Prateek Yadav का निधन, कौन हैं अपर्णा यादव? 10 साल के इंतजार के बाद बनी थीं मुलायम परिवार की बहू
Who is Aparna Yadav: समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव के लखनऊ में आकस्मिक निधन हो गया है। इस दुखद खबर ने एक बार फिर उनकी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। 38 वर्षीय प्रतीक यादव का बुधवार सुबह अस्पताल में निधन हो गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें 'डेड ऑन अराइवल' घोषित कर दिया।
प्रतीक यादव के निधन की खबर से प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।आइए जानतें हैं अपर्णा यादव के जीवन, करियर औक प्रतीक के साथ उनके रिश्तों की पूरी कहानी...

अपर्णा यादव का जन्म वर्तमान उत्तराखंड में हुआ था और उनका पालन-पोषण लखनऊ में हुआ, जहां उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा प्राप्त की। आगे की पढ़ाई के लिए वह विदेश गईं और ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से 'इंटरनेशनल रिलेशंस एंड पॉलिटिक्स' में मास्टर डिग्री हासिल की। राजनीति और शिक्षा के साथ-साथ वह कला में भी निपुण हैं और उन्होंने लखनऊ के प्रसिद्ध भातखंडे संगीत संस्थान से शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा ली है।
ईमेल से शुरू हुई अपर्णा और प्रतीक की लव स्टोरी
अपर्णा और प्रतीक की प्रेम कहानी किसी फिल्म की कहानी जैसी रही है, जिसकी शुरुआत साल 2001 में एक स्कूल प्रोग्राम के दौरान हुई थी। उस समय अपर्णा को यह अंदाजा भी नहीं था कि प्रतीक मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं, लेकिन धीरे-धीरे ईमेल और फोन कॉल्स के जरिए उनकी बातचीत शुरू हुई।
10 साल के लंबे रिश्ते के बाद थामा एक-दूसरे का हाथ
करीब 10 साल के लंबे रिश्ते के बाद साल 2011 में उनकी सगाई हुई और 2012 में सैफई में एक बेहद हाई-प्रोफाइल शादी हुई, जिसमें अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और अनिल अंबानी जैसी हस्तियां शामिल हुई थीं।
समाजवादी पार्टी से भाजपा तक का राजनीतिक बदलाव
अपर्णा यादव ने अपना राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी से शुरू किया था और 2017 में लखनऊ कैंट सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा, जहां उन्हें भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, समय के साथ उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करना शुरू कर दिया, जिससे उनके राजनीतिक बदलाव के संकेत मिलने लगे।
आखिर में जनवरी 2022 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में बनाई अलग पहचान
राजनीति के अलावा अपर्णा यादव एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी पहचानी जाती हैं और वह जानवरों के कल्याण के लिए समर्पित हैं। वह 'बी अवेयर' (B Aware) नामक एक संगठन चलाती हैं, जो मुख्य रूप से लावारिस पशुओं के बचाव, उपचार और उनके संरक्षण का काम करता है। इसके अतिरिक्त वह समय-समय पर महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर भी प्रखरता से अपनी आवाज उठाती रही हैं।
निधन से पहले के उतार-चढ़ाव और गंभीर आरोप
प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन से कुछ समय पहले उनके निजी रिश्तों में भारी कड़वाहट की खबरें सोशल मीडिया के जरिए सामने आई थीं। प्रतीक ने इंस्टाग्राम पर अपर्णा को 'परिवार तोड़ने वाली' (Family Destroyer) बताया था और उन पर केवल शोहरत और प्रभाव के पीछे भागने के गंभीर आरोप लगाए थे।
प्रतीक ने यह भी दावा किया था कि वह मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और तलाक लेने की योजना बना रहे हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर अलगाव की पुष्टि नहीं हुई थी।
बीमारी और मृत्यु का कारण
रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और उन्हें फेफड़ों से जुड़ी जटिलताएं (lung complications) थीं। वह अपने फेफड़ों में 'ब्लड क्लॉट' के लिए इलाज भी करा रहे थे, जिसे उनकी मृत्यु का संभावित कारण माना जा रहा है।
अपर्णा यादव का परिवार और निजी जानकारी
- जन्म तिथि: अपर्णा का जन्म 01 जनवरी 1990 को हुआ था और उनकी उम्र 36 वर्ष है।
- पिता: उनके पिता का नाम अरविंद सिंह बिष्ट है।
- मां: उनकी मां का नाम अंबी बिष्ट है।
- बेटी: प्रतीक और अपर्णा की एक बेटी है, जिसका नाम प्रथमा है।
कितनी है अपर्णा यादव की कुल कमाई और जायदाद?
अपर्णा यादव की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत है और चुनाव के समय दिए गए हलफनामे के अनुसार उनकी संपत्ति की जानकारी कुछ इस तरह है:
- नेटवर्थ (Net Worth): अपर्णा यादव के पास कुल जमा-पूंजी लगभग ₹15.01 करोड़ है।
- कुल जायदाद (Total Assets): उनके पास जमीन, मकान और अन्य निवेश मिलाकर कुल ₹22.97 करोड़ की संपत्ति है।
- कर्ज और देनदारी (Liabilities): अपर्णा यादव पर वर्तमान में लगभग ₹7.96 करोड़ का कर्ज या उधारी है।
प्रतीक के निधन के समय कहां थीं अपर्णा यादव
उनकी मृत्यु के समय अपर्णा यादव वहां मौजूद नहीं थीं और अब KGMU के डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम किया जा रहा है।














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