Maharashtra CM देवेंद्र फडणवीस बाइक चलाकर पहुंचे विधानसभा, बिना कारों के काफिले के कैसे हुई सुरक्षा? Video
Devendra Fadnavis Bike Ride: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और लगातार बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती लागत और विदेशी मुद्रा पर पड़ रहे असर को देखते हुए अब केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों तक, हर स्तर पर मितव्ययिता और ईंधन बचत को लेकर गंभीर पहल शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील अब केवल भाषणों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसका असर सत्ता के गलियारों में साफ दिखाई देने लगा है।
बाइक पर विधानसभा पहुंचे फडणवीस
महाराष्ट्र में इसका ताजा उदाहरण सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस संदेश को अपने अनोखे अंदाज में अपनाया और अपने सरकारी आवास से विधानसभा तक का सफर बाइक से तय किया। सीएम फडणवीस खुद अपनी मोटरबाइक पर सवार होकर सरकारी निवास 'वर्षा' से 'विधान भवन' तक पहुंचे। सोशल मीडिया पर सीएम की बाइक चलाते हुए बाइक वाला वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।

कैसे हुई सीएम की सुरक्षा?
इस यात्रा की खास बात यह थी कि उनके साथ आमतौर पर दिखाई देने वाला कोई बड़ा काफिला या पूर्ण प्रोटोकॉल वाली कारों की भीड़ नहीं थी। उनके सुरक्षाकर्मी भी चार पहिया वाहनों के बजाय बाइक पर ही उनके साथ नज़र आए।मुख्यमंत्री का यह कदम एक महत्वपूर्ण संदेश देने की मंशा से उठाया गया था। उन्होंने सुरक्षा घेरे में रहते हुए भी सामान्य तरीके से यात्रा करने का फैसला किया, जिससे उनका यह कार-मुक्त सफर तुरंत चर्चा का विषय बन गया। इसे प्रधानमंत्री की भविष्य की चुनौतियों और संसाधनों के सही उपयोग संबंधी अपील से सीधा जोड़ा जा रहा है।

महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों और अधिकारियों की यात्राओं पर लगाई रोक
महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों और अधिकारियों के लिए एक विशेष एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें साझा वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन और कम ईंधन खपत वाले साधनों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने अब आधिकारिक यात्राओं के दौरान मंत्रियों द्वारा विमान उपयोग पर भी नियंत्रण लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने नर्देश दिया है कि किसी भी आधिकारिक विमान यात्रा से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा।उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी ऊर्जा संरक्षण का संदेश देते हुए इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग शुरू कर दिया है।

पीएम मोदी की अपील बनी नई सरकारी नीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मंत्रिमंडल की बैठक में पश्चिम एशिया संकट का जिक्र करते हुए मंत्रियों और अधिकारियों से खर्चों में कटौती तथा ईंधन बचाने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी है। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को छोटे काफिले रखने, विदेशी यात्राएं कम करने और जहां संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने की सलाह दी।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने खुद भी अपने हालिया गुजरात और असम दौरों में काफिले में शामिल वाहनों की संख्या घटाई। हालांकि, एसपीजी सुरक्षा प्रोटोकॉल से कोई समझौता नहीं किया गया।
भाजपा शासित राज्यों में दिखने लगा असर
प्रधानमंत्री की अपील के तुरंत बाद कई भाजपा शासित राज्यों ने तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने और मंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक घटाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जनता से भी ईंधन बचाने और अनावश्यक खर्चों से बचने की अपील की।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि अब उनके काफिले में न्यूनतम वाहन शामिल होंगे और वाहन रैलियों से परहेज किया जाएगा। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की भी बात कही।












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