Chandranath Rath Case: कौन है विभाष भट्टाचार्य ? चंद्रनाथ ही हत्या का धनबाद से कनेक्शन!

Chandranath Rath Case: पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच में झारखंड कनेक्शन का अहम खुलासा हुआ है। इंडिया टीवी की खबर के मुताबिक हमलावरों ने कथित तौर पर धनबाद में पंजीकृत एक वाहन की फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया था। बंगाल पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। खबर के मुताबिक हत्या में जिस मोटर साइकिल का इस्तेमाल हुआ वो एक सेलकर्मी के नाम पर दर्ज है, जिसका नाम विभाष भट्टाचार्य है।

वो धनबाद का निवासी है, उसका नाम सामने आने के बाद एसआईटी की टीम शुक्रवार रात धनबाद पहुंची और स्थानीय पाथरडीह पुलिस स्टेशन में लंबी पूछताछ की, जिसमें ये बात सामने आई है कि विभाष भट्टाचार्य का इस केस से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि हमलावरों ने अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल पर झारखंड रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक नकली नंबर प्लेट लगाई थी।

Chandranath Rath Case

विभाष भट्टाचार्य ने पुलिस को बताया कि 'उनकी बाइक घर पर ही खड़ी है।' जब पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की, तो पाया कि अपराधियों की बाइक और विभाष की बाइक के मॉडल और रंग में काफी अंतर है। विभाष के कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि वारदात के समय वे ड्यूटी पर थे और उनका दूर-दूर तक इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। इस सत्यापन के बाद, जांचकर्ताओं ने उन्हें मामले में 'क्लीन चिट' दे दी।

विभाष भट्टाचार्य पहले बंगाल में ही रहते थे

गौरतलब है कि मूल रूप से पश्चिम बंगाल के बर्नपुर के रहने वाले भट्टाचार्य कुछ साल पहले धनबाद के चास नाला कार्यालय में स्थानांतरित हुए थे। पुलिस को संदेह है कि 6 मई की रात को हुई चंद्रनाथ की हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।

आपको बता दें कि पूर्ब मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर में 11 अगस्त 1984 को जन्मे चंद्रनाथ रथ का सुवेंदु अधिकारी से नंबे के दशक से ही गहरा संबंध था। तब रथ और अधिकारी दोनों के परिवार तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे। उनकी मां, हासी रथ, पंचायत समिति की मुख्य कार्यकारी रह चुकी थीं लेकिन बाद में सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं थीं।

सुवेंदु अधिकारी के काफी करीबी थे चंद्रनाथ, टीएमसी से भी था नाता

रामकृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, चंद्रनाथ शॉर्ट सर्विस कमीशन के माध्यम से भारतीय वायु सेना में शामिल हुए। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे मूल रूप से साधु बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में करियर चुना। वायु सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद, वे कॉर्पोरेट क्षेत्र में चले गए और फिर सुवेंदु अधिकारी के साथ जुड़ गए और जब सुवेंदु ने टीएमएसी छोड़ी तो उन्होंने भी तृणमूल छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली थी।

रथ को छाती, पेट और सिर में लगी थीं गोलियां

वो सुवेंदु के काफी करीब थे और सबको उम्मीद थी कि उन्हें भाजपा की सरकार बनने के बाद अहम जिम्मेदारी मिलेगी। उन्होंने कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाली थी और 2026 के विधानसभा चुनाव में भवानीपुर अभियान के दौरान चुनाव संचालन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। रथ को छाती, पेट और सिर में गोलियां लगी थीं। उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके चालक बुद्धदेव भी गोलीबारी में घायल हो गए थे और उनका इलाज चल रहा है।

OLX के माध्यम से खरीदी थी हमलावरों ने बाइक!

जांचकर्ताओं को संदेह है कि हत्या पूरी तरह से सुनियोजित थी। पहले सूत्रों ने बताया था कि हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गई बाइक को OLX के माध्यम से खरीदा गया था। CID, फोरेंसिक विशेषज्ञ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फिलहाल सीसीटीवी फुटेज, बरामद कारतूस और मामले से जुड़े जब्त वाहनों की जांच कर रहे हैं।

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