Twisha Sharma: मेरी बहन को मार डाला...कहां है समर्थ? रिटायर्ड जज सास को बेल क्यों? मेजर भाई ने उठाए ये 5 सवाल
Twisha Sharma Case Update: 'मेरी बहन निहत्थी थी... लेकिन उसे मार दिया गया। अब हमें ही धमकाया जा रहा है....' भोपाल में हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद जब उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा कैमरे के सामने आए, तो उनकी आवाज में सिर्फ गुस्सा नहीं था, बल्कि टूटे हुए परिवार का दर्द भी साफ सुनाई दे रहा था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने एक-एक सवाल ऐसे उठाए, जिसने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया।
33 साल की ट्विशा शर्मा, जो कभी मॉडलिंग की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा थीं, अब एक ऐसे डेथ केस का हिस्सा बन चुकी हैं, जिस पर लगातार नए सवाल उठ रहे हैं। परिवार इसे दहेज हत्या बता रहा है, जबकि ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या का मामला कह रहा है। लेकिन FIR में देरी, फरार पति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान और कथित धमकियों ने इस केस को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

Who Was Twisha Sharma: ट्विशा कौन थीं?
नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा एक पूर्व मिस पुणे प्रतियोगी, मॉडल, अभिनेत्री और MBA डिग्रीधारी मार्केटिंग प्रोफेशनल की थी। डेटिंग ऐप पर भोपाल के क्रिमिनल वकील समर्थ सिंह से मुलाकात हुई और शादी हो गई। परिवार के अनुसार 5 महीने की शादी में ही ट्विशा 'घुटन', 'ट्रैप' और मानसिक प्रताड़ना की शिकार हो गई। उनके आखिरी मैसेज में उसने अपनी दोस्त को लिखा था- 'मैं फंस गई हूं यार... तू मत फंसना'। वहीं, मां से कहा था कि मम्मी, मैं इसे हैंडल नहीं कर पा रही। 12 मई की रात ट्विशा ने परिवार से फोन पर बात की। बात अचानक कट गई, जब पति समर्थ कमरे में घुसे। कुछ देर बाद ट्विशा को फंदे से लटका पाया गया। परिवार का आरोप है कि समय पर मेडिकल मदद नहीं दी गई, अस्पताल केवल 10 मिनट की दूरी पर था लेकिन पहुंचने में देरी हुई। पोस्टमॉर्टम भी सही तरीके से नहीं हुआ।

Twisha Sharma Brother Major Harshit: मेजर हर्षित का गुस्सा, सवालों की बौछार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेजर हर्षित शर्मा ने एक-एक तथ्य रखा:
- 'पुलिस को पहली कॉल हमने की, उन्होंने नहीं। वे दावा करते हैं कि बचाने की जल्दी में थे, लेकिन CCTV में गिरबाला सिंह आराम से सीढ़ियों पर ऊपर-नीचे घूम रही हैं, जैसे उनके पास सारा समय हो।'
- 'पुलिस स्टेशन घर से मात्र 30 सेकंड दूर था, फिर कॉल क्यों नहीं की गई?'
- 'FIR दर्ज होने में तीन दिन लगे। 15 मई सुबह 2:30 बजे FIR दर्ज हुई, लेकिन उससे पहले ही आरोपी पक्ष की अग्रिम जमानत याचिका दायर हो चुकी थी।'
- 'एक 'निहत्थी' 63 वर्षीय महिला (रिटायर्ड जज) मेरे 61 वर्षीय पिता को अदालत परिसर में धमकाने के लिए लोगों को भेज रही है। कहा जा रहा है 30 आदमी मिलकर पिटाई करेंगे। यह कैसे सही है?'
- मेजर ने पूछा कि समर्थ सिंह कहां है? वह फरार क्यों है? अगर आत्महत्या है, तो मुख्य आरोपी जांच में सहयोग क्यों नहीं कर रहा? वे दूसरा पोस्टमॉर्टम क्यों नहीं मांग रहे?
कानूनी प्रक्रिया का क्या अपडेट?
- FIR: दहेज प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने और हत्या के आरोप में दर्ज।
- SIT: छह सदस्यीय विशेष जांच दल गठित। कॉल रिकॉर्ड, चैट्स, फुटेज और फाइनेंशियल ट्रेल की जांच चल रही है।
- जमानत: गिरबाला सिंह (रिटायर्ड जज) को अग्रिम जमानत मिल गई। समर्थ सिंह की याचिका खारिज। वो फरार हैं और लुकआउट नोटिस जारी है। पासपोर्ट रद्द कर दिए गए हैं। 10,000 रुपये इनाम और छह टीमें गठित की गई हैं।
- पोस्टमॉर्टम: शुरुआती रिपोर्ट में एंटीमॉर्टम इंजरीज (मृत्यु पूर्व चोटें) मिलीं। फंदे का बेल्ट/नायलॉन सामग्री जमा नहीं कराया गया, जिससे फॉरेंसिक मैचिंग में समस्या दिखी। परिवार AIIMS दिल्ली में दूसरा पोस्टमॉर्टम मांग रहा है और अंतिम संस्कार टाल रखा है।

कोर्ट ने ट्विशा की मौत को 'अप्राकृतिक परिस्थितियों' में माना है। टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में ड्रग्स नकारे गए हैं।
दोनों पक्षों के दावे
- ट्विशा परिवार: दहेज के लिए प्रताड़ना, गर्भावस्था में गर्भपात का दबाव, मानसिक-शारीरिक दुर्व्यवहार। ट्विशा ने 15 किलो वजन कम किया था। चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स सबूत हैं।

- ससुराल पक्ष: गिरबाला सिंह का दावा- ट्विशा में मानसिक समस्या (स्किजोफ्रेनिया जैसे लक्षण), ड्रग एडिक्शन, आवेगी व्यवहार। उन्होंने 'सब कुछ बर्बाद कर दिया' कहा। परिवार पर बदले की भावना का आरोप।
पुलिस ने ड्रग एडिक्शन के दावों को खारिज किया है।













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