Kedarnath Temple स्वर्ण मंडित गर्भगृह: 15 करोड़ का सोना, शीतकाल में आईटीबीपी के जवानों का रहा पहरा
केदारनाथ मंदिर के स्वर्ण मंडित गर्भगृह को लेकर तीर्थपुरोहित के आरोप के बाद विवाद खड़ा हो गया है। जिसके बाद एक बार फिर ये मामला गरमा गया है। बता दें कि शुरूआत से तीर्थ पुरोहित स्वर्ण मंडित गर्भगृह का विरोध करते आ रहे हैं।
केदारनाथ मंदिर के स्वर्ण मंडित गर्भगृह को लेकर तीर्थपुरोहित के आरोप के बाद विवाद खड़ा हो गया है। जिसके बाद एक बार फिर ये मामला गरमा गया है। बता दें कि शुरूआत से तीर्थ पुरोहित स्वर्ण मंडित गर्भगृह का विरोध करते आ रहे हैं। इसकी सुरक्षा के लिए शीतकाल में मंदिर समिति ने विशेष प्रयास किए। मंदिर समिति की मांग पर आईटीबीपी को इसकी सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया। कपाट बंद होने के बाद आईटीबीपी के जवानों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को अपने हाथों में लिया था। आईटीबीपी के दो जवान मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार और अन्य द्वारों पर पहरा देते रहे। इसके आलावा पूरे परिसर में टीमों ने सुरक्षा घेरा बनाने के साथ ही मंदिर की 24 घंटे सुरक्षा की गई।

केदारनाथ मंदिर के स्वर्ण मंडित गर्भगृह में 23,777.800 ग्राम सोना लगाया गया है, जिसका वर्तमान मूल्य 14.38 करोड़ है। ये जानकारी खुद बद्री केदार मंदिर समिति ने दी है। स्वर्ण जड़ित कार्य के लिए प्रयुक्त कॉपर की प्लेटों का कुल वजन 1,001.300 किलोग्राम है, जिसकी कीमत 29 लाख रुपये है। इस सोने को घोड़ों और खच्चरों द्वारा मंदिर तक पहुंचाया गया था।
26 अक्टूबर 2022 को काम पूरा किया गया
केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के एक दिन पहले 26 अक्टूबर 2022 को इसके गर्भगृह में सोने की परत को चढ़ाने का काम पूरा किया गया था। बता दें कि 550 सोने की परतों से गर्भगृह की दीवारें और छत नए भव्य स्वरूप में दिख रही हैं। इसकी दीवारों और छतों को 19 कारीगरों ने तीन दिन में सोने की 550 परत से सजाकर भव्य स्वरूप दिया है। महाराष्ट्र के एक दानी के सहयोग से बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने यह कार्य किया है। मंदिर के गर्भगृह, चारों खंभों और स्वयंभू शिवलिंग के आसपास की जलहरी में भी लगाई गई है। शीतकाल में जब धाम में कोई नहीं रहता तब इसकी सुरक्षा आईटीबीपी जवानों को सौंपी गई।












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