Hamza Burhan:‘डॉक्टर पुलवामा’ से आतंक के मास्टरमाइंड तक! कौन था हमजा बुरहान, पुलवामा हमले में क्या था उसका रोल

Who was Terrorist Hamza Burhan: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में साल 2019 में हुआ वो खौफनाक आतंकी हमला कोई नहीं भूल सकता, जिसमें देश के 40 से ज्यादा वीर जवान शहीद हो गए थे। अब खबर आई है कि उस हमले की साजिश रचने वालों में शामिल खतरनाक आतंकी अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान को पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद (POK) में किसी अज्ञात हमलावर ने गोलियों से भून दिया है। बताया जा रहा है कि वह अपने ऑफिस में बैठा था, तभी कुछ हथियारबंद लोग पहुंचे और उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

हमजा बुरहान का नाम भारत की सुरक्षा एजेंसियों की सूची में लंबे समय से शामिल था। वह सिर्फ एक आतंकी नहीं था, बल्कि पाकिस्तान और पीओके में बैठे उन चेहरों में शामिल था जो कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए युवाओं को तैयार करते थे। यही वजह थी कि उसे "डॉक्टर पुलवामा" के नाम से भी जाना जाने लगा था। चौंकाने वाली बात यह है कि आतंकियों की फौज में 'डॉक्टर पुलवामा' के नाम से मशहूर यह शख्स पाकिस्तान में खुद को एक सीधा-साधा 'टीचर' बताता था, लेकिन पीठ पीछे वह घाटी में खूनखराबे की पूरी स्क्रिप्ट लिख रहा था।

Hamza Burhan Dead Doctor Pulwama

🔷कौन था हमजा बुरहान? (Who was Terrorist Hamza Burhan)

  • हमजा बुरहान मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। मार्च 2018 में वह महज 23 साल की उम्र में अपने घर से साइकिल लेकर निकला था और फिर कभी वापस नहीं लौटा।
  • 27 साल का हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। अल बद्र को भारत की सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक ये 2020 में CRPF जवानों पर ग्रेनेड हमले में भी शामिल था।
  • जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह किसी अवैध रास्ते से नहीं, बल्कि बिल्कुल लीगल तरीके से पासपोर्ट और वीजा लेकर पाकिस्तान पहुंचा था। भारत सरकार ने 2022 में हमजा बुरहान को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था।
  • पाकिस्तान पहुंचते ही उसने आतंक का रास्ता चुन लिया। वह पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'अल बद्र' में शामिल हो गया। अपनी चालाकी और कश्मीरी युवाओं को बरगलाने की क्षमता के कारण वह जल्द ही इस संगठन का एक सक्रिय कमांडर बन गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान पहुंचने के बाद उसने धीरे-धीरे संगठन में अपनी पकड़ मजबूत की और फिर कमांडर स्तर तक पहुंच गया। वह सीमा पार बैठे उन लोगों में शामिल हो गया जो जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ, हथियार सप्लाई और भर्ती नेटवर्क संभालते थे।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा का परिवार उसे आखिरी बार मार्च 2018 में देख पाया था। वह घर से साइकिल लेकर निकला और फिर कभी वापस नहीं लौटा। इसके बाद उसकी मौजूदगी पाकिस्तान और पीओके में दर्ज होने लगी।
Who is Hamza Burhan 2
पाकिस्तान में Unknown Gunmen की दहशत, पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड बुरहान हमजा की हत्या, घुस कर मारा
पाकिस्तान में Unknown Gunmen की दहशत, पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड बुरहान हमजा की हत्या, घुस कर मारा

🔷अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी का करीबा था हमजा बुरहान

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हमजा का नाम कश्मीर में सक्रिय कई बड़े आतंकियों के नेटवर्क से जुड़ा रहा था। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा जैसे आतंकियों का करीबी माना जाता था। बुरहान वानी, जिसे हिजबुल मुजाहिदीन का पोस्टर बॉय कहा जाता था, 8 जुलाई 2016 को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में ढेर हुआ था।

उसकी मौत के बाद घाटी में लंबे समय तक हिंसा, पत्थरबाजी और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। बाद में जाकिर मूसा ने आतंकी संगठन में बड़ी भूमिका संभाली और बुरहान वानी के बाद प्रमुख चेहरा बनकर उभरा। हालांकि, वह भी ज्यादा समय तक बच नहीं पाया और 23 मई 2019 को पुलवामा जिले के त्राल इलाके में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में मारा गया था।

Who is Hamza Burhan

🔷हमजा बुरहान की सिक्योरिटी में रहते थे 24 घंटे AK-47 के साथ गनर

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने उसके लिए खास इंतजाम किए थे। उसे ऑपरेट करने के लिए अलग ऑफिस दिया गया था, जहां उसकी सुरक्षा में चौबीसों घंटे हथियारबंद गार्ड तैनात रहते थे। कहा जाता है कि उसकी सुरक्षा में लगे गनर एके-47 जैसे आधुनिक हथियारों से लैस रहते थे।

🔷'डॉक्टर पुलवामा' नाम कैसे पड़ा? (Why Was He Called Doctor Pulwama)

सुरक्षा एजेंसियों और आतंकी नेटवर्क के बीच हमजा बुरहान को "डॉक्टर पुलवामा" के नाम से जाना जाता था। इसके पीछे वजह यह बताई जाती है कि वह आतंकी मॉड्यूल को ऑपरेट करने, युवाओं को ब्रेनवॉश करने और आतंकी गतिविधियों को संगठित तरीके से चलाने में माहिर था। वह सोशल मीडिया और लोकल नेटवर्क के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ धकेलने का काम करता था। एजेंसियों का दावा था कि वह फंडिंग चैनल्स से भी जुड़ा हुआ था और आतंकियों तक पैसा पहुंचाने में भूमिका निभाता था।

🔷पुलवामा हमले में क्या थी भूमिका? (Hamza Burhan Role in Pulwama Attack)

14 फरवरी 2019 को जब जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी CRPF के काफिले से टकराई थी, तो उस पूरी साजिश के पीछे जिन मास्टरमाइंड्स का दिमाग था, उनमें हमजा बुरहान भी शामिल था। इसके अलावा:

  • वह सीमा पार (PoK) बैठकर कश्मीरी युवाओं को आतंकी बनने के लिए उकसाता था।
  • वह 'अल बद्र' संगठन के लिए विदेशों और अन्य जरियों से टेरर फंडिंग (आतंकी फंड) जुटाता था।
  • वह भारतीय सीमा में नए आतंकियों की घुसपैठ कराने और उन्हें हथियारों की सप्लाई देने का जिम्मा संभालता था।
  • 18 नवंबर 2020 को CRPF जवानों पर हुए ग्रेनेड हमले और पुलवामा में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामदगी के पीछे भी उसी का हाथ था।

इन्हीं हरकतों की वजह से भारत सरकार ने साल 2022 में सख्त UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत उसे आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+