Uttar Pradesh Weather Alert: Lucknow समेत 24 जिलों में 4 दिन बारिश-तूफान, कहां-कहां IMD का ओलावृष्टि अलर्ट?
Uttar Pradesh Aaj Ka Mausam, 29 March, Sunday, Weather Alert: उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है और इस बार बदलाव थोड़ा तेज और असरदार हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र (Meteorological Centre Lucknow) ने उत्तर प्रदेश के लिए 4 दिन (31 मार्च 2026 सुबह 8:30 बजे से 1 अप्रैल 2026 सुबह 8:30 बजे तक) का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया है।
इसमें साफ संकेत दिए हैं कि राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। अगर आप लखनऊ या आसपास के इलाकों में रहते हैं, तो अगले कुछ दिन आपको मौसम को लेकर थोड़ा सतर्क रहना होगा। यह बदलाव खासकर पूर्वी और मध्य यूपी में ज्यादा असर दिखा सकता है। कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात, तेज हवाएं (40-60 किमी/घंटा) और बेमौसम बारिश की साफ चेतावनी दी गई है।

यह अलर्ट सिर्फ आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि किसानों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि तेज हवा और बारिश गेहूं, सरसों, चना, अरहर जैसी खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। आइए जिलेवार जानते हैं कहां बारिश-कहां तूफान?
Uttar Pradesh Weather Alert City-wise: किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा? (Yellow Alert)
IMD ने इन जिलों को येलो अलर्ट में रखा है:-
- पूर्वी यूपी: प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया
- मध्य यूपी: अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर नगर, फतेहपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, कौशांबी, चित्रकूट
- दक्षिणी यूपी: झांसी और आसपास के इलाके
कुल 24 से ज्यादा जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश, तेज बौछारें और वज्रपात की संभावना है।
UP Weather Forecast: मौसम का पूरा पूर्वानुमान
- हल्की से मध्यम बारिश (कुछ जगहों पर तेज बौछारें)
- गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका
- तेज हवाएं 40-50 किमी/घंटा, कहीं-कहीं 60 किमी/घंटा तक
- तापमान में अचानक गिरावट
IMD Weather Alert: किसानों के लिए सबसे बड़ा खतरा- फसलों पर असर
IMD ने खासतौर पर किसानों को चेतावनी दी है। तेज हवा और बेमौसम बारिश इन फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है:-
दलहन और तिलहन फसलें
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अरहर (फली विकास/दाना भरने की अवस्था): फलियां फट सकती हैं, पौधे गिर सकते हैं
- सरसों (कटाई की अवस्था): फलियां टूट सकती हैं, दाना झड़ सकता है
- मटर और चना: फलियां टूटने और झड़ने का खतरा
- गेहूं (दूधिया/मुलायम दाना अवस्था): लॉजिंग (फसल गिरना) का खतरा, उत्पादन घट सकता है
- मक्का, उड़द, मूंग, मूंगफली: बीज बह सकते हैं, अंकुरण प्रभावित
- भिंडी, लौकी, तोरई, खीरा, टमाटर, बैंगन, मिर्च, आम, केला, पपीता: फूल-फल गिरने, पौधे झुकने का खतरा
- अनावश्यक घर से बाहर न निकलें
- बिजली के उपकरणों से दूर रहें
- पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में न रुकें
- कंक्रीट की मजबूत इमारत में ही आश्रय लें
- यात्रा (सड़क, रेल, हवाई) से बचें
- पकी फसल (सरसों, अरहर, गेहूं) तुरंत काट लें और सुरक्षित जगह पर रखें
- खेत में ड्रेनेज (जल निकासी) की व्यवस्था करें ताकि पानी न भरे
- खड़ी फसलों को सहारा दें
- बुवाई वाले खेतों में नमी संतुलित रखें; जरूरत पड़े तो दोबारा बुवाई करें
- खराब मौसम में खेत में काम करने से बचें
अनाज फसलें
बुवाई वाली खरीफ/जायद फसलें
सब्जियां और बागवानी
IMD की जरूरी सलाह - तुरंत अमल करें
आम लोगों के लिए
किसानों के लिए खास सलाह
31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच उत्तर प्रदेश का मौसम अचानक बदलने वाला है। लखनऊ समेत पूर्वी और मध्य यूपी में बारिश, आंधी और बिजली का खतरा सबसे ज्यादा है। आम लोग सतर्क रहें तो जन हानि टाली जा सकती है और किसान समय रहते सावधानी बरतें तो फसलों का नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता है। IMD की एडवाइजरी (IMD Advisory) का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या मौसम विभाग से संपर्क करें।












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