VIDEO: चरण वन्दना करने वाले अधिकारी कर रहे हैं फ्लैग मार्च, कैसे हो सकता है निष्पक्ष चुनाव?
जो आलाअधिकारी सत्ताधारी सरकार के राज्यसभा सांसद की चरण वंदना कर रहे थे, अब उन्हीं को चुनाव से पहले आचार संहिता लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है। देखिए वीडियो।
लखनऊ। चुनाव आयोग ने जैसे ही चुनाव का आगाज किया, वैसे ही उत्तर प्रदेश में होर्डिंग का उतरना शुरू हो गया और प्रचार प्रसार भी बंद हो गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की पुलिस द्वारा जब सिमेना चौराहा और बड़े चौराहे के बीच चुनाव को लेकर फ्लैग मार्च निकाला गया। इस फ्लैग मार्च की अगुवाई जिले के उपजिलाधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल कर रह थे, जिन्होंने कई चौराहों से होते हुए फ्लैग मार्च निकाला।

आपको बता दें कि 19 मार्च 2016 को राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने ट्रामा सेंटर और हरदोई महिला हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। यहां पर जैसे ही राज्यसभा सांसद पहुंचे थे, तो अपर जिलाधिकारी ने चरण वंदना की थी। ऐसे में यह बात सोचने की है कि जिस व्यक्ति ने सत्ताधारी पार्टी के राज्यसभा सांसद की चरण वंदना की थी, अब उसी को आचार संहिता लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसी स्थिति में निष्पक्ष चुनाव कैसे होगा, जब एक ऐसे अधिकारी को चुनाव की ये अहम जिम्मेदारी दी गई है, जो सत्ताधारी पार्टी का पक्षधर हो?
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जब राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल महिला अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे तो उनके पहुंचते ही हरदोई के एडीएम कुंज बिहारी अग्रवाल ने झुककर उनके पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया। ऐसे में यह साफ दिख रहा है कि आला अधिकारियों में नेताओं का भारी खौफ है। जरा सोचिए कि जब जिले में एडीएम का यह हाल है तो अन्य छोटे अधिकारियों का क्या हाल होगा? आप वीडियो में भी देख सकते हैं कि जैसे ही नरेश अग्रवाल गाड़ी से उतरते हैं, वैसे ही तुरंत हाफ नीली सदरी पहने एडीएम कुंज बिहारी अग्रवाल झुककर उनके पैर छू लेते हैं।












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