Suvendu Adhikari PA Case: मुजफ्फरनगर से गिरफ्तारी!कौन है राजकुमार सिंह? जिसे चंद्रनाथ केस में CBI ने धर दबोचा
Suvendu Adhikari PA Case: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सनसनी मचा चुके सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को बड़ी कामयाबी मिली है। एजेंसी ने इस हाई-प्रोफाइल मामले के चौथे आरोपी राजकुमार सिंह को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया है।
इससे पहले कथित भाजपा नेता राज सिंह समेत तीन आरोपी पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़े हुए हैं। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर राजकुमार सिंह कौन है और इस हत्या में उसकी क्या भूमिका बताई जा रही है?

कौन है राजकुमार सिंह?
राजकुमार सिंह मूल रूप से बलिया जिले के रत्तोपुर गांव का निवासी का है। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह लंबे समय से मुख्य आरोपियों के संपर्क में था और हत्या की साजिश को अंजाम देने में उसकी अहम भूमिका रही। CBI सूत्रों का दावा है कि राजकुमार सिंह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था ताकि पुलिस और जांच एजेंसियों से बच सके। पुलिस के सहयोग से आरोपी को छपरा टोल प्लाजा पर पकड़ा गया है। वो हरिद्धार जाने वाला था लेकिन उससे पहले ही वो पुलिस के हाथों दबोच लिया गया।
बंगाल से भागकर यूपी में छिपा था राजकुमार राजकुमार सिंह
बताया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद वह पश्चिम बंगाल से निकलकर उत्तर प्रदेश पहुंच गया था। कई दिनों तक उसकी लोकेशन ट्रेस करने के बाद CBI ने मुजफ्फरनगर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। एजेंसी अब उससे पूछताछ कर हत्या की पूरी साजिश, फंडिंग और अन्य आरोपियों के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

इन आरोपियों की हो चुकी गिरफ्तारी
कोलकाता पुलिस ने इससे पहले बलिया के आनंद नगर निवासी राज सिंह को, बक्सर के रहने वाले उसके दो साथियों मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को गिरफ्तार कर चुकी है।
सदमे में हैं राजकुमार सिंह के पिता त्रिभुवन नारायण
राजकुमार सिंह के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह मीडिया ने कहा 'वो खुद सदमे में हैं, उन्हें नहीं पता कि राजकुमार कैसे इस चंगुल में फंसा। हमें तो CBI का फोन आया , तब पता चला कि वो अरेस्ट हुआ है। हमारा तो कोई बंगाल में है ही नहीं वो कैसे इस केस से जुड़ा , हमें समझ नहीं आ रहा है।'
6 मई को कहां था राजकुमार सिंह?
इस सवाल के जवाब में पिता ने कहा कि 'राजकुमार सिंह बीए फर्स्ट ईयर तक पढ़ा है लेकिन अपनी पढ़ाई उसने बीच में ही छोड़ दी थी और काम धंधे में लग गया था, हालांकि वो कोई काम स्थायी नहीं कर पाया, वो पीसीसी बनवाने के लिए हाईकोर्ट जा रहा है, ये कहकर गया था लेकिन वो कहां गया, हमें पता नहीं, मुझे नहीं समझ आ रहा है कि वो कोलकाता कैसे जा सकता है, अब सीबीआई ले गई है उसे तो वहीं सच बताएगी।'
6 मई को चंद्रनाथ रथ की हुई थी सरेआम हत्या
6 मई 2026 को चंद्रनाथ रथ, जो कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के सीएम सुवेंदु अधिकारी के करीबी माने जाते थे और लंबे समय से उनके PA के रूप में काम कर रहे थे, की सरेराह हत्या कर दी गई थी,इस केस की जांच
CBI कर रही है। इस केस में तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और आरोपियों के बीच संपर्कों के आधार पर अभी तक 4 गिरफ्तारियां हुई है को वहीं यूपी से ये दूसरी गिरफ्तारी है।

राजकुमार सिंह की चंद्रनाथ की हत्या में क्या है भूमिका?
सूत्रों के मुताबिक राजकुमार सिंह पर आरोप है कि उसने मुख्य आरोपियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट और छिपने में मदद की। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हत्या से पहले आरोपियों के बीच किसी बड़े आर्थिक या राजनीतिक विवाद को लेकर बातचीत हुई थी। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे क्या कोई व्यक्तिगत रंजिश भी थी और हत्या के पीछे मास्टरमाइंड कौन है? इस मामले में कथित भाजपा नेता राज सिंह समेत तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
'ममता बनर्जी को हराया इसलिए हुई चंद्रनाथ की हत्या'
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्ष और सत्ताधारी दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी ने सार्वजनिक तौर पर बयान दिया था कि 'उन्होंने इस बार के चुनाव में ममता बनर्जी को भवानीपुर से हराया है इसलिए मेरे पीए चंद्रनाथ की हत्या की गई है लेकिन मै वादा करता हूं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।'














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