पश्चिमी यूपी में मायावती ने फिर से खेला दलित-मुस्लिम कार्ड
बुलंदशहर में चुनावी रैली में मायावती ने सपा और भाजपा पर जमकर बोला हमला, मुलायम ने पुत्र मोह में शिवपाल यादव का अपमान किया।
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल में तमाम राजनितक दल अपना प्रचार अभियान शुरु कर दिया, एक तरफ जहां अखिलेश यादव मुजफ्फरनगर में रैली को संबोधित कर रहे हैं तो दूसरी तरफ बसपा सुप्रीमो मायावती ने बुलंदशहर में चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान मायावती ने कहा कि लोग बसपा की सरकार बनाने का पूरा मन बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि लोग काशीराम व बाबा साहब का सपना पूरा करने के लिए बसपा को वोट करेंगे। लोग अपनी एकमात्र हितैशी पार्टी बसपा को वोट करेंगे और सपा को सत्ता से बाहर करेंगे।

मायावती के भाषण के मुख्य अंश
- प्रदेश के पुलिस व प्रशासन से जुड़े सभी छोटे-बड़े अधिकारियों को चुस्त व दुरुस्त किया जाएगा।
- पलायन को नहीं होने दिया जाएगा और लोगों की रोजी-रोटी का खयाल रखा जाएगा।
- सपा सरकार की तरह हवाई योजनाओं के शिलान्यास नहीं किए जाएंगे।
- सरकारी भर्तियों में घोटाले की भी जांच की जाएगी।
- प्रदेश में फिर से स्मारक और मूर्ति स्थापित नहीं किए जाएंगे क्योंकि यह पिछली सरकार में पूरे कर दिए गए हैं, इस बार प्रदेश को विकसित करने के काम किए जाएंगे।
- अब प्रदेश के स्कूलों में आधा कच्चा खाना नहीं बल्कि दूध, अंडा और फल दिया जाएगा और इसकी गुणवत्ता का विशेष खयाल रखा जाएगा।
- बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता नहीं बल्की सीधे सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में सीधे नौकरी दी जाएगी।
- मेरी सरकार में जनहित व जनकल्याण की जो योजनाएं शुरु की गई थी उन्हें फिर से शुरु किया जाएगा।
- गन्ना किसानों की बकाया पड़ी धनराशि का भी जल्द से जल्द भुगतान कराया जाएगा।
- मेरे पूर्व के शासन काल की तरफ मेेरी सरकार आने के बाद वकील, किसान, छात्र, बुजुर्गों के हित व कल्याण का पूरा-पूरा ध्यान रखा जाएगी।
- भाजपा को वोट देने का मतलब खुद के आरक्षण के खिलाफ वोट देना है।
- भाजपा सत्ता में आई तो लोगों का आरक्षण खत्म कर सकती है, लिहाजा भाजपा को कतई वोट नहीं देना है।
- विरोधी पार्टियों द्वारा मैनेज ओपीनियन पोल की पोल रिजल्ट आने के बाद खुल जाएगी।
- सच्चर कमेटी की सिफारिशें भाजपा के शासन काल में लागू नहीं हो सकती है।
- गोरक्षा, देशभक्ति, लव जिहाद के नाम पर लोगों परेशान किया जा रहा है, जिससे अल्पसंख्यकों में असुरक्षा बनी रहती है
- जामिया का अल्पसंख्यक होने का दर्जा छीना जा रहा है, कॉमन सिविल कोड में दखल देने की कोशिश की जा रही है।
- पिछले दिनों में दलितों पर अत्याचार काफी बढ़ा है, रोहित वेमुला, उना का मामला इसका ज्वलंत उदाहरण है।
- सपा और कांग्रेस की मिलीभगत के चलते पदोन्नति में प्रमोशन आजतक अटका हुआ है।
- भाजपा ने अपना एक ही वायदा पूरा किया है अपने खास धन्नासेठों को पहले से भी अधिक मालामाल बना दिया है, जिसके दम पर वह राज्य में भी सत्ता में आने का सपना देख रही है।
- भाजपा ने अपने बजट में नहीं बताया कि नोटबंदी के बाद तीन महीने में कितना पैसा इकट्ठा किया और किसे गिरफ्तार किया, इससे साफ है कि यह सिर्फ लोगों का ध्यान बांटने के लिए यह फैसला लिया गया था।
- नोटबंदी को राष्ट्रहित से जोड़कर इसे लागू किया, जिसकी मार से देश में 90 फीसदी लोग अभी तक उभर नहीं पा रहे हैं, करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए हैं।
- जनता का ध्यान बांटने के लिए इन लोगों ने किस्म किस्म की नाटकबाजी की है।
- इनका यह खास चुनावी वायदा भी हवा-हवाई और चुनावी जुमला बनरक रह गया है।
- भाजपा ने वायदा किया था कि वह सरकार बनने के 100 दिन के भीतर कालाधन वापस लाकर लोगों के खाते में 15 लाख रुपए डालेगी, लेकिन मैं पूछना चाहती हूं कि क्या इन लोगों ने अपना यह वायदा पूरा किया है।
- केंद्र में भाजपा की मोदी सरकार गलत नीतियों के चलते लोग केंद्र की सरकार से त्रस्त है।
- भाजपा को हराने के लिए बसपा पूरी तरह से सक्रिय है, ऐसे में अल्पसंख्यक वोट हमारे साथ आने से भाजपा को जबरदस्त नुकसान होगा।
- जो अल्पसंख्यक वोट सपा को देगा वह ना सिर्फ बेकार होगा बल्कि इसका सीधा फायदा भाजपा को हो सकता है।
- सपा नेता मुलायम ने पुत्र मोह के लिए शिवपाल यादव को जनता के सामने अपमानित किया है, जिसके बाद शिवपाल यादव और उनके समर्थक अखिलेश खेमे को नुकसान पहुंचाएंगे। इससे साफ है को दोनों खेमे एक दूसरे को हराने की कोशिश करेंगे और इनका वोट बैंक बंटकर रह जाएगा।
- सपा सरकार ने विकास व दलित के लिए जो भी थोड़े बहुत काम किए हैं उसकी शुरुआत बसपा सरकार ने कर दी थी, जिसमें लखनऊ मेट्रो, एक्सप्रेस वे है। हमारी योजनाओं के नामों को बदला गया।
- पूरे प्रदेश में असुरक्षा और अराजकता का माहौल रहा, प्रदेश की जनता का पैसा करोड़ों रुपए गलत तरीके से खर्च किया गया।
- दादरी में अति दर्दनाक घटना घटी, जिसमें पुलिस अधिकारी की जान चली गई, बुलंदशहर में शर्मनाक कांड हुआ। पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल रहा।
- पूरे प्रदेश में चोरी, लूट, डकैती, अल्पसंख्यकों, दलितों पर हिंसा इस सरकार के दौरान चरम पर था।
- लोगों को यह तय करना है कि कानून द्वारा कानून का राज स्थापित करने वाली बसपा को वोट दें या ऐसे गठबंधन को जो सिर्फ स्वार्थ के लिए बना है।
- समाजविरोधी सपा के साथ कांग्रेस ने गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है, सपा विफल शासन के जानी जाती है, ऐसे में लोगों को यह तय करना है कि वह किसे वोट देना चाहती है।
- कांग्रेस ने यूपी में तकरीबन 35 वर्ष जबकि केंद्र तकरीबन 54 साल तक राज किया, लेकिन तमाम जगहों से सत्ता से बाहर आ चुकी है, उससे सपा ने गठबंधन किया है।
- सपा शुरु से ही कानून व्यवस्था में फेल रही है और अब कांग्रेस के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है।
- ऐसे हालात में भाजपा प्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर किसी के नाम की घोषणा करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई है।
- भाजपा के तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान केंद्र व पांच साल में सपा सरकार ने गरीब, दलित, किसान, अल्पसंख्यकों के लिए कुछ भी नहीं किया












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