Char dham yatra 2024: ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हुआ तब भी कर सकते हैं यात्रा, जानिए कैसे, कब और कहां से
अगर आप चार धाम यात्रा करना चाहते हैं और किसी वजह से ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा सके हैं तो ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी शुरू होने जा रही है। आइए जानते हैं कि कैसे, कब और कहां पंजीकरण होगा।
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा का काउंटडाउन शुरू हो गया है। 10 मई से यात्रा शुरू हो जाएगी। ऑनलाइन पंजीकरण का आंकड़ा 19,25,617 लाख तक पहुंच गया है। ऑनलाइन पंजीकरण से छूटे श्रद्धालुओं के लिए अब ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी शुरू होने जा रही है। जो कि आठ मई से शुरू होगी।

जिन श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराया है, वे 8 मई से हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं। इस बार श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद अब ऑफलाइन पंजीकरण सुविधा भी शुरू करने का निर्णय लिया है।
हालांकि ऑफलाइन के लिए फिलहाल हरिद्वार और ऋषिकेश को ही चिह्रित किया गया है। हरिद्वार में राही मोटल तथा और ऋषिकेश में यात्री पंजीकरण कार्यालय व ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालु ऑफलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। प्रत्येक धाम के लिए प्रतिदिन ऑफलाइन पंजीकरण की संख्या ऋषिकेश में 1000 और हरिद्वार में 500 निर्धारित की गई है। श्रद्धालु चारों धामों की यात्रा के लिए पंजीकरण काउंटरों पर अधिकतम तीन दिनों के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं।
चार धाम के लिए 19,25,617 पंजीकरण हुए हैं। इनमें केदारनाथ धाम के लिए 6,68,356, बदरीनाथ धाम 5,67,903, गंगोत्री धाम के लिए 3,47,061 और यमुनोत्री धाम के लिए 3,06,587 पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से हुए हैं। जबकि हेमकुंड साहिब के लिए 3,5,710 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
सरकार ने चारों धामों में प्रतिदिन दर्शन की संख्या सीमित की है। इनमें केदारनाथ में 18,000, बदरीनाथ धाम में 20,000, गंगोत्री में 11,000 और यमुनोत्री धाम में 9,000 तीर्थयात्री प्रतिदिन दर्शन कर सकेंगे। सरकार ने तीर्थयात्रियों बढ़ती संख्या को देखते हुए बिना किसी बाधा के दर्शन करवाने के लिए यह संख्या निर्धारित की गई है। हालांकि, चार धाम होटल एसोसिएशन ने तीर्थयात्रियों की संख्या निर्धारित किए जाने का विरोध भी किया है।












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