UKSSSC Paper leak case: BJP विधायकों ने CM धामी से की स्नातक स्तरीय परीक्षा निरस्त करने की मांग, जानिए क्यों
UKSSSC Paper leak case उत्तराखंड में भाजपा विधायकों ने हाल ही में हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा निरस्त करने की मांग की है। विधायकों ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिलकर छात्रों की भावना के अनुरुप निर्णय लेने की अपील की। विधायकों का कहना है कि किसी भी छात्र के मन में किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए।
बता दें कि सीएम धामी ने बेरोजगार संघ और युवाओं के आंदोलन को देखते हुए परीक्षाओं की सीबीआई जांच की संस्तुति पहले ही कर दी है। ऐसे में अब परीक्षा को निरस्त करने की मांग उठी है। जिसको लेकर आठ दिनों तक युवाओं ने आंदोलन किया था।

सीएम धामी से भाजपा विधायकों ने मुलाकात की। इसमें खजान दास , दिलीप सिंह रावत , विनोद कंडारी, बृज भूषण गैरोला, दुर्गेश्वर लाल , सुरेश चौहान , मोहन सिंह बिष्ट , रेणु बिष्ट शामिल रहे। विधायकों ने पार्टी की तरफ से सौंपे ज्ञापन पत्र में, हाल में संपन्न स्नातक स्तरीय यूकेएसएसएससी परीक्षा को छात्रहित में निरस्त करने पर विचार करने का आग्रह किया गया।
मीडिया से बातचीत करते हुए खजान दास ने बताया कि उनके द्वारा सीएम का अब 25,300 लोगों को सरकारी नियुक्ति देने के लिए आभार व्यक्त किया गया। साथ ही धन्यवाद देते हुए कहा कि जब पेपर लीक का मामला सामने आया तो आपने बहुत बड़ा मन करके छात्रों के बीच गए और उनकी भावनाओं के अनुशार सीबीआई जांच की घोषणा की। उस समय भी मुख्यमंत्री द्वारा विश्वास दिलाया गया था कि यदि छात्रों के भविष्य को देखते हुए आगे जो भी कदम जरूरी होंगे उन्हें उठाया जाएगा।
इस मौके पर सभी विधायकों ने एक स्वर में छात्रों को प्रदेश और देश का भविष्य बताते हुए अनुरोध किया कि हम सब की इच्छा है कि छात्रों के मन में किसी भी तरह की शंका न रहे इसलिए पूर्व में संपन्न हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा को निरस्त किया जाए। इससे पूर्व भी परीक्षा में हुई नकल प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी जांच की संस्तुति की गई हैं ताकि कहां गड़बड़ी हुई और कौन उसका जिम्मेदार है उन्हें सामने लाया जाए। लेकिन एक भी छात्र के मन में परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर किसी प्रकार का संदेह न हो इसलिए मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति की गई है।
प्रतिनिधि मंडल में गए पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने बताया कि हमारे द्वारा मुख्यमंत्री का सीबीआई जांच के ऐतिहासिक निर्णय पर आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने बताया कि हमारी अपने अपने क्षेत्रों में परीक्षा देने वाले छात्रों और उनके परिजनों से बातचीत हुई है। जनप्रतिनिधि होने के नाते हमारे द्वारा छात्रों, युवाओं की भावनाओं से सरकार को अवगत कराया गया है। हम सबकी चिंता है कि तमाम छात्र जिन्होंने परीक्षाएं दी है या फिर जो भविष्य में इनमें सफल होंगे, उनके प्रयासों को लेकर किसी तरह का संदेह उत्पन्न ना हो। इसलिए पार्टी की तरफ से छात्रहित में इस परीक्षा को निरस्त करने पर विचार करने का मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है।












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