GOA सरकार को AAP की अल्टीमेटम -31 जुलाई तक बिजली समस्या नहीं सुलझी तो होगा राज्यव्यापी आंदोलन
Goa Power Crisis : गोवा में बिजली संकट को लेकर सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। पार्टी का आरोप है कि राज्य के नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भारी-भरकम भुगतान करने के बाद भी लगातार बिजली कटौती और महंगे बिलों का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को पणजी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्य सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गोवा की जनता में बिजली संकट को लेकर भारी असंतोष है। इसके साथ ही उन्होंने बिजली के बुनियादी ढांचे में सुधार और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार के सामने एक स्पष्ट समयसीमा के साथ अपनी मांगें रखी हैं।

बिजली कटौती के आंकड़ों ने बढ़ाई सरकार की मुश्किलें
आप नेताओं ने राज्य में बिजली प्रबंधन की कमियों को उजागर करने के लिए आधिकारिक आंकड़ों का हवाला दिया है। अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि जनवरी 2024 से मई 2025 के बीच की अवधि में गोवा में लगभग 19,000 बार बिजली कटौती दर्ज की गई है। यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य का बिजली विभाग अपनी सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में पूरी तरह विफल रहा है।
पार्टी का कहना है कि बिजली कटौती के कारण आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्योगों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद, राज्य के कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों थर्मल और डिस्ट्रीब्यूशन फॉल्ट के नाम पर बिजली कटौती झेलनी पड़ती है। बिजली विभाग इस समस्या का कोई ठोस समाधान निकालने में नाकाम साबित हुआ है।
इसके अतिरिक्त, उपभोक्ताओं को गलत तरीके से भेजे गए बढ़े हुए बिलों और अनावश्यक पेनल्टी चार्ज ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। कई परिवारों पर पुराना बकाया कर्ज के बोझ की तरह बढ़ रहा है, जिसका निपटारा करने में राज्य सरकार पूरी तरह उदासीन दिखाई दे रही है।
आप की तीन सूत्रीय मांगें क्या हैं?
अरविंद केजरीवाल ने राज्य सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि 31 जुलाई तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो पार्टी पूरे गोवा में एक व्यापक राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। आप का मानना है कि दिल्ली और पंजाब की तर्ज पर गोवा में भी आम नागरिकों को सस्ती और निर्बाध बिजली पाने का पूरा अधिकार है।
- मुफ्त बिजली आपूर्ति हर घरेलू उपभोक्ता को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की जाए। 31 जुलाई तक लागू हो
- बकाया बिलों की माफी 15 जून तक के सभी पुराने और विवादित बिजली बिलों को पूरी तरह माफ किया जाए। तत्काल प्रभाव से
- निर्बाध बिजली सेवा पूरे राज्य में बिना किसी रुकावट के 24 घंटे लगातार बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो। स्थायी सुधार
इस मांग पत्र के जरिए आम आदमी पार्टी ने सीधे तौर पर राज्य सरकार को बैकफुट पर धकेलने का प्रयास किया है। पार्टी के अनुसार, यदि दिल्ली और पंजाब जैसी बड़ी आबादी वाले राज्यों में मुफ्त बिजली और चौबीस घंटे आपूर्ति संभव है, तो गोवा जैसे छोटे और संपन्न राज्य में यह योजना आसानी से लागू की जा सकती है। इसके लिए केवल मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।
स्थानीय नेताओं ने संभाला मोर्चा, युवाओं से की अपील
आम आदमी पार्टी के गोवा विधायक वेंज़ी विएगास ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार इस मुद्दे पर समय रहते कदम नहीं उठाती है, तो मामला सीधे जनता के दरबार में ले जाया जाएगा। उन्होंने राज्य के युवाओं और विपक्षी नेताओं से इस मुहिम में शामिल होने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि उच्च बिजली दरें और लगातार कटौती केवल राजनीति नहीं, बल्कि गोवा के हर परिवार से जुड़ा एक व्यावहारिक मुद्दा है।
वहीं, आप गोवा के प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर ने भी राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सार्वजनिक मंचों पर इस समस्या को लेकर कई बार केवल खोखले आश्वासन दिए हैं, लेकिन जमीन पर कोई आधिकारिक नीतिगत फैसला या अधिसूचना दिखाई नहीं दी है। उपभोक्ता अब प्रशासनिक दावों से थक चुके हैं और उन्हें ठोस बदलाव की आवश्यकता है।













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