यूपी चुनाव: महाभारत के नकुल के नाम पर है यह विधानसभा सीट

ये सीट महाभारत के पांंडव पुत्र नकुल के नाम से बनी है। महाभारत काल में नकुल ने यहां के महादेव मंदिर में भगवान शंकर की तपस्या की थी। तभी से इस क्षेत्र को नकुल बाद में नकुड़ के नाम से जाना जाता है।

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश में नंबर दो विधानसभा सीट महाभारत के पांंडव पुत्र नकुल के नाम से बनी है। महाभारत काल में नकुल ने यहां के महादेव मंदिर में भगवान शंकर की तपस्या की थी। तभी से इस क्षेत्र को नकुल और फिर बाद में इसे नकुड़ के नाम से जाना जाता है। इस सीट पर बसपा का कब्जा रहा है, लेकिन इस बार इस सीट को बीजेपी कब्जाने की कोशिश कर रही है। यह वही सीट है, जिस पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक और लोकसभा चुनाव में मोदी की बोटी-बोटी करने की बात कह विवादों में आने वाले इमरान मसूद भी इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

यूपी चुनाव: महाभारत के नकुल के नाम पर है यह विधानसभा सीट
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बता दें कि नकुड़ का वास्तविक नाम नकुल है। लेकिन जैसे-जैसे समय बदलता गया, नकुल नाम में भी परिवर्तन होता गया। महाभारत काल में पांडव पुत्रों ने सहारनपुर जनपद में अपना वनवास का काल गुजारा था। उस समय पांडव पुत्र नकुल ने नकुड़ कस्बे में शिवलिंग स्थापित कर भगवान शंकर की तपस्या की थी। तभी यहां पर शिव मंदिर की स्थापना हुई और इस क्षेत्र का नाम नकुल पड़ा। नकुड़ के पास से ही दिल्ली और मथुरा को जाने वाली यमुना नदी भी यहां से सटकर बहती है। आजादी के बाद से इस क्षेत्र में आज तक ये क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में अति पिछड़ा हुआ है। उच्च शिक्षा के लिए यहां पर एक निजी डिग्री कॉलेज है। क्षेत्र में आज तक रेल लाइन नहीं पहुंच सकी है। खेती में यहां पर धान, गेहूं और गन्ने की फसल प्रमुख है और इन फसलों पर ही क्षेत्र के लोगों का जीवन आधारित है।

प्रदेश की नंबर दो विधानसभा सीट नकुड़ का क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है। वर्ष 2012 से पहले इस सीट को सरसावा के नाम से जाना जाता था, लेकिन 2012 में हुए परिसीमन के बाद इस सीट का नाम सरसावा से नकुड़ हो गया। नकुड़ सहारनपुर जनपद मुख्यालय से उत्तर की ओर बसा बेहद ही पिछड़ा हुआ क्षेत्र है। राजनीतिक दृष्टिकोण से इस सीट से जीत दर्ज कर पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. चौधरी यशपाल सिंह विधानसभा और लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उक्त दोनों नेताओं का राजनीतिक घराना यूपी की राजनीति में अच्छी पकड़ रखता आया है। रानीतिक इतिहास पर नजर डाले तो वर्ष 2002 से इस सीट पर बसपा प्रत्याशी ही अपनी जीत दर्ज करते आए हैं। इस बार इस सीट पर भाजपा ने डा. धर्म सिंह सैनी, बसपा ने नवीन चौधरी और कांग्रेस ने पूर्व विधायक इमरान मसूद को मैदान में उतारा है। गुर्जर और मुस्लिम बाहुल्य यह सीट है।

नकुड़ सीट पर अब तक रहे विधायक
1991- मोहम्मद हसर, जनता दल
1993- निर्यभ पाल शर्मा, कांग्रेस
1996- निर्यभपाल शर्मा, भाजपा
2001(उप चुनाव)- राघव लखनपाल शर्मा, भाजपा
2002- डा. धर्म सिंह सैनी, बसपा
2007- डा. धर्म सिंह सैनी, बसपा
2012- डा. धर्म सिंह सैनी, बसपा

नकुड़ सीट पर मतदाता
पुरुष मतदाता-145243
महिला मतदाता-153665
थर्ड जेंडर- 7
कुल मतदाता- 328975
मतदान केंद्र- 220
मतदेय स्थल-347 ये भी पढे़ं:पश्चिमी यूपी में मायावती ने फिर से खेला दलित-मुस्लिम कार्ड

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