कड़ी चौकसी के बीच लखीमपुर खीरी में एंट्री करने में सफल हुए टीएमसी नेता, मृतकों के परिवार से की मुलाकात
लखीमपुर खीरी, 5 अक्टूबर। लखीमपुर खीरी में आंदोलनकारी किसानों की मौत के बाद यहां विपक्षी पार्टियों को पुलिस प्रशासन ने रोक लगा दी है। लेकिन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पांच नेता कड़ी सुरक्षा और एंट्री बैन होने के बावजूद लखीमपुर पहुंचने में कामयाब हो गए। टीएमसी के नेताओं के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मृतक किसानों के परिवारों से मुलाकात की। यह विपक्षी नेताओं का एकमात्र प्रतिनिधिमंडल था जो जिला प्रशासन द्वारा जारी निषेधाज्ञा के बीच हिंसा प्रभावित लखीमपुर खीरी तक जाने में सफल रहा।

पर्यटक बन कर पहुंचे सांसद प्रतिमा मंडल
एक प्रेस बयान में, तृणमूल कांग्रेस ने खुलासा किया कि पार्टी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने शोक संतप्त परिवारों से मिलने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य में प्रवेश करने के लिए खुद को पर्यटक बताया था। टीएमसी लोकसभा सांसद प्रतिमा मंडल ने मंगलवार को कहा, "हम रविवार से लखीमपुर-खीरी पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं और हम दो दिन बाद पहुंच पाए। हमने राज्य में प्रवेश करने के लिए पर्यटक बन कर आए।" उन्होंने आरोपी एक राजनेता का बेटा है लेकिन उसने किसी को मार डाला है और उसे दंडित किया जाना चाहिए। भारत एक लोकतांत्रिक देश है लेकिन पिछले कुछ सालों से लोकतंत्र गायब है। भाजपा एक निरंकुश सरकार की तरह शासन कर रही है। वे सभी को सलाखों के पीछे डाल रहे हैं काकोली घोष दस्तीदार ने पूछा, 'सिवाय आरोपी और जिसे चाहते हैं उसे मार रहे हैं। पीएम मोदी लखनऊ में हैं, वह लखीमपुर-खीरी क्यों नहीं गए।'
मंत्री के बेटे पर लगा है ये आरोप
बता दें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के काफिले द्वारा कथित तौर पर कुचलने के बाद चार किसानों की मौत हो गई। इसके बाद हुई हिंसा में चार और लोग मारे गए। आशीष मिश्रा ने दावा किया है कि घटना के समय वह अपने काफिले की किसी भी कार में मौजूद नहीं थे। इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश इस घटना की जांच करेंगे।
मृतकों के परिवारों से मिलने से लगाई गई है रोक
बता दें जहां टीएमसी प्रतिनिधिमंडल हिंसा प्रभावित लखीमपुर खीरी पहुंचने में कामयाब रहा, वहीं कई अन्य विपक्षी नेताओं को मृतकों के परिवारों से मिलने से रोक दिया गया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को सोमवार तड़के लखीमपुर खीरी जाते समय हिरासत में ले लिया गया। उसे सीतापुर स्थित पीएसी गेस्ट हाउस में रखा गया है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को भी मंगलवार को यूपी पुलिस ने लखनऊ एयरपोर्ट से बाहर निकलने से रोक दिया।
The excruciating pain of our farmers and their tears doesn't seem to reach Mr. @narendramodi. Is he really unable to feel their grief, unable to act upon their concerns?
We will stand shoulder to shoulder with each and every family & fight for their justice till our last breath! pic.twitter.com/AVnh15ARXN
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) October 5, 2021
पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा को भी हिरासत में लिया गया
वहीं, पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा को सोमवार रात यूपी के सहारनपुर में लखीमपुर खीरी जाते समय हिरासत में ले लिया गया। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में सोमवार को रिहा कर दिया गया। इसी तरह, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद सतीश चंद्र मिश्रा और आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह उन कई विपक्षी नेताओं में शामिल थे, जिन्हें लखीमपुर खीरी जाने से रोका गया था।












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