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रायबरेली: कभी यहां आते थे साइबेरिया के 300 प्रजाति के पक्षी, अब इस हाल में है 'समसपुर पक्षी विहार', देखें VIDEO


रायबरेली। सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली जिले के सलोन में बना समसपुर पक्षी विहार अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। रायबरेली की सड़कों और पुल की जर्जर हालत से तो सभी परिचित हैं लेकिन यहां का आकर्षण माना जाने वाले समसपुर पक्षी विहार की हालत और भी जर्जर है। कहने को तो इस पक्षी विहार के रखरखाव के लिए सरकार की ओर से 25 लाख रुपये सालाना दिए जाते हैं लेकिन यहां की बदतर हालत देखते हुए आप आसानी से ये अंदाजा लगा सकते हैं कि शायद ही इसके मेंटिनेन्स पर 1 भी रुपये खर्च किया गया हो। बता दें कि किसी जमाने में समसपुर पक्षी विहार काफी खूबसूरत पार्क माना जाता था जहां विदेशी पक्षी प्रवास के लिए आते थे।

यूरोप और साइबेरिया से आते थे पक्षी

यूरोप और साइबेरिया से आते थे पक्षी

रायबरेली के सलोन-उचांहार मार्ग पर भोलागंज बाजार से करीब तीन किमी की दूरी पर समसपुर पक्षी बिहार है। यहां पर यूरोप व साइबेरिया देश से करीब 300 प्रजातियाों के पक्षी अक्तूबर से जनवरी माह तक प्रवास करते थे। छह झीलों से बना पक्षी विहार आज गंभीर उपेक्षा का शिकार है। यहां पर पहुंचने वाली सड़क गड्ढ़ों में तब्दील हो गई है।

 जर्जर हो चुका है पार्क

जर्जर हो चुका है पार्क

झील में जलकुंभी फैली हुई है। पक्षियों की संख्या भी दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है। पर्यटकों के लिए खोली गई चाय व नाश्ते की कैंटीन भी विगत कई सालों से बंद पड़ी है। पर्यटकों को मात्र एक इंडिया मार्का हैडपंप का पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है। सलोन पक्षी विहार में प्रतिमाह 200 से पर्यटक आते थे। इससे सात से आठ हजार की राजस्व हो जाती थी। लेकिन अब यहां सबकुछ सूना पड़ा है।

अब नहीं आते पर्यटक

अब नहीं आते पर्यटक

वहीं दूर दराज से आने वाले लोगों से जब वन इंडिया ने बात की तो हकीकत सामने आई। लोगों का कहना है इस जगह का नाम पक्षी विहार नहीं पशु विहार नाम रख देना चाहिए क्योंकि यहां ना तो कोई देखने लायक पक्षी हैं और ना ही खाने-पीने या उठने बैठने की उचित व्यवस्था। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही अक्तूबर माह से मार्च तक विदेशों से आने वाले पक्षी यहां निवास करते थे लेकिन यहाँ की अव्यवस्थाओं के चलते बहुत कम ही लोगों का आना-जाना होता है।

 रखरखाव के लिए मिलते हैं 25 लाख सालाना

रखरखाव के लिए मिलते हैं 25 लाख सालाना

25 लाख रुपए सालाना मेंटेनेंस व रखरखाव के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसे कहां लगाते हैं इसका बेवरा लेने वाला कोई नहीं वही अगर यहां आने वाले लोगों से बात की गई तो उन्होंने साफ तौर पर बताया कि इसे पक्षी विहार ना कहकर पशु विहार कहा जाए तो ज्यादा अच्छा होगा क्योंकि यहां ज्यादातर आसपास के निवासियों के पालतू जानवर ही चरने के लिए आते हैं।

सोनिया गांधी हैं सांसद, स्वामी प्रसाद हैं राज्य सरकार में मंत्री

सोनिया गांधी हैं सांसद, स्वामी प्रसाद हैं राज्य सरकार में मंत्री

बता दें कि पक्षी विहार रायबरेली के मुख्यालय से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में स्थित है। इसी जिले की सांसद सोनिया गाँधी व ऊंचाहार विधानसभा से पिछली सरकार में समाजवादी पार्टी के कैबिनेट मंत्री डॉ मनोज कुमार पांडे वर्तमान सरकार में स्वामी प्रसाद मौर्य जिनका गृह जनपद भी ऊंचाहार है और सलोन विधानसभा से वर्तमान में भाजपा के विधायक दलबहादुर कोरी यहां के विधायक है। इतिहास के पन्नों में दर्ज समसपुर पक्षी विहार की दुर्दशा देखकर आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि किसी विधानसभा से पूर्व में कैबिनेट मंत्री वर्तमान में बीजेपी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का गृह जनपद होने के बावजूद यह अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है।

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