Prateek Yadav Death: क्या ये डेथ अननैचुरल थी? सपा प्रवक्ता ने Oneindia पर किया 'मौत की गुत्थी' का पोस्टमॉर्टम
Prateek Yadav Death News Big Updates: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव (38) की अचानक मौत ने पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति और यादव परिवार को हिलाकर रख दिया है। 14 मई की दोपहर लखनऊ के बैकुंठ धाम में प्रतीका का अंतिम संस्कार हो गया, लेकिन मौत को लेकर सवाल अभी भी थमे नहीं हैं।
सपा नेता रविदास महरोत्रा के बयान, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मुखाग्नि का विवाद और NHRC शिकायत ने मामले को नई दिशा दी है। Oneindia के कार्यक्रम 'Tarkash' में सपा प्रवक्ता अतुल यादव (Atul Yadav) ने कई बडे खुलासे किए। आइए सवाल-जवाब में जानते हैं क्या कुछ कहा?

सवाल 1: प्रतीक यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई और पोस्टमॉर्टम क्यों कराया गया?
अतुल यादव बताते हैं कि प्रतीक यादव का निधन 13 मई को सुबह करीब 6 बजे हुआ। परिवार के अनुसार, वे अचानक बीमार पड़े और सिविल अस्पताल ले जाते समय या पहुंचते-पहुंचते उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम KGMU में चार डॉक्टरों की टीम ने किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हुई। चूंकि मौत अचानक हुई और चोटों के निशान थे, इसलिए पोस्टमॉर्टम जरूरी था। सामान्य मौत में पोस्टमॉर्टम नहीं होता।
सवाल 2: सपा नेता रविदास महरोत्रा ने 'जहर' की बात क्यों कही? उनके बयान का क्या मतलब है?
अतुल यादव ने कहा कि लोकतंत्र में कोई अपनी बात रख सकता है। पोस्टमॉर्टम हो चुका है, पुलिस जांच कर रही है। प्रतीक का लैपटॉप और मोबाइल जब्त किया गया है। परिवार शोक में है, जल्दबाजी में कुछ कहना उचित नहीं। आपको बता दें कि 13 मई को रविदास महरोत्रा (वरिष्ठ सपा नेता और पूर्व मंत्री) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि प्रतीक को अस्पताल ले जाते समय मौत हो चुकी थी। शरीर पर चोट के निशान थे, शरीर नीला पड़ा था और जहर दिए जाने का शक है। उन्होंने हाई कोर्ट के पूर्व जज से जांच कराने की मांग की।
सवाल 3: अंतिम संस्कार में मुखाग्नि ससुर अरविंद बिष्ट ने क्यों दी? अखिलेश यादव ने क्यों नहीं दी?
अतुल यादव ने परिवार का आंतरिक फैसला बताया और टिप्पणी करने से इनकार किया। वनइंडिया ने कहा कि आधुनिक समय में पत्नी/बेटियां भी दे सकती हैं, लेकिन बड़े भाई मौजूद होने पर ससुर द्वारा मुखाग्नि दिए जाने से सवाल उठ रहे हैं। यह परिवार की आंतरिक सहमति या भावनाओं को दर्शा सकता है।
सवाल 4: प्रतीक की चिता को अखिलेश यादव ने मुखाग्नि क्यों नहीं दी? उनकी भूमिका पर क्या कहेंगे?
सपा प्रवक्ता अतुल यादव ने कहा कि घटना कर जानकारी मिलते ही अखिलेश यादव तुरंत अस्पताल पहुंचे, पोस्टमॉर्टम हाउस गए और पूरे समय परिवार के साथ रहे। उन्होंने प्रतीक की बेटियों को संभाला। अतुल यादव ने अखिलेश की भूमिका की तारीफ की, बड़े भाई और अभिभावक के रूप में उन्होंने पूरा कर्तव्य निभाया। परिवार की एकजुटता दिखी।
सवाल 5: NHRC में शिकायत क्यों दर्ज हुई? SIT और CFSL की मांग क्या है?
अतुल कहते हैं कि मामले की जांच चल रही है। मैं पार्टी का प्रवक्ता हूं, परिवार की बातों के विषय में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। प्रतीक राजनीति से दूर थे, इसलिए व्यक्तिगत तौर पर उनके बारे में कुछ नहीं कह सकता। प्रतीक, नेता जी (मुलायम सिंह यादव) के पुत्र के रूप में थे।
सवाल 6: प्रतीक यादव पर क्या आर्थिक/व्यक्तिगत दबाव था?
अतुल यादव ने व्यक्तिगत जीवन पर टिप्पणी से इनकार किया। आपको बता दें कि, अखिलेश के एक बयान के अनुसार, प्रतीक का व्यापार में नुकसान हुआ था।
सवाल 7: यादव परिवार में क्या असर पड़ेगा? अपर्णा और परिवार की तल्खी पर क्या कहेंगे?
अतुल यादव ने परिवार की निजी बातों पर टिप्पणी करने से बचते हुए राजनीतिक संयम की बात कही।
सवाल 8: आगे क्या होगा? जांच का रुख कैसा है?
अतुल यादव ने जांच पर भरोसा जताया और संयम बरतने की अपील की।
सवाल 9: प्रतीक यादव की मौत क्या अननैचुरल थी?
अतुल यादव ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति की नेचुरल डेथ होती है तो पोस्टमार्टम की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे मामलों में जब मौत संदिग्ध या डाउटफुल लगती है, तब पुलिस जांच और पड़ताल करती है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, वे मीडिया और परिवार दोनों के सामने रखे जाएंगे। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
प्रतीक यादव की मौत एक युवा जीवन का दुखद अंत है। पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच के नतीजे अंतिम सच्चाई बताएंगे। परिवार शोक में है। दो छोटी बेटियों का भविष्य और यादव खानदान की एकजुटता इस घड़ी की सबसे बड़ी चुनौती है। राजनीतिक परिवारों में भी व्यक्तिगत दुख और सवाल उठते हैं। सच्चाई सामने आने तक संयम और संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। प्रतीक यादव की आत्मा को शांति मिले।













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