Russia Shadow Fleet: पुतिन की वॉर मशीन पर ब्रिटेन का बड़ा एक्शन! समंदर में दौड़ाकर पकड़ा पुतिन का तेल टैंकर
UK Seizes Russian Shadow fleet Tanker: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्रिटेन ने रूस की तथाकथित "शैडो फ्लीट" पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है. ब्रिटिश सुरक्षा बलों ने इंग्लिश चैनल में रूसी तेल से जुड़े टैंकर Smyrtos पर कब्जा कर लिया. लंदन का दावा है कि यह जहाज उन नेटवर्क्स का हिस्सा हो सकता है, जिनके जरिए रूस पश्चिमी प्रतिबंधों को दरकिनार कर तेल बेच रहा है.
ब्रिटेन का कहना है कि इस ऑपरेशन का मकसद रूस की ऑयल इनकम पर चोट करना और यूक्रेन युद्ध के लिए होने वाली फंडिंग को कमजोर करना है. इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.

ब्रिटेन ने टैंकर पर कब्जा क्यों किया?
ब्रिटेन के मुताबिक Smyrtos नाम का टैंकर रूस की "शैडो फ्लीट" से जुड़ा हो सकता है. यह ऐसा नेटवर्क है, जिसका इस्तेमाल रूस अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद तेल बेचने के लिए करता है. ब्रिटिश एजेंसियों को शक था कि जहाज की ओनरशिप और ऑपरेशन से जुड़े कई पहलू साफ नहीं हैं. इसी वजह से रॉयल मरीन, नेशनल क्राइम एजेंसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर जहाज को अपने कंट्रोल में लिया. अब जहाज के डॉक्यूमेंट्स, कार्गो और फाइनेंशियल लिंक की जांच की जा रही है.
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क्या है रूस की 'शैडो फ्लीट'?
शैडो फ्लीट उन सैकड़ों तेल टैंकरों का नेटवर्क है, जिनकी ओनरशिप अक्सर कई कंपनियों और देशों के जरिए छिपाई जाती है. पश्चिमी देशों का आरोप है कि रूस इन्हीं जहाजों के जरिए प्रतिबंधों को बायपास कर तेल एक्सपोर्ट करता है. कई बार ये जहाज अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर देते हैं या समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल ट्रांसफर करते हैं. माना जाता है कि इस नेटवर्क में 700 से ज्यादा टैंकर शामिल हैं और रूस की ऑयल ट्रेड का बड़ा हिस्सा इन्हीं के जरिए चलता है.
पुतिन पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति
ब्रिटेन और उसके सहयोगी देशों का मानना है कि रूस की सबसे बड़ी ताकत उसकी ऊर्जा से होने वाली कमाई है. तेल और गैस की बिक्री से मिलने वाला पैसा ही यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद कर रहा है. इसलिए पश्चिमी देश लगातार ऐसे रास्तों को बंद करने की कोशिश कर रहे हैं, जिनसे रूस को रेवेन्यू मिलता है. प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने साफ कहा कि जो लोग रूस की युद्ध मशीन को सपोर्ट कर रहे हैं, उन्हें अब बचने का मौका नहीं मिलेगा. इस कार्रवाई को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
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ब्रिटेन-फ्रांस की संयुक्त कार्रवाई का क्या मतलब?
इस ऑपरेशन में ब्रिटेन ने फ्रांस के साथ मिलकर काम किया. इंग्लिश चैनल दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रूट्स में से एक है, इसलिए यहां किसी भी संदिग्ध जहाज की निगरानी आसान नहीं होती. हाल के महीनों में ब्रिटेन और फ्रांस ने शैडो फ्लीट के खिलाफ इंटेलिजेंस शेयरिंग और संयुक्त निगरानी बढ़ाई है. दोनों देशों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि प्रतिबंधित रूसी तेल यूरोपीय नियमों को दरकिनार कर बाजार तक न पहुंचे. इससे रूस पर आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है.












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