UP News: "माफिया डॉन-बाहुबली कहकर खराब की जा रही मेरी छवि"...जानिए मुख्तार अंसारी ने अदालत से क्यों कही ये बात
पूव्र विधायक मुख्तार अंसारी ने अदालत में एक याचिका दायर की है जिसमें उसने कहा है कि माफिया डान और बाहुबली जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही हे।

Gangster turned politician Mukhtar Ansari: उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल के माफिया डॉन और पूर्व सांसद अतीक अहमद की प्रयागराज में सरेआम हुई हत्या के बाद गरमाए माहौल के बीच गैंगस्टर से राजनेता बने पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को अब अपने इमेज की फिक्र सताने लगी है। मुख्तार अंसारी ने मीडिया में "माफिया डॉन" और "बाहुबली" जैसे शब्दों के इस्तेमाल के खिलाफ बाराबंकी की एक अदालत से गुहार लगाई है।
मीडिया में छवि खराब करने की हो रही कोशिश
याचिका में आरोप लगाया गया है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। इस पर अदालत को कदम उठाना चाहिए। दरअसल मऊ विधानसभा से लगातार पांच बार (1996 से 2022) विधायक रहे अंसारी 18 साल से जेल में हैं और वर्तमान में पिछले दो साल से बांदा जेल में बंद हैं। चार दशकों में उनके खिलाफ 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बाहुबली और माफिया डॉन जैसे शब्दों पर आपत्ति
मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के वकील रणधीर सिंह सुमन ने याचिका में कहा है कि, ''माफिया डॉन मुख्तार अंसारी', 'मुख्तार अंसारी बाहुबली' जैसे शब्द का इस्तेमाल कर कुछ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया खबरें चला रहे हैं। इस तरह के शब्दों और विशेषणों का इस्तेमाल उनकी छवि खराब करने के लिए किया जाता है। "मैं अदालत से अनुरोध करता हूं कि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऐसी चीजों को रोकने के लिए उपाय करें।"
पूर्व बीजेपी विधायक कृष्णानंद की हत्या में जेल में बंद
दरअसल, हाल ही में गाजीपुर एमपी एमएलए कोर्ट ने नवंबर 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या और जनवरी 1997 में व्यवसायी व भाजपा नेता नंद किशोर रूंगटा के अपहरण व हत्या के मामले में 2007 में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में अंसारी को 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। मुख्तार के सांसद भाई अफजाल अंसारी को भी चार साल की कैद हुई थी।
पुलिस बोली- यूपी पुलिस उसे माफिया डॉन नहीं कहती
मुख्तार की ओर से दायर इस याचिका पर यूपी पुलिस के विशेष महानिदेशक प्रशांत कुमार ने कहा, "हम (यूपी पुलिस) उसे 'माफिया डॉन' नहीं कहते हैं, लेकिन वह पुलिस रिकॉर्ड में आपराधिक माफियाओं में से एक के रूप में सूचीबद्ध है। उसके खिलाफ जघन्य अपराध के कई मामले दर्ज हैं।"
कुछ लोगों पर लगाया छवि खराब करने का आरोप
आवेदन में, वकील ने आरोप लगाया कि कुछ सेवारत और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी अंसारी की छवि खराब करने और उनके खिलाफ मीडिया ट्रायल को बढ़ावा देने के लिए एक एजेंडा चला रहे थे, जबकि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मामला लंबित है।












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