UP News: MP के 'Deepfake' वीडियो पर संग्राम- यूपी में SP का बवाल, घेरा थाना! क्या है Viral Video का सच?
UP News: घोसी लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय की छवि धूमिल करने की कोशिश का एक गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर सांसद का एक एडिटेड वीडियो तेजी से वायरल किया जा रहा है, जिसमें उनके बयान को आपत्तिजनक सामग्री के साथ जोड़कर दिखाया गया है।
इस घटना से भड़के सपा कार्यकर्ताओं ने दोहरीघाट थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, वायरल हो रहे इस विवादित वीडियो में सांसद राजीव राय के एक पुराने बयान के छोटे से हिस्से को काटकर इस्तेमाल किया गया है। वीडियो के ऊपरी हिस्से में सांसद कहते सुनाई दे रहे हैं, 'यह हमारा दिया हुआ संस्कार है', जबकि ठीक उसी के नीचे एक अन्य वीडियो चल रहा है जिसमें एक युवक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झंडे के साथ बेहद आपत्तिजनक व्यवहार करता दिख रहा है।
छवि खराब करने की साजिश का आरोप
सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह वीडियो पूरी तरह से एडिटेड (Edited) है। सांसद के शब्दों को गलत संदर्भ में पेश कर जनता के बीच उनकी छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश रची गई है।
इस पूरे मामले पर स्थानीय नेतृत्व और प्रशासन की पैनी नजर है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, सपा सांसद के प्रतिनिधि प्रभात राय और युवजन सभा के प्रदेश सचिव अजय यादव 'आंसू' ने कहा कि राजनीतिक द्वेष के चलते सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी इस तरह की घटिया राजनीति का कड़ा विरोध करती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोहरीघाट थाना पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं से शिकायती पत्र प्राप्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल की मदद से वीडियो के स्रोत का पता लगाया जा रहा है और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्यकर्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
सपा कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे सांसद के सम्मान में सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से मऊ में भाजपा और सपा के बीच सियासी पारा चढ़ा हुआ है।
Deepfake वीडियो को ऐसे पहचानें

क्या है Viral Video का सच?
वनइंडिया हिंदी सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय के नाम से वायरल हो रहे इस एडिटेड/डीपफेक वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। यह रिपोर्ट सपा कार्यकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत, उनके आरोपों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने Deepfake पर दिखाई सख्ती
दरअसल, हाल के दिनों में AI से बने फर्जी वीडियो और तस्वीरों के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच 10 मई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर से जुड़े कथित Deepfake मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सख्त निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि Deepfake और AI तकनीक का गलत इस्तेमाल लोगों की छवि और भरोसे दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए ऐसे भ्रामक कंटेंट पर तुरंत कार्रवाई जरूरी है। अदालत ने संबंधित प्लेटफॉर्म्स को वीडियो हटाने और जुड़े अकाउंट्स की जानकारी सुरक्षित रखने को भी कहा था।














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