Prateek Yadav Funeral VIDEO: प्रतीक को अंतिम विदाई, दूसरी तरफ बेटियों को संभालते अखिलेश, अपर्णा से भी की बात
Prateek Yadav Funeral Video, Akhilesh Yadav Stands: मुलायम सिंह यादव परिवार पर गहरा दुख छा गया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव 14 मई की दोपहर लखनऊ के बैकुंठ धाम पर पंचतत्व में विलीन हो गए। मात्र 38 साल की उम्र में उनका जाना पूरे परिवार के लिए अपूर्णीय क्षति है। अंतिम यात्रा में हजारों समर्थकों ने भावुक विदाई दी, तो श्मशान घाट पर दृश्य इतना मार्मिक था कि हर किसी की आंखें नम हो गईं।
एक तरफ चिता की लपटें भड़क रही थीं, दूसरी तरफ अखिलेश यादव छोटी-छोटी बेटियों को संभालते नजर आए। बड़े पापा का दुलार, नम आंखें और बेटियों को दिलासा देते हाथ...ये पल रिश्तों की मिठास और दर्द दोनों को साथ लेकर आए। सूबे की सियासत में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव (BJP नेता) भले ही एक-दूसरे के विरोधी हों, लेकिन इस गम की घड़ी में अखिलेश ने अपना पारिवारिक कत्वर्य निभाया है।

Prateek Yadav Last Rites: भावुक विदाई और यादें
प्रतीक यादव का निधन 13 मई की सुबह करीब 6 बजे हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मुख्य कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया। अंतिम यात्रा लखनऊ में उनके आवास से शुरू हुई। रास्ते भर हजारों कार्यकर्ता और समर्थक 'प्रतीक यादव अमर रहे' के नारे लगाते रहे। शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव ने शव को कंधा दिया। परंपरा के अनुसार, शव को पांच बार जमीन पर रखा गया। सपा कार्यालय के पास भी कुछ देर शव को विराम दिया गया, जहां कार्यकर्ताओं ने भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की।

Prateek Yadav Antim Sanskar: श्मशान घाट पर मार्मिक क्षण
श्मशान घाट पर पूरा माहौल गमगीन था। प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव के पिता अरविंद सिंह बिष्ट (पूर्व राज्य सूचना आयुक्त) ने चिता को मुखाग्नि दी। अखिलेश यादव ने भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। वहीं, प्रतीक की दोनों बेटियां प्रथमा और पद्मजा भी वहां मौजूद थीं। दोनों ने पिता की चिता पर लकड़ी चढ़ाई। अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और अखिलेश के बेटे अर्जुन यादव पूरे समय परिवार के साथ खड़े रहे।

Akhilesh Yadav Chocolate To Prateek Daughter: बड़े पापा का दुलार, चॉकलेट खिलाते अखिलेश
दर्द भरे माहौल में एक छोटा-सा पल उम्मीद और अपनापन जगाता रहा। अखिलेश यादव ने प्रतीक की छोटी बेटी को चॉकलेट खिलाई। जब पैकेट नहीं खुला, तो खुद रैपर फाड़कर बच्ची को चॉकलेट दी। बेटी बड़े पापा के हाथ से चॉकलेट खाती रही। आसपास खड़े लोग भावुक हो गए।
वायरल वीडियो को देखकर लोग कहा रहे हैं कि आखिर अपने तो अपने होते हैं। अखिलेश यादव ने दोनों बेटियों को अपने पास बिठाकर काफी देर तक संभाला। उन्हें दिलासा दिया, सिर सहलाया और प्यार से बात की। इन पलों ने दिखाया कि राजनीतिक तूफानों के बीच भी अखिलेश रिश्तों को कितनी गहराई से निभाते हैं। पत्नी अपर्णा के साथ भी अखिलेश ने शांतिपूर्ण बातचीत की। पूरे परिवार ने एकजुट होकर इस दुख की घड़ी को पार किया।

Prateek Yadav: परिवार के सबसे छोटे, सबसे सक्रिय
प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूर रहे। वे रियल एस्टेट, फिटनेस और पशु कल्याण के कार्यों में व्यस्त रहते थे। उनका 'Jeev Ashray' जैसा मिशन जानवरों के प्रति उनके लगाव को दर्शाता था। परिवार में वे सबके छोटे भाई थे, मुलायम सिंह यादव के सबसे छोटे पुत्र। उनकी अचानक मौत ने पूरे यादव परिवार को झकझोर दिया। अखिलेश यादव इन दिनों न सिर्फ बड़े भाई बल्कि बेटियों के लिए अभिभावक की भूमिका में नजर आए।
यादव परिवार की एकजुटता का संदेश
सौतेले रिश्तों की चर्चाओं के बीच यह अंतिम संस्कार परिवार की एकजुटता का प्रतीक बन गया। अखिलेश यादव ने पूरे समय शांत और संयमित रहते हुए परिवार को संभाला। नम आंखों से भाई को विदाई दी। शिवपाल यादव भी मौजूद रहे। राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग गुटों की बातें भले ही चलती रहें, लेकिन दुख की इस घड़ी में पूरा परिवार एक साथ खड़ा दिखा। अंतिम संस्कार के बाद अब 13 दिनों का क्रिया-कर्म चलेगा। परिवार शोक मना रहा है।
अंतिम विदाई: एक दर्द भरी याद
प्रतीक यादव की चिता जब धीरे-धीरे राख में बदल रही थी, उस वक्त श्मशान घाट पर सन्नाटा छाया हुआ था। हवा में सिर्फ आग की लपटों की आवाज और कभी-कभी सिसकियां सुनाई दे रही थीं। अखिलेश यादव की नम आंखें और बेटियों को थामे उनका हाथ, ये दृश्य जल्दी नहीं भूलेंगे। राजनीति में ताकत दिखाने वाले अखिलेश इस दिन पिता की कमी महसूस कर रही दो छोटी बच्चियों के लिए 'बड़े पापा' बनकर उभरे। प्रतीक यादव की आत्मा को शांति मिले। उनकी दोनों बेटियों को भगवान साहस दें। परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति मिले।













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