UP Politics: शिवपाल यादव के चुनाव लड़ने के पीछे थे Amit Shah? मंत्री बनाने के ऑफर का भी दावा!
UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछले कुछ साल में पारिवारिक विवाद और तनातनी का माहौल भी देखने को मिला था। एक वक्त में पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव से खासी तकरार थी और दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया था। शिवपाल सिंह यादव ने अब पारिवारिक विवाद और अपनी अलग पार्टी बनाने और चुनाव लड़ने पर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि सपा से अलग होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनसे संपर्क किया था। उन्हें योगी सरकार में मंत्री बनाए जाने का भी ऑफर मिला था।
शिवपाल यादव ने दावा किया है कि साल 2022 के दौरान बीजेपी नेताओं ने उन्हें पार्टी में शामिल कराने की कोशिश की थी। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वे सीधे गृह मंत्री अमित शाह के संपर्क में थे। शिवपाल का दावा है कि शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाया और मंत्री पद का ऑफर दिया था। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि उन्होंने इस ऑफर पर साफ इनकार करते हुए कह दिया था कि वह ऐसा कोई पद नहीं चाहते हैं।

UP Politics में मुलायम परिवार की तकरार रही थी चर्चित
उत्तर प्रदेश के शीर्ष राजनीतिक परिवार में दरार की घटना ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। मुलायम सिंह यादव के सामने ही उनके भाई और बेटे अखिलेश के बीच विवाद की जड़ें गहरी हो गईं। शिवपाल ने साल 2018 में अपनी अलग पार्टी बना ली थी। इतना ही नहीं मुलायम की छोटी बहू अपर्णा बिष्ट यादव भी बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं। हालांकि, शिवपाल और अखिलेश के बीच दूरियां कम हो गईं और साल 2022 में शिवपाल ने अपनी पार्टी समाजवादी पार्टी में विलय कर दी। तब से अब तक उन्हें कई बार भतीजे अखिलेश के साथ देखा भी गया है।
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Amit Shah ने दिया था मंत्री बनने का ऑफर
शिवपाल यादव का कहना है कि बीजेपी का मकसद सिर्फ समाजवादी परिवार में दरार बनाए रखना था, ताकि अखिलेश यादव और उनका गुट कभी एकजुट न हो सके। उनके मुताबिक, 'इनका इरादा सिर्फ हमें अपने पाले में दिखाकर राजनीतिक फायदा उठाना था।' शिवपाल यादव ने कहा कि वे हमेशा से समाजवादी विचारधारा के साथ रहे हैं। मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा उनके मन में कभी नहीं रही, इसलिए वे बीजेपी के प्रस्ताव को ठुकरा गए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 2017 से ही वे बीजेपी के संपर्क में थे और 2019 के फिरोजाबाद चुनाव में अमित शाह के कहने पर मैदान में उतरे थे।
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