Kotdwar: ट्रेन की चपेट में आने से हाथी की मौत, आनंद विहार टर्मिनल से कोटद्वार के लिए शुरू हुई है नई एक्सप्रेस
कोटद्वार स्थित नजीबाबाद वानप्रभा के कौड़िया रेंज में एक हाथी नई एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की चपेट में आने से हाथी की मौके पर मौत हो गई। घटना सुबह 3:50 बजे की बताई जा रही है, जब दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से कोटद्वार पहुंची नई एक्सप्रेस ट्रेन खड़ी होने के लिए नजीबाबाद जा रही थी। घटनास्थल पर बिजली की लाइन भी क्षतिग्रस्त हुई है।

कोटद्वार और आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई रेल सेवा शनिवार को शुरू हुई है। जिसे केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव और सांसद अनिल बलूनी ने नई रेल सेवा को दिल्ली से शाम पांच बजे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून से वर्चुअली जुड़े थे।
लंबे समय से इस ट्रेन का इंतजार किया जा रहा था। इस ट्रेन से उत्तराखंड के कोटद्वार, पौड़ी जिले और यूपी के कई जिलों को सीधा लाभ मिलने वाला है। लेकिन जिस तरह से इस कॉरिडोर में जंगली जानवरों का मूवमेंट है। ऐसे में इसके लिए लगातार खतरा बना रह सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बीते 22 सालों में प्रदेश में 508 हाथियों की मौत कई कारणों से हुई है, इनमें से 23 हाथी ट्रेन से कटकर मरे हैं। अकेले 16 हाथी देहरादून-हरिद्वार-देहरादून रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आए हैं। हालांकि हाथियों की संख्या बढ़ी है। लेकिन वर्ष 2001 से आज तक 508 हाथियों की मौत बड़ा आंकड़ा है। हालांकि, हाथियों की सबसे अधिक मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है। वन विभाग का दावा है कि रेलवे ट्रैक पर हाथियों के कटने के मामलों में कमी लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
एक नजर हादसों पर
- उत्तराखंड में 23 सालों में 16 हाथी देहरादून-हरिद्वार रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटे हैं।
- 19 अप्रैल 2019 को सीतापुर रेलवे फाटक पर ही रेलवे ट्रैक पार करते समय दो हाथियों की मौत।
- 13 जनवरी 2013 को भी इसी इलाके में एक साथ दो हाथियों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत
- 17 फरवरी 2018 व 20 मार्च 2018 को नंदा देवी एक्सप्रेस की चपेट में आने से दो हाथियों की मौत
- 26 जून 2018 को काठगोदाम एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक हाथी की मौत












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