Gangotri national park: ट्रैकिंग का है शौक,प्रकृति की इन खूबसूरत वादियों में रोमांच के लिए पहुंचने लगे पर्यटक
गंगोत्री नेशनल पार्क का दीदार करने के लिए पर्यटक पहुंचने शुरू हो गए हैं। गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट खुलने के साथ ही पार्क क्षेत्र के नेलांग घाटी और गरतांग गली ट्रैक को लेकर पर्यटक सबसे ज्यादा उत्साहित नजर आते हैं। पहले दिन पार्क क्षेत्र के गरतांग गली ट्रैक की सैर करने 60 पर्यटक पहुंचे। गोमुख-तपोवन ट्रैक क्षतिग्रस्त होने और प्रतिकूल मौसम से ट्रैक पर पर्यटकों व पर्वतारोहियों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है।

गंगोत्री नेशनल पार्क में 1 अप्रैल से ट्रैकिंग से लेकर पर्यटन की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। गंगोत्री नेशनल पार्क उत्तरकाशी जिले में है। गंगोत्री हिमालय में 40 से अधिक पर्वत चोटियां हैं। गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में स्थित गोमुख तपोवन ट्रैक, केदारताल, सुंदरवन, नंदनवन, वासुकीताल, जनकताल ट्रैक के साथ गरतांग गली पर्यटकों का केंद्र है।
जहां सबसे ज्यादा लोग घूमने और ट्रैक पर जाना पसंद करते हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान एक राष्ट्रीय उद्यान है। पार्क क्षेत्र 2,390 वर्ग किमी क्षेत्रफल पर फैला है। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना सन् 1989 में की गई। जिसकी शुरूआत गोमुख से होती है। गोमुख गंगा का उद्गम स्थल है। गंगोत्री नेशनल पार्क पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन और हवाई यात्रा का स्टेशन देहरादून है। जो कि उत्तरकाशी मुख्यालय से 200 से 250 किमी के बीच है।
एक अप्रैल को गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट पर्यटकों व पर्वतारोहियों के लिए खोले गए, इसके बाद पार्क क्षेत्र के नेलांग घाटी और गरतांग गली ट्रैक पर पर्यटक पहुंचने शुरू हो गए हैं। गरतांग गली पार्क क्षेत्र के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले ट्रैकों में से एक है।
भारत-तिब्बत के बीच व्यापारिक संबंधों के गवाह इस ट्रैक को जीर्णोद्धार के बाद वर्ष 2021 में खोला गया था, जिसमें भैरव घाटी के समीप खड़ी चट्टान को काटकर रास्ता तैयार किया गया है।
देवदार की लकड़ी से तैयार सीढ़ीनुमा ट्रैक पर चहलकदमी पर्यटकों को रोमांच का अहसास कराती है।












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