सीकर के जिस टीचर ने पकड़ी NEET की चोरी, उसकी शिकायत की वो 5 बड़ी बातें जिसने उड़ा दी NTA की नींद
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद में अब उस शिक्षक की शिकायत सबसे अहम दस्तावेज बन गई है जिसने सबसे पहले कथित 'गेस पेपर' को लेकर सवाल उठाए थे। राजस्थान के सीकर से जुड़े इस शिक्षक ने अपनी शिकायत में ऐसे कई दावे किए, जिनके बाद मामला सीधे केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंच गया। शिक्षक ने कहा था कि उसके पास ऐसे सबूत हैं जो यह संकेत देते हैं कि परीक्षा से पहले सवालों का सर्कुलेशन हुआ हो सकता है।
उसने जांच एजेंसियों को अपना मोबाइल तक फोरेंसिक जांच के लिए देने की बात कही थी। अब इसी शिकायत को पेपर लीक मामले की शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित PDF फाइल, WhatsApp मैसेज और हाथ से लिखे सवाल आखिर कहां से आए और कितने लोगों तक पहुंचे।

रात 1:30 बजे थाने पहुंचा था टीचर
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 4 मई की रात करीब 1:30 बजे एक शिक्षक उद्योग नगर थाने पहुंचे थे। वह राजस्थान के सीकर में एक बड़े कोचिंग संस्थान से जुड़े बताए गए हैं। थाने में उन्होंने कुछ दस्तावेज दिखाए और हाल ही में हुई NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताई। इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट के अनुसार, SHO राजेश कुमार ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने टीचर को लिखित शिकायत देने के लिए कहा था, लेकिन वह बिना शिकायत दिए ही वहां से चले गए।
'गेस पेपर' देखकर बढ़ा शक
दरअसल, एक दिन पहले यानी 3 मई की शाम शिक्षक के मकान मालिक ने उन्हें हाथ से लिखा एक कथित 'गेस पेपर' दिखाया था। मकान मालिक के बेटे ने यह पेपर केरल से भेजा था। जब शिक्षक ने सवालों को देखा तो उन्हें शक हुआ कि इनमें से कई सवाल NEET परीक्षा में पूछे गए असली सवालों से मिलते हैं। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले को गंभीरता से लेना शुरू किया।
शिकायत में क्या-क्या लिखा था?
7 मई की रात शिक्षक ने आखिरकार National Testing Agency को औपचारिक शिकायत भेजी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके पास करीब 60 पन्नों की एक PDF फाइल थी, जो हाथ से लिखी हुई लग रही थी। उन्होंने कहा कि PDF में केमिस्ट्री के लगभग 90 सवाल थे, जबकि बायोलॉजी के कई पन्नों में प्रश्न लिखे हुए थे। शिक्षक ने दावा किया कि इनमें से कई सवाल परीक्षा में आए सवालों से मेल खाते थे।
शिकायत में शिक्षक ने लिखा, "मैं अपना मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए देने को तैयार हूं और मेरे पास पूरे सबूत हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि NEET जैसी बड़ी परीक्षा में इस तरह की घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।
गैरकानूनी पहुंच और सर्कुलेशन का दावा
शिकायत में आगे कहा गया कि परिस्थितियां इस ओर इशारा करती हैं कि प्रश्नपत्र तक गैरकानूनी तरीके से पहुंच बनाई गई और फिर उसका सर्कुलेशन व ट्रांसमिशन किया गया। शिक्षक ने एजेंसियों से कथित पेपर लीक की तुरंत जांच शुरू करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो इससे परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का भरोसा कमजोर हो सकता है।
पत्रकारों से भी की थी बात
सूत्रों के अनुसार, शिक्षक ने पुलिस के पास जाने से पहले कुछ पत्रकारों से भी संपर्क किया था। हालांकि उस समय हालात पूरी तरह साफ नहीं थे, इसलिए उनके दावों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में जब उन्हें अपने कोचिंग संस्थान के मालिक का समर्थन मिला, तब उन्होंने NTA को औपचारिक शिकायत भेजने का फैसला किया।
शुरुआती जांच में शिक्षक को राहत
जांच एजेंसियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में शिक्षक की भूमिका संदिग्ध नहीं पाई गई। अधिकारियों का मानना है कि उन्हें कथित 'गेस पेपर' परीक्षा खत्म होने के बाद मिला था। इसी शिकायत के बाद NTA ने केंद्रीय एजेंसियों को सतर्क किया। बाद में जांच राजस्थान SOG तक पहुंची और फिर मामला CBI को सौंप दिया गया।
WhatsApp के एक नोट से खुली बड़ी परत
जांच के दौरान अधिकारियों को WhatsApp पर एक मैसेज के नीचे "Forwarded many times" लिखा दिखाई दिया। इसी नोट ने जांच एजेंसियों का शक और बढ़ा दिया। अधिकारियों को लगा कि मामला केवल सीमित स्तर तक नहीं है, बल्कि कथित सवाल बड़े नेटवर्क के जरिए कई लोगों तक पहुंचाए गए हो सकते हैं। अब एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित PDF फाइल और 'गेस पेपर' सबसे पहले कहां से निकला था।












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