Pakistan CCTV Theft: चोरी रोकने के लिए लगाए CCTV कैमरे ही उड़ा ले गए चोर, 26 दिन बाद पुलिस कैसे लगी खबर?
Pakistan CCTV Theft: पाकिस्तान में चोरों की हाथ की सफाई अब अखबारों में छा गई है। दरअसल चोरों ने ऐसी-वैसी चीजें छोड़ उस चीज को निशाना बनाया जो इसलिए लगाई गई थी ताकि अपराध न हो। हम बात कर रहे हैं CCTV कैमरों की। राजधानी इस्लमाबाद में अपराध रोकने और शहर पर नजर रखने के लिए सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए CCTV कैमरों को ही चोर उड़ा ले गए।
हैरानी की बात यह है कि जिन कैमरों का काम अपराधियों को पकड़ना है, उनके चोरी होने के बाद अधिकारियों को कई दिनों तक इसकी भनक तक नहीं लगी। यह एक महीने के भीतर दूसरी ऐसी घटना है, जिसने निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

G-9/4 से लाखों रुपये के कैमरे चोरी
रिपोर्ट के मुताबिक, 5 मई 2026 को G-9/4 इलाके से सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तीन डोम कैमरे और उनका पूरा कैबिनेट चोरी हो गया। चोरी हुए इक्विपमेंट्स की कुल कीमत 5 लाख 49 हजार 500 रुपये बताई गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रिकॉर्ड किए गए फुटेज में दो लोगों को चोरी करते हुए साफ देखा गया था। इसके बावजूद पुलिस को इस घटना की जानकारी लगभग तीन सप्ताह बाद मिली, जबकि जिन अधिकारियों की ये जिम्मेदारी होनी थी उनको भी चोरी का पता 26 दिन बाद चला।
तीन हफ्ते तक ऑफलाइन रहे कैमरे, किसी को खबर नहीं
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चोरी हुए कैमरे 5 मई से ही ऑफलाइन थे। लेकिन सिस्टम की निगरानी करने वाली टीम या अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। 31 मई को तकनीकी टीम को कैमरों की जांच के लिए मौके पर भेजा गया। वहां पहुंचकर पता चला कि कैमरे और उनका पूरा कैबिनेट ही गायब है। इसके बाद अंतिम रिकॉर्ड किए गए फुटेज की जांच की गई, जिसमें चोरी की घटना सामने आई और तब जाकर मामला दर्ज हुआ।
मजे की बात: इससे पहले भी हो चुकी है ऐसी वारदात
यह पहली बार नहीं है जब सेफ सिटी प्रोजेक्ट के उपकरण चोरी हुए हों। इससे पहले 19 अप्रैल 2026 को फ़ैज़ाबाद मेट्रो स्टेशन से एक फेस रिकॉग्निशन कैमरा चोरी हो गया था। उस मामले में भी कैमरा लगातार ऑफलाइन दिख रहा था। जब तकनीकी टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची तो कैमरा गायब मिला। हैरानी की बात यह रही कि चोरी का पता लगाने और FIR दर्ज कराने में सेफ सिटी अधिकारियों को पूरे 9 दिन लग गए थे। इसके अलावा बीते साल पिछले साल अक्टूबर में भी ऐसा ही मामला सामने आया है और उसी थाना इलाके में, जिसमें हाल का मामला सामने आया।
पहले भी गायब हुए थे 11 लाख रुपये के कैमरे
मार्च 2024 में भी इसी तरह की एक बड़ी घटना सामने आई थी। कोरल फ्लाईओवर पर लगे सेफ सिटी प्रोजेक्ट के दो कैमरे गायब पाए गए थे। इन कैमरों की कुल कीमत लगभग 11 लाख रुपये बताई गई थी। सितंबर 2023 में भी मार्गल्ला पुलिस स्टेशन के पास सेफ सिटी प्रोजेक्ट का एक कैमरा चोरी हो गया था। इस कैमरे की कीमत लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये थी।
एक तरफ ये कैमरे शहर को सुरक्षित बनाने के लिए लगाए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ बार-बार इन्हीं कैमरों की चोरी होना दिखाता है कि सिस्टम में कहीं न कहीं बड़ी खामी मौजूद है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को कितना मजबूत बना पाता है।
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