IIT से IAS और फिर विवादों के बीच CBSE से विदाई, कौन हैं IAS हिमांशु गुप्ता? CBSE OSM विवाद में गिरी गाज
IAS Himanshu Gupta: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में हाल के दिनों में हुए प्रशासनिक बदलावों के बाद सचिव पद संभाल चुके IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता एक बार फिर चर्चा में हैं। ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और उससे जुड़ी खरीद प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने उन्हें उनके पद से हटा दिया। हालांकि, हिमांशु गुप्ता का नाम केवल इस विवाद की वजह से नहीं बल्कि शिक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव के कारण भी जाना जाता है।
IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई। दिल्ली से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक कई अहम पदों पर काम करने वाले हिमांशु गुप्ता को एक ऐसे अधिकारी के रूप में देखा जाता है जिन्होंने शिक्षा और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।

IIT से IAS बनने तक का सफर
हिमांशु गुप्ता ने अपनी शुरुआती पढ़ाई शिमला और लुधियाना के स्कूलों से की। इसके बाद उन्होंने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और वर्ष 2012 में IAS अधिकारी बने। उन्हें AGMUT कैडर मिला, जिसके तहत उन्होंने अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सेवाएं दीं।
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कई अहम प्रशासनिक पदों पर रहे
IAS अधिकारी बनने के बाद हिमांशु गुप्ता ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने दिल्ली में नजफगढ़ के SDM के रूप में काम किया। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में डिप्टी कमिश्नर की जिम्मेदारी भी निभाई।
बाद में उन्हें अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव बनाया गया। राज्य सरकार में योजना, सूचना और जनसंपर्क विभाग के सचिव के रूप में भी उन्होंने काम किया।
अरुणाचल प्रदेश में किए कई काम
अरुणाचल प्रदेश में कार्यकाल के दौरान हिमांशु गुप्ता ने दूरदराज इलाकों में मोबाइल नेटवर्क और संचार सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़े प्रयासों में भूमिका निभाई। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और निवेश को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर भी उन्होंने काम किया। उनके कार्यकाल में ऐसे कई कार्यक्रम शुरू किए गए जिनका उद्देश्य लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाना था।
दिल्ली शिक्षा विभाग में निभाई बड़ी भूमिका
CBSE में आने से पहले हिमांशु गुप्ता दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशक रहे। इस पद पर रहते हुए उन्होंने सरकारी स्कूलों के प्रशासन, शिक्षकों से जुड़े मामलों और शिक्षा नीतियों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभाली। शिक्षा क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए बाद में उन्हें CBSE में सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
दिसंबर 2023 में बने CBSE सचिव
दिसंबर 2023 में हिमांशु गुप्ता को CBSE का सचिव नियुक्त किया गया। इस पद पर रहते हुए वे बोर्ड के प्रशासनिक कामकाज की निगरानी करते थे। उनके पास वित्त, कानूनी मामलों, जनसंपर्क, स्कूल संबद्धता और अन्य प्रशासनिक विभागों की जिम्मेदारी थी। CBSE जैसे बड़े शिक्षा बोर्ड में सचिव का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि बोर्ड के कई प्रमुख फैसलों और प्रक्रियाओं का संचालन इसी स्तर से होता है।
EdCIL में भी मिला अतिरिक्त प्रभार
फरवरी 2026 में हिमांशु गुप्ता को शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी EdCIL (India) Limited के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। इससे शिक्षा क्षेत्र में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई थी।
OSM विवाद के बाद बढ़ी चर्चा
जून 2026 में CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और उससे जुड़े टेंडर मामलों को लेकर विवाद सामने आया। इसके बाद केंद्र सरकार ने CBSE के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया। साथ ही मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया।
इस घटनाक्रम के बाद हिमांशु गुप्ता एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गए हैं। हालांकि, इससे पहले उनका नाम शिक्षा प्रशासन और सरकारी सेवा में निभाई गई जिम्मेदारियों के कारण अधिक जाना जाता रहा है।
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