रेल-दोनों का इस्तेमाल। जगह की कमी से जूझ रहे बेंगलुरु जैसे शहर के लिए इसे फ्यूचर रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल माना जा रहा है।
तीसरी बार बुलाए गए टेंडर
दिलचस्प बात ये है कि इस डबल-डेकर सेक्शन के लिए यह तीसरा टेंडर प्रयास है। पहले दो प्रयासों में उम्मीद के मुताबिक प्रगति नहीं हो सकी थी। लेकिन अब अधिकारियों को भरोसा है कि नई प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य तेजी पकड़ सकता है।
क्यों इतना अहम है कॉरिडोर-4?
उत्तर बेंगलुरु में तेजी से बढ़ती आबादी, नए रिहायशी इलाकों और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए कॉरिडोर-4 को सबसे महत्वपूर्ण रूट्स में गिना जा रहा है। एयरपोर्ट बेल्ट और आईटी हब की तरफ बढ़ते ट्रैफिक को संभालने में यह लाइन बड़ी भूमिका निभा सकती है।
लोगों को क्या फायदा होगा?
अगर यह परियोजना तय समय में पूरी होती है, तो लाखों डेली कम्यूटर्स को राहत मिल सकती है।
- सड़क पर ट्रैफिक कम होगा
- यात्रा का समय घटेगा
- निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट ज्यादा मजबूत बनेगा
- मेट्रो के साथ मिलकर बदलेगा शहर का ट्रांसपोर्ट सिस्टम
इस समय बेंगलुरु में Namma Metro विस्तार समेत कई बड़े ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। ऐसे में Suburban Rail Project को शहर के भविष्य के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की रीढ़ माना जा रहा है।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर डबल-डेकर मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में दूसरे भीड़भाड़ वाले शहरों में भी इसी तरह के स्पेस-सेविंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपनाए जा सकते हैं।
बेंगलुरू के लोगों में जागी उम्मीद
घोषणाएं और प्लानिंग तो पिछले कई सालों से होती रही हैं, लेकिन अब बेंगलुरु के लोगों को इंतजार है बुलडोज़र और मशीनों के मैदान में उतरने का। नई टेंडर प्रक्रिया ने उम्मीद जरूर जगा दी है कि इस बार प्रोजेक्ट सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर भी तेजी से आगे बढ़ेगा।














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