UP Storm Death List: यूपी में मची ऐसी तबाही! 111 मौतें, 4300KM दूर बैठे Putin भी दहले-PM मोदी से क्या कहा?
UP Storm Death List: उत्तर प्रदेश में 13 मई की रात से 14 मई सुबह तक आए भीषण तूफान, भारी बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि ने राज्य के 25 जिलों में भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 111 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित पूर्वांचल और बुंदेलखंड के जिले रहे, जहां फसलें बर्बाद हो गईं, मकान क्षतिग्रस्त हुए और पशुधन की भारी हानि हुई। यह आपदा न सिर्फ जान-माल की क्षति का कारण बनी, बल्कि राज्य सरकार के लिए बड़े स्तर पर राहत और पुनर्वास का चुनौतीपूर्ण कार्य भी लेकर आई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कहां-कहां कितनी मौतें?

UP Death List: मौतों का जिला-वार आंकड़ा
राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद के अनुसार, सबसे अधिक मौतें इन जिलों में हुईं:
- प्रयागराज: 21 मौतें
- मिर्जापुर: 19 मौतें
- संत रविदास नगर (भदोही): 16 मौतें
- फतेहपुर: 11 मौतें
इसके अलावा बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोही, उन्नाव समेत कुल 25 जिलों में जान-माल का नुकसान दर्ज किया गया। राज्य में 170 पशुधन की मौत हुई, जबकि 227 मकान क्षतिग्रस्त हुए।
भामोरा का वायरल वीडियो: हवा में 50 फीट उड़े व्यक्ति
बरेली जिले के भामोरा इलाके के बाबियाना गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। नन्हे अंसारी नामक व्यक्ति तेज हवा के साथ टिन की छत समेत लगभग 50 फीट ऊपर उड़ गए और मक्के के खेत में गिरे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें तूफान की भयावहता साफ दिख रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का त्वरित एक्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने तुरंत संज्ञान लिया और मृतकों के परिवारों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- जिला मजिस्ट्रेटों को राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू करने के आदेश।
- मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि (मुआवजा) शीघ्र वितरित करना।
- घायलों का उचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद।
- हर तीन घंटे में मुख्यमंत्री कार्यालय को स्थिति रिपोर्ट भेजना।
- प्रभारी मंत्रियों को शुक्रवार को प्रभावित जिलों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश।
- फसलों और मकानों के नुकसान का सर्वेक्षण जल्द पूरा कर मुआवजा वितरण सुनिश्चित करना।
राज्य सरकार ने एकीकृत नियंत्रण एवं कमान केंद्र बनाया है, जो सभी 25 जिलों पर लगातार नजर रख रहा है।
पुतिन का शोक संदेश: रूस-भारत की मजबूत दोस्ती का प्रतीक
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने इस आपदा पर भारत को संवेदना व्यक्त की। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अलग-अलग संदेश भेजे।
क्रेमलिन के संदेश में कहा गया कि इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति मेरी संवेदना और समर्थन व्यक्त करें। घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। यह पुतिन का भारत के प्रति संवेदनशील रुख है। इससे पहले भी उन्होंने गुजरात एयरक्रैश (2025), जम्मू-कश्मीर आतंकी हमला और उत्तर प्रदेश भगदड़ (2024) जैसी घटनाओं पर शोक संदेश भेजे थे। रूस-भारत के बीच आपदा प्रबंधन और राजनयिक सहयोग की यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
क्यों हो रही है ऐसी आपदाएं? जलवायु परिवर्तन का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मई के महीने में अचानक तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्लोबल वार्मिंग, अनियमित मानसून पैटर्न और स्थानीय पर्यावरणीय असंतुलन इसके प्रमुख कारण हैं। इस बार तूफान के साथ 2-3 सेंटीमीटर तक बड़े ओले गिरे, जिन्होंने खड़ी फसलों (गेहूं, सरसों, मक्का आदि) को भारी नुकसान पहुंचाया। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिरे और सड़क यातायात बाधित हुआ।
राहत कार्य: क्या-क्या हो रहा है?
- मुआवजा: मृतकों के परिवार को 4 लाख रुपये, घायलों को 50 हजार रुपये तक।
- फसल नुकसान: कृषि विभाग सर्वे कर रहा है।
- घरों का नुकसान: पीडब्ल्यूडी और ग्राम विकास विभाग मरम्मत/पुनर्निर्माण में लगे।
- पशुधन: पशुपालन विभाग मृत पशुओं का मुआवजा और चारे का इंतजाम कर रहा है।
- बिजली: बिजली विभाग क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने में जुटा है।
- मेडिकल टीमें: घायलों के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट्स भेजी गईं।
सरकार ने जिला मजिस्ट्रेटों को सोशल मीडिया पर राहत कार्यों की अपडेट देने को भी कहा है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।













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