रौशन सर के भाई प्रिंस यादव की मौत पर बड़ा खुलासा, मारपीट, जहर और डेडबॉडी पर चोट, वकील ने बताई सच्चाई!
Prince Yadav Death Case Update NEWS: पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला लगातार उलझता जा रहा है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि प्रिंस यादव अपने कुछ साथियों के साथ नेपाल में ठहरे हुए थे, जहां देर रात 13 जून को उनकी मौत हो गई। घटना के बाद नेपाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रिंस यादव संदिग्ध मौत ने बिहार से लेकर नेपाल तक तहलका मचा दिया है। प्रिंस यादव की मौत के बाद जो पहली तस्वीर (डेडबॉडी) सामने आई है, वह बेहद खौफनाक और कई गंभीर सवाल खड़े करने वाली है। तस्वीरों में प्रिंस की आंख के ठीक ऊपर गहरे चोट और मारपीट के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। शुरुआती सूत्रों के हवाले से बेहद चौंकाने वाली खबर आ रही है कि प्रिंस की बॉडी में जहर का अंश भी पाया गया है।

हालांकि पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट में मौत से पहले मारपीट, जहर देने की बात,डेडबॉडी पर चोट के निशान के दावे किए गए हैं। (वनइंडिया हिंदी इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता)। वहीं रौशन सर के वकील ने भी इस मामले में सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
परिवार और करीबी लोगों का दावा है कि प्रिंस पूरी तरह स्वस्थ थे। ऐसे में अचानक हुई मौत ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद मौत की असली वजह सामने आ सकती है।
🔷प्रिंस यादव के शव की तस्वीर से उठे कई सवाल?
बिहार पुलिस की गिरफ्तारी के डर से नेपाल में फरारी काट रहे प्रिंस यादव का शव विराटनगर के एक होटल के कमरे से बरामद हुआ। प्रिंस पूरी तरह से तंदुरुस्त और स्वस्थ था, इसलिए अचानक उसकी मौत की खबर ने सबको चौंका दिया। मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उसकी डेडबॉडी की पहली तस्वीर सामने आई।
प्रिंस के चेहरे और आंख के ऊपर चोट के निशान साफ तौर पर यह गवाही दे रहे हैं कि होटल के कमरे के भीतर सबकुछ ठीक नहीं था। हालांकि अभी तक नेपाल पुलिस ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि मौत से पहले मारपीट हुई थी।
दैनिक भास्कर ने दावा किया है कि मौत की मुख्य वजह शरीर में गया कोई जहरीला पदार्थ हो सकता है। नेपाल पुलिस इस बेहद संवेदनशील मामले में कुछ भी खुलकर बोलने से बच रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो सके।

🔷वकील का सनसनीखेज दावा: क्या है इस मौत का इंटरनेशनल कनेक्शन?
रौशन आनंद के कानूनी वकील निरंजन कुमार सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम को एक बहुत बड़ी और सोची-समझी अंतरराष्ट्रीय साजिश (International Conspiracy) करार दिया है। उन्होंने मीडिया के सामने आकर बेहद सनसनीखेज दावे किए हैं। वकील ने कहा कि यह इस परिवार के लिए सबसे बड़ा और असहनीय झटका है। परिवार का एक बेटा (रौशन आनंद) पटना की बेऊर जेल में बंद है, जबकि दूसरा बेटा पड़ोसी देश में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की गोद में सो गया।
वकील निरंजन कुमार सिंह ने पूरी क्रोनोलॉजी समझाते हुए कहा कि जिस रफ्तार से 2 जून की घटना के बाद एफआईआर दर्ज हुई, आनन-फानन में भाई की गिरफ्तारी की गई, कुछ लोगों को देश छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा, विपक्षी पक्ष को कोर्ट से तुरंत राहत मिल गई और फिर अचानक नेपाल में प्रिंस की हत्या हो गई-यह सब किसी सामान्य रंजिश का हिस्सा नहीं हो सकता। वकील के मुताबिक, इस पूरे खेल के पीछे एक बहुत बड़ा आपराधिक सिंडिकेट और इंटरनेशनल नेक्सस काम कर रहा है, जिसकी परतें खुलना बेहद जरूरी हैं।
वकील ने कहा,
"हमें सुबह एक फोन कॉल के जरिए इस घटना की जानकारी मिली। यह परिवार के लिए बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना है। इससे बड़ा दुख और कठिन समय शायद ही किसी परिवार पर आ सकता है। एक बेटा पहले से जेल में है और दूसरे की इतनी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि इस पूरे मामले में एक बड़े नेटवर्क और यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के कनेक्शन होने की भी चर्चा है। चूंकि मामला जांच के अधीन है, इसलिए इस समय हम ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि घटनाओं के क्रम को देखें तो कई सवाल खड़े होते हैं। पहले घटना हुई, फिर तुरंत एफआईआर दर्ज हुई, उसके बाद कुछ लोग देश छोड़कर चले गए, फिर भाई की गिरफ्तारी हुई, उसे अंतरिम राहत मिली और अब यह मौत हो गई। इन सभी घटनाओं को एक साथ देखने पर ऐसा लगता है कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क और गहरी साजिश हो सकती है।"
🔷 प्रिंस यादव के गांव में पसरा मातम: टल गई बहन की शादी
जैसे ही सोशल मीडिया के जरिए रविवार 14 जून की सुबह प्रिंस यादव की मौत की खबर रौशन आनंद के पैतृक गांव सहरसा के धमसैना (सौरबाजार) पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। देखते ही देखते प्रिंस के घर पर ग्रामीणों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ जुट गई। प्रिंस के चाचा मनोज सिंह और संतोष कुमार ने रोते हुए बताया कि प्रिंस पूरी तरह से सेहतमंद था, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। सूचना मिलते ही घर के बड़े-बुजुर्ग और परिजन नेपाल के विराटनगर के लिए रवाना हो चुके हैं।
इस दुखद घटना ने परिवार की खुशियों को भी हमेशा के लिए ग्रहण लगा दिया है। 29 जून को रौशन आनंद और प्रिंस यादव की चचेरी बहन की शादी होनी तय हुई थी। घर में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं, लेकिन अब शादी को टाल दिया गया है। हंसते-खेलते परिवार का माहौल अब पूरी तरह चीख-पुकार और मातम में बदल चुका है।

🔷जिला परिषद चुनाव लड़ने वाला था प्रिंस यादव
प्रिंस यादव की इस रहस्यमयी मौत के पीछे पुलिस सिर्फ कोचिंग विवाद को ही वजह नहीं मान रही है। मामले में एक राजनीतिक एंगल भी सामने आया है। दरअसल प्रिंस यादव सिर्फ कोचिंग के कामकाज में ही हाथ नहीं बंटाता था, बल्कि वह जमीनी राजनीति में भी काफी सक्रिय था।
वह सहरसा के सौरबाजार इलाके से आगामी जिला परिषद का चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर चुका था और क्षेत्र में उसकी लोकप्रियता काफी बढ़ रही थी। ऐसे में पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस पहलू को भी खंगाल रही हैं कि कहीं इस हत्या के पीछे कोई पुरानी राजनीतिक रंजिश या चुनावी प्रतिद्वंद्विता तो नहीं थी?

🔷 खान सर की कोचिंग की तरफ से दर्ज FIR में प्रिंस यादव का था नाम, क्या था मामला?
इस पूरे बवाल की जड़ 2 जून 2026 की रात मुसल्लहपुर हाट स्थित 'खान ग्लोबल स्टडीज' (KGS) के बाहर हुई हिंसक झड़प और तोड़फोड़ है। खान सर के कोचिंग मैनेजर कन्हैया कुमार सिंह ने कदमकुआं थाने में जो प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी, उसमें सीधे तौर पर रौशन आनंद और प्रिंस यादव को नामजद आरोपी बनाया गया था।
मैनेजर द्वारा दर्ज कराई गई FIR में लिखा था,
"02 जून को रात करीब 10:10 बजे, जब क्लास खत्म होने के बाद कोचिंग बंद हो चुकी थी, तभी हमारे गार्ड चुनचुन को ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के इशारे पर अभिषेक, प्रिंस (रौशन आनंद का भाई), स्टाफ रौशन और गौरव के साथ आए 15-20 लड़कों ने अचानक गेट पर घेर लिया। उन लोगों ने गार्ड को खींचकर बुरी तरह पीटा, जिससे उसका सिर फट गया। हमलावरों ने कोचिंग का बोर्ड, बैरिकेडिंग और खान सर की तस्वीरें भी तोड़ डालीं।"
FIR में मैनेजर ने दावा किया है कि हाल ही में आए बिहार पुलिस सिपाही भर्ती के रिजल्ट में खान सर की कोचिंग से रिकॉर्ड बच्चों का सिलेक्शन हुआ था। इसी व्यावसायिक ईर्ष्या (Business Jealousy) के कारण ज्ञान बिंदु के संचालक ने यह हमला करवाया। जाते-जाते आरोपियों ने दो दिन के भीतर कोचिंग को बम से उड़ाने की धमकी भी दी थी। इसी एफआईआर के आधार पर पुलिस ने 3 जून को रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि प्रिंस यादव नेपाल भाग गया था।
🔷एक को जेल, एक को बेल? छात्रों का फूटा गुस्सा
इस पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर ज्ञान बिंदु कोचिंग के छात्रों में भारी आक्रोश है। रौशन आनंद सर की रिहाई की मांग को लेकर छात्र अब तक 3 बार पटना की सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन कर चुके हैं। छात्रों का साफ आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी निष्पक्ष जांच कमेटी के एकतरफा कार्रवाई करते हुए रौशन सर को जेल में डाल दिया, जबकि वह खुद मौके पर मौजूद भी नहीं थे।
छात्रों का कहना है, "यह कैसी न्याय व्यवस्था है जहां एक को जेल भेज दिया जाता है और मुख्य आरोपी (जिसके गार्ड्स पर फायरिंग का वीडियो सामने आया था) उसे बेल या अंतरिम राहत मिल जाती है?"
बता दें कि पटना सिविल कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है, जबकि उनके दोनों गार्ड्स फिलहाल जेल में बंद हैं। अब सोमवार को रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका पर दोबारा सुनवाई होनी है, जिस पर पूरे बिहार के छात्रों की निगाहें टिकी हैं।















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