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कौन हैं हिंदुत्व के कर्णधार हरि-विष्णु? ज्ञानवापी से जामा मस्जिद तक, जानें कैसे बन रहे हिंदुओं के 'केवट'!

Who is Vishnu Shankar, Hari Shankar Jain: उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल जिले संभल (Sambhal) की शाही जामा मस्जिद (Shahi Jama Masjid) के सर्वे के दौरान रविवार (24 नवंबर) सुबह बवाल मच गया। पथराव, आगजनी, आंसू गैस और एसपी के पैर में लगी गोली ने माहौल को और भी गरम कर दिया। हिंसा की आग में धूं-धूं का संभल जला, दूसरी ओर कोर्ट के आदेश (सर्वे) का पालन हुआ।

वहीं, मामले में हिंदुओं के पक्षकार वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन अपना संकल्प पूरा करने में जुटे हैं। संकल्प वो, जो हिंदुओं को उनका अधिकार दिलाना और ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने के पीछे संघर्ष जारी है। यह पहली बार नहीं है, जब विष्णु हिंदुओं के प्रति अपना धर्म निभा रहे हों।

Hari Vishnu Profile

विष्णु शंकर जैन और उनके पिता हरि शंकर जैन आज हिंदू धर्म से जुड़े कानूनी मामलों में एक जानापहचाना नाम हैं। ज्ञानवापी मस्जिद से लेकर संभल की शाही जामा मस्जिद तक, ये पितापुत्र की जोड़ी अदालतों में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करती है। इन्होंने देशभर में मंदिरमस्जिद विवादों से जुड़े 102 से अधिक केस लड़े हैं। आइए जानते हैं, इनके जीवन और काम के बारे में विस्तार से....

Who is Vishnu Shankar Jain: कौन हैं हरि शंकर जैन?

  • हरि शंकर जैन (जन्म 27 मई 1954) ने 1976 से वकालत शुरू की। उन्होंने लखनऊ कोर्ट से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष से जुड़े केस लड़े।
  • उनकी सबसे बड़ी कानूनी जीत 1993 में मिली, जब कोर्ट ने बाबरी मस्जिद के दरवाजे हिंदुओं के लिए खोलने का आदेश दिया।

Who is Harishankar Jain:कौन हैं विष्णु शंकर जैन?

  • जन्म: 9 अक्टूबर 1986
  • शिक्षा: पुणे के बालाजी लॉ कॉलेज से ग्रैजुएशन
  • कैरियर की शुरुआत: 2010 में कानून की पढ़ाई पूरी कर पिता के साथ वकालत शुरू की
  • मुख्य केस: अयोध्या, ज्ञानवापी, ताजमहल, कुतुब मीनार और मथुरा विवाद
  • हरि शंकर जैन के पुत्र विष्णु ने बचपन से ही हिंदू धर्म से जुड़े मामलों में अपने पिता की कानूनी लड़ाई देखी। 2016 में वे सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड बने।

प्रमुख केस और कानूनी लड़ाई
Gyanvapi Mosque case (Varanasi): ज्ञानवापी मस्जिद मामला (वाराणसी)

  • दावा: मस्जिद के अंदर शिवलिंग पाया गया।
  • कोर्ट ने सर्वे का आदेश दिया, जिसके दौरान शिवलिंग मिलने की पुष्टि हुई।
  • मुस्लिम पक्ष इसे फव्वारा बताता है, जबकि जैन पिता-पुत्र ने इसे हिंदू आस्था से जोड़ा।

Sambhal Shahi Jama Masjid case: संभल की शाही जामा मस्जिद मामला:

  • हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मस्जिद श्री हरिहर मंदिर की जगह बनाई गई।
  • कोर्ट के आदेश पर सर्वे हो रहा है।

Mathura ShriKrishna Janmabhoomi Dispute: मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद:

  • शाही ईदगाह मस्जिद पर मंदिर के अवशेष होने का दावा।
  • केस अभी लंबित है।

Qutub Minar Taj Mahal Controversy: कुतुब मीनार और ताजमहल विवाद:

  • ताजमहल को शिव मंदिर "तेजोमहालय" बताया गया। मामला अभी विचाराधीन है।
  • कुतुब मीनार में 27 मंदिर तोड़कर मीनार बनाने का दावा किया।

ये भी पढ़ें- Stone Pelting in Sambhal: शाही जामा मस्जिद का सर्वे करने पहुंची टीम पर पत्थरबाजी, 2 की मौत

अन्य विवाद:

  • वक्फ अधिनियम, 1995 की वैधता को चुनौती।
  • धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी शब्दों को संविधान की प्रस्तावना से हटाने की याचिका।

'हिंदू राष्ट्र' का लक्ष्य
विष्णु शंकर जैन और उनके पिता का मानना है कि उनकी कानूनी लड़ाई का उद्देश्य "हिंदू राष्ट्र" की स्थापना है। इनके अनुसार, भले ही कोर्ट का फैसला जो भी हो, इन मामलों से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। विष्णु कहते हैं, "हम हर जगह हिंदू स्थलों को दोबारा प्राप्त करने के लिए लड़ेंगे।"

Vishnu Shankar Hari Shankar Jain Profile

पिता हरि की सीख, पुत्र विष्णु की प्रेरणा
विष्णु बताते हैं कि उनके पिता ने 1989 में अयोध्या केस के लिए मुस्लिम वक्फ बोर्ड का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा, "पैसे के लिए मैंने अपने धर्म के खिलाफ खड़े होने से इनकार किया।" 2013 में, जब हरि शंकर जैन गंभीर रूप से बीमार थे, उन्होंने विष्णु से कहा, "टीले वाली मस्जिद का केस मत भूलना।" इस समर्पण ने विष्णु को गहराई तक प्रभावित किया।

प्रमुख संगठन और नेटवर्क
विष्णु और हरि शंकर कई हिंदू संगठनों से जुड़े हैं:

  • हिंदू महासभा
  • सनातन संस्था
  • हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस
  • सनातन संस्था ने हरि शंकर को "हिंदू राष्ट्र" के लिए काम करने वाला धर्मयोद्धा घोषित किया।

किन-किन आलोचनाओं और चुनौतियां का झेलना पड़ा

  • जैन पिता-पुत्र पर आरोप है कि वे अपने मामलों के माध्यम से सांप्रदायिक माहौल भड़काते हैं।
  • इनके कई केस खारिज हो चुके हैं, लेकिन ये इसे "जागरूकता का हिस्सा" मानते हैं।
  • पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के खिलाफ इनकी लड़ाई को विवादित माना जाता है।

ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने का विष्णु का संघर्ष
"हमारी लड़ाई केवल कोर्ट में जीतने की नहीं है। यह ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने और हिंदू धर्म को पुनर्जीवित करने की है।" उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य "कानूनी जागरूकता के माध्यम से हिंदू क्रांति" बताया।

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