Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

यूपी चुनाव: जब अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के चुनाव लड़ने के लगे थे पोस्टर

लखनऊ, 19 फरवरी। आजमगढ़ जिले का सरायमीर एक बार फिर चर्चा में है। अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में सरायमीर के अबु बशर को फांसी की सजा मिली है। ये वही सरायमीर है जहां अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम की पैदाइश हुई थी। अहमदाबाद केस में आजमगढ़ के चार अन्य दोषियों को भी फांसी मिली है। इतिहास में पहली बार आजमगढ़ के पांच लोगों को बम धमाके के लिए फांसी की सजा हुई है। इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत का सबसे ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है।

story of When posters of underworld don Abu Salem during up election

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सरायमीर का इस तरह से चर्चा में आना पूर्वांचल की राजनीति के लिए निर्णायक हो सकता है। वैसे तो आजमगढ़ जिले में सपा का प्रभाव है। 2017 में जिले की दस में से पांच सीटों पर सपा जीती थी। चार सीट बसपा को और एक सीट भाजपा को मिली थी। इस इलाके में भाजपा कमजोर रही है। लेकिन अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का ऐतिहासिक फैसला, चुनाव के नैरेटिव को चेंज कर सकता है।

आजमगढ़ में कमजोर रही है भाजपा

आजमगढ़ में कमजोर रही है भाजपा

मुस्लिम और यादव बहुल इलाका होने के कारण आजमगढ़ जिले में भाजपा की स्थिति कमजोर रही है। 1991 के राम मंदिर लहर में भाजपा को सरायमीर और मेंहनगर की सीट पर जीत मिली थी। फिर 1996 में लालगंज की सीट पर कमल खिला था। लेकिन इसके बाद भाजपा को यहां जीत के लिए 21 तक इंतजार करना पड़ा। 2017 में भाजपा को फूलपुर पवई में जीत मिली थी। भाजपा को यह जीत दिलायी थी पूर्व सांसद रमाकांत यादव के पुत्र अरुण यादव ने। लेकिन 2022 के चुनाव में भाजपा ने आजमगढ़ में बहुत मेहनत की है। अखिलेश यादव आजमगढ़ से ही सांसद हैं। भाजपा आजमगढ़ में अपनी जमीन मजबूत कर वह अखिलेश यादव पर मनौवैज्ञानिक बढ़त बनाना चाहती है। चार महीना पहले गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ आजमगढ़ गये थे। वहां आजमगढ़ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया था। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया था। यह एक्सप्रेसवे आजमगढ़ से होते हुए जाता है।

2022 में भाजपा की स्थिति

2022 में भाजपा की स्थिति

2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की नीलम सोनकर लालगंज में, सगड़ी में वंदना सिंह, मेहनगर में मंजू सरोज जोरदार चुनौती पेश कर रही हैं। मेहनगर सपा की सीट थी। कल्पनाथ पासवान यहां से जीते थे। लेकिन इस बार सपा ने यह सीट सुभासपा को दे दी। सुभासपा की पूजा सरोज, भाजपा की मंजू सरोज और बसपा के पंकज कुमार के बीच मुकाबला है। सगड़ी सीट पर 2017 में बसपा की वंदना सिंह जीती थी। 2022 में वे भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। वंदना सिंह का मुकाबला सपा के एचएम पटेल और बसपा के शंकर यादव से है। लालगंज में बसपा के मौजूदा विधायक आजाद अरिमर्दन को चुनौती दे रही हैं भाजपा की नीलम सोनकर। नीलम सोनकर पूर्व सांसद रही हैं। सपा के बेचई सरोज यहां मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं। बेचई सरोज 2012 में यहां से विधायक चुने गये थे।

आजमगढ़ के पांच दोषियों को फांसी की सजा

आजमगढ़ के पांच दोषियों को फांसी की सजा

आजमगढ़ के सरायमीर को आतंकी कनेक्शन के लिए भी जाना जाता है। मुम्बई का अंडर वर्ल्ड डॉन अबू सलेम सरायमीर का ही रहने वाला था। 1993 के मुम्बई धमाके में उसका दोष साबित हुआ था। इस घटना में 257 लोग मारे गये थे। 2017 में अबु सलेम को मुम्बई ब्लास्ट केस में उम्रकैद की सजा हुई थी। आजमगढ़ जिले के शिवराजपुर के रहने वाले रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा हुई थी। अब अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में सरायमीर के अबु बशर समेत आजमगढ़ के पांच दोषियों को फांसी की सजा मिली है। फांसी की सजा पाये चार अन्य चार के नाम हैं, मो, आरिफ, मौ. सैफ, जिशान अहमद और शैफुर रहमान। अहमदाबाद सीरियम ब्लास्ट 26 जुलाई 2008 को हुआ था जिसमें 56 लोगों की मौत हुई थी। इस खूनी घटना का मास्टर माइंड अबू बशर था।

2007 में जह अबू सलेम के चुनाव लड़ने के सटे थे पोस्टर

2007 में जह अबू सलेम के चुनाव लड़ने के सटे थे पोस्टर

मुम्बई सीरियल ब्लास्ट मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे अबू सलेम ने 2007 में विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहा था। उसने आजमगढ़ के मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का मन बनाया था। उस समय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी नामक एक दल ने सलेम को अपना उम्मीदवार बनाने की घोषणा की थी। मुबारकपुर में अबु सलेम के चुनाव लड़ने के सैकड़ों पोस्टर भी सट गये थे। लेकिन उसका नाम सरायमीर की मतदाता सूची में नहीं था। उसके वकीलों ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कोशिश की थी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसकी वजह से वह चुनाव नहीं लड़ पाया था। 2011 में जब उसकी चाची की मौत हुई थी तब वह टाडा अदालत की इजाजत से अपने गांव सरायमीर आया था। तब उसने कहा था, अब मैंने राजनीति में आने का इरादा छोड़ दिया है। कानूनी बंदिशों के कारण सलेम चुनाव नहीं लड़ सकता था। इसलिए उसका मंसूबा पूरा नहीं हुआ। लेकिन आतंकी कनेक्शन से आजमगढ़ की राजनीति अछूती नहीं है।

यह भी पढ़ें: यूपी चुनाव के बीच कूदे KRK, सीएम योगी को लेकर बोल दी ये बात, हुए ट्रोल

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+