संभल मस्जिद विवाद पर बोलीं मायावती, सरकार और सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए
Sambhal Mosque Controversy: बसपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार (22 नवंबर) को सरकार और सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद को लेकर उठे विवाद का संज्ञान लेने की अपील की है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "यूपी के संभल जिले की शाही जामा मस्जिद को लेकर अचानक उठे विवाद, सुनवाई और फिर जल्दबाजी में किए गए सर्वेक्षण की खबर राष्ट्रीय चर्चा और मीडिया की सुर्खियों में है। सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट को इस तरह से सौहार्द और माहौल खराब करने का भी संज्ञान लेना चाहिए।"

जानिए क्या है संभल मस्जिद विवाद मामला?
संभल जिले की एक अदालत के आदेश पर मंगलवार (19 नवंबर) को जामा मस्जिद का सर्वेक्षण कराया गया था। दावा किया जाता है कि यह मस्जिद एक मंदिर को तोड़कर बनाई गई है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने मंगलवार को कहा था कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के लिए 'अधिवक्ता आयोग' गठित करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि आयोग के जरिए वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी सर्वेक्षण कराया जाए और इस संबंध में रिपोर्ट दाखिल की जाए। जैन ने कहा, "संभल का हरिहर मंदिर हमारी आस्था का केंद्र है। हमारी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दशावतार में कल्कि अवतार का जन्म यहीं होना है। वर्ष 1529 में बाबर ने मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाने की कोशिश की थी। यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित क्षेत्र है। इसमें किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं किया जा सकता।"












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